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बुलंदशहर हिंसाः एसआईटी गठित, तीन लोग गिरफ्तार, विहिप कार्यकर्ताओं समेत 87 के खिलाफ मुकदमा

गोहत्या को लेकर पश्चिमी यूपी के बुलंदशहर में भड़की हिंसा और ग्रामीणों के बलवे में पुलिस इंस्पेक्टर समेत दो की हत्या मामले की जांच के लिए एसआईटी (विशेष जांच दल) का गठन कर दिया गया है. साथ ही पुलिस ने घटना में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में भी सफलता हासिल कर ली है. मामले में मंगलवार की भोर में चार लोगों को हिरासत में भी लिया गया है.
एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार के हवाले से एएनआई ने जानकारी दी है कि घटना को लेकर दो लोगों को पकड़ा गया है. चार को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. साथ ही हिंसा क्यों हुई और क्यों पुलिस कर्मियों ने इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह को अकेला छोड़ दिया, जैसे मामलों की जांच के लिए एसआईटी के गठन का काम हो गया है. 

पुलिस ने हत्या, दंगों और हमले करने सहित 17 वर्गों के तहत मंगलवार सुबह प्राथमिकी दर्ज की है. इसमें 27 को नामजद और 50-60 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. नामजद किए गए आरोपियों में की विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ता भी बताए जा रहे हैं.
एफआईआर ने आरोप लगाया कि एसएचओ सुबोध कुमार सिंह ने एक कथित गाय की हत्या की घटना में तत्काल कार्रवाई का वादा करने के बाद भीड़ को हटाने का अनुरोध किया था. इसी बीच प्रदर्शनकारी हिंसक हो गए. एक अधिकारी का कहना है कि ग्रामीणों ने गैरकानूनी हथियार भी रखा था. इन्हीं में से किसी एक का कथित रूप से एसएचओ सुबोध को गोली मारने के लिए इस्तेमाल किया गया.

घटना में जान गंवाने वाले इंस्पेक्टर व दूसरा युवक.

घटना में ग्रामीणों ने पुलिस चौकी को भी तहस-नहस कर दिया. पुलिस की जीप को फूंक दिया. मौके पर पुलिस कर्मियों को ग्रामीणों ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा. ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस की फायरिंग से एक व्यक्ति के घायल होने और लाठीचार्ज के बाद भीड़ हिंसक हुई.
गौरतलब है कि सोमवार को गायों की हत्या का आरोप लगाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग करने वाले ग्रामीणों ने पुलिस पर हमला कर दिया. स्याना गांव में पुलिस चौकी में भीड़ ने गाड़ियों को पलटने के बाद आग लगा दी. एसएचओ सुबोध कुमार सिंह जो इस हमले में घायल हो गए थे. अस्पताल ले जाने के दौरान खेत में छिपे ग्रामीणों ने फिर हमला कर दिया. इलाज से पहले ही उनकी मृत्यु हो गई.
घटना के बाद वायरल हुए एक वीडियो क्लिप में इंस्पेक्टर के शरीर को टाटा सूमो गाड़ी में दिखाया गया है. वीडियो रिकार्डिंग में गोली की आवाज भी सुनाई देने की बात कही जा रही है. गौरतलब है कि दादरी निवासी मोहम्मद अख्लाक की हत्या में सुबोध सिंह पहले जांच अधिकारी थे, जिन्हें गाय वध और गोमांस की खपत के मामले में 2015 में शामिल किया गया था. हालांकि, इस घटना की जांच बाद में दूसरे अफसर ने पूरी की है.
उधर, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतक इंस्पेक्टर के पीड़ित परिजनों को 50 लाख रुपये का मुआवजा और परिवार के एक व्यकित को नौकरी का आश्वासन दिया है.

 

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