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#Chinavirus इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर भी तबलीगी जमात में हुए थे शामिल, सच छिपाने पर एफआईआर

#Chinavirus इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर भी तबलीगी जमात में हुए थे शामिल, सच छिपाने पर एफआईआर

देश में चीनी वायरस फैलाने के मामले में घिरे कट्टरवादी संगठन तबलीगी जमात के धार्मिक जलसे में शामिल होने वाले सदस्यों की फेहरिस्त इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर का नाम भी जुड़ गया है

न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
देश में चीनी वायरस फैलाने के मामले में घिरे कट्टरवादी संगठन तबलीगी जमात के धार्मिक जलसे में शामिल होने वाले सदस्यों की फेहरिस्त इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर का नाम भी जुड़ गया है। हालांकि, प्रोफेसर ने दिल्ली से लौटने के बाद पुलिस के तमाम प्रयासों को धता-बताते हुए इस बात को छिपा लिया। दबाव बढ़ने पर बुधवार को उन्होंने पुलिस को इस मामले की जानकारी दी। इस खुलासे के बाद प्रयागराज का प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग भौचक रह गया। प्रशासन ने उन्हें परिजनों के साथ करेली स्थित एक गेस्ट हाउस में क्वारेंटाइन कराया है। इसके साथ ही पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रोफेसर के संपर्क में आए इलाहाबाद विश्वविद्यालय के शिक्षकों, विभाग के विद्यार्थियों और शिवकुटी में रहने वाले उनके पड़ोसियों की पड़ताल शुरू कर दी है। पुलिस ने प्रोफेसर के खिलाफ महामारी एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
खुलासा हुआ है कि इविवि के प्रोफेसर तबलीगी जमात के निजामुद्दीन स्थिति मस्जिद में हुए धार्मिक जलते में शामिल हुए थे। इसी जलसे में मौलाना साद ने कोरोना वायरस की खिल्ली उड़ाई थी। जमात से जुड़े प्रोफेसर शिवकुटी थाना क्षेत्र के रसूलाबाद इलाके में रहते हैं। जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने उन्हें उनके घर से परिजनों के साथ पकड़कर क्वारेंटाइन कराया।
एसपी सिटी बृजेश श्रीवास्तव ने बताया है कि प्रोफेसर 6 से 10 मार्च तक जमात के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। जमात से प्रयागराज लौटने के बाद उन्होंने विश्वविद्यालय की 12 और 16 मार्च की परीक्षाओं में भी हिस्सा लिया। राजनीति विभाग की इस परीक्षा में 144 बच्चे और विभाग के कई अन्य शिक्षक भी उनके संपर्क में आए थे। इस दौरान दूसरे विभागों के प्रोफेसर और कर्मचारी भी उनके संपर्क में आए।
एसपी सिटी का कहना है कि प्रोफेसर ने पूर्व में हुई पूछताछ के दौरान तबलीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल होने की बात से इनकार कर दिया था। कुछ साक्ष्यों के मिलने पर दुबारा उनसे पूछताछ की गई। पुलिस का दबाव बढ़ने पर उन्होंने सच्चाई कुबूल की। प्रोफेसर और उनके परिवार को क्वारेंटाइन कर दिया गया है। फिलहाल, प्रोफेसर की इस हरकत से विश्वविद्यालय प्रशासन, शिक्षक और छात्र हैरान हैं।
जिल में कोरोना के नोडल अफसर डॉ गणेश ने कहा कि जांच के लिए प्रोफेसर का सेंपल आज लिया जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।

फूलपुर इलाके से पकड़े गए दिल्ली से लौटे 11 जमाती

दिल्ली के निजामुद्दीन तबदीली मरकज के कार्यक्रम से लौटे 11 जमाती जिले के फूलपुर कस्बे में भी मिले हैं। शुरुआत में मस्जिदों में रुके और बाद में लोगों के घरों में छिप गए जमातियों को पुलिस ने बुधवार को पकड़ा है। जमातियों को घर में छिपाने वाले एक शरणदाता के चार सदस्यों समेत सात लोगों को क्वारेंटाइन और जांच के लिए करेली स्थित गेस्टहाउस में भेजा गया है। इस मामले में 8 अन्य ोगों को घरों में ही क्वारेंटाइन किया गया है। सीओ फूलपुर उमेश शर्मा के मुताबिक 11 जमाती 22 से 24 फरवरी तक दिल्ली स्थित शाही ईदगाह कसाबपुरा में हुए इज्जितमा में शामिल हुए थे। फूलपुर लौटने के बाद पूछताछ शुरू होने पर मस्जिद से लोगों के घरों में चले गए।

 


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