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म्यूचुअल फंड लाभांश पर टीडीएस प्रावधानों को लेकर बने भ्रम को सीबीडीटी ने किया दूर

म्यूचुअल फंड लाभांश पर टीडीएस प्रावधानों को लेकर बने भ्रम को सीबीडीटी ने किया दूर

वित्त विधेयक, 2020 ने कंपनी/म्यूचुअल फंड के स्तर पर लाभांश वितरण कर (डीडीटी) को हटाने का प्रस्ताव किया और शेयर/यूनिट धारक के हाथों में कर लगाने का प्रस्ताव किया

न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
वित्त विधेयक, 2020 ने कंपनी/म्यूचुअल फंड के स्तर पर लाभांश वितरण कर (डीडीटी) को हटाने का प्रस्ताव किया और शेयर/यूनिट धारक के हाथों में कर लगाने का प्रस्ताव किया. यदि इस तरह के लाभांश या आय की राशि एक वित्तीय वर्ष में पांच हजार रुपये से अधिक हो तो  कंपनी/म्यूचुअल फंड द्वारा अपने शेयर/यूनिट धारक को भुगतान किए गए लाभांश या आय पर 10% की दर से टीडीएस लगाने का भी प्रस्ताव किया गया था.
इस आशय के प्रश्न प्राप्त हुए हैं कि क्या प्रस्तावित धारा 194K के तहत यूनिट्स के मोचन पर होने वाले पूंजीगत लाभ पर भी TDS की कटौती के लिए म्यूचुअल फंड की आवश्यकता होगी. इसके द्वारा सीबीडीटी ने स्पष्ट किया है कि प्रस्तावित धारा के तहत, लाभांश भुगतान पर केवल TDS @10% की कटौती के लिए एक म्युचुअल फंड की आवश्यकता होगी. म्युचुअल फंड द्वारा आय पर कोई कर नहीं काटना होगा जो कि पूंजीगत लाभ की प्रकृति में है. यदि आवश्यक हो, तो आवश्यक स्पष्टीकरण कानून के प्रासंगिक प्रावधान में प्रस्तावित किया जाएगा.
जानकार बताते हैं कि पूर्व की व्यवस्था में कंपनी या म्यूचुअल फंड जो भी लाभांश का भुगतान करते थे, उस पर टीडीएस की कटौती करने के बाद ही लाभार्थी को भुगतान करते थे, भले ही लाभार्थी आयकर के दायरे में शामिल हो या नहीं. नई व्यवस्था में कंपनियां या म्यूचुअल फंड निवेशक को उसके लाभ का पूरा भुगतान करेंगी. लाभार्थी की जिम्मेदारी होगी कि वह उस लाभांश को आय का हिस्सा बताते हुए आयकर का भुगतान करे यदि वह आयकर कटौती के दायरे में आता है.

 


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