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रक्तरंजित लव स्टोरीः प्रॉपर्टी, पैसा और प्यार में छल के डर से प्रेमी से बने पति का ऐसा कत्ल

रक्तरंजित लव स्टोरीः प्रॉपर्टी, पैसा और प्यार में छल के डर से प्रेमी से बने पति का ऐसा कत्ल
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
यह कहानी सिर्फ प्रेम विवाह और कत्ल की नहीं है, यह ऐसी दास्तां है जो फिल्मी कथानकों में भी बमुश्किल मिलेगी. यह कहानी एक ऐसे युवा की है जिसने कानून के बल से पिता का साया हासिल किया. फिर जवानी की दहलीज पर ऑनलाइन मैट्रीमोनियल साइट से मोहब्बत की तलाश की. नई जिंदगी का जोश, होश में आता, इसके पहले ही प्रॉपर्टी और पैसे के पीछे प्रेम में दरार पड़ गई. शादी के सालभर में ही जुनून से जिंदगी जीने की जिद ठान बैठे युवा और यूपी के तीन व उत्तराखंड के एक बार मुख्यमंत्री रहे नारायण दत्त तिवारी के जैविक पुत्र रोहित शेखर तिवारी को जान देकर चुकानी पड़ी.
कहानी की शुरुआत पुरानी है. रोहित शेखर बरेली निवासी उज्ज्वला शर्मा की कोख से जन्मे लेकिन पिता का नाम नहीं था. समझ बढ़ी तो पता लगा कि उनके पिता कांग्रेस के मशहूर नेता एनडी (नारायण दत्त) तिवारी हैं. तमाम ना-नुकुर के बाद सुप्रीम कोर्ट से जैविक पिता का साया मिला तो खुशियां छा गईं. मैट्रीमोनियल साइट से सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता अपूर्वा से मोहब्बत हुई. तीन महीने की मुलाकातों से शादी का बंधन बंधते देर न लगी.
शादी के तीन महीने बाद रोहित को हार्ट अटैक आ गया. तब मैक्स अस्पताल में रोहित की हार्ट सर्जरी भी हुई. कुछ ही दिनों बाद प्रेमिका से पत्नी बनी अपूर्वा मायके इंदौर चली गई और तलाक का नोटिस भेज दिया. परिजनों के हस्तक्षेप पर अगस्त 2018 में अपूर्वा वापस डिफेंस कॉलोनी स्थित रोहित के घर तो आई लेकिन रिश्तों की खाईं पटने के बजाय और चोड़ी होती गई. अपूर्वा रोहित के घर तो रहने लगी, लेकिन दोनों में कई-कई दिन आपस में बात नहीं होती थी. बताते हैं कि इससे वह अवसाद की भी शिकार हो गई. दरअसल, उसकी महत्वकांक्षा ऐशोआराम की जिंदगी जीने की थी. वह खुद को सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता होने के साथ-साथ कांग्रेस के इंटक की राष्ट्रीय अध्यक्ष बताती और वह हमेशा टशन में रहती रही. रोहित के अलावा घर के सभी सदस्यों पर भी वह हावी रहती थी.

रोहित-अपूर्वा के बीच आ गई कुमकुम?

रोहित सिद्धार्थ (रोहित की मां उज्ज्वला के शादीशुदा पति का बेटा) दोनों राजीव को भैया व कुमकुम को भाभी कहकर बुलाते हैं. कुमकुम राजीव की पत्नी है. अपूर्वा को शक हुआ कि कुमकुम से रोहित के अवैध संबंध हैं. जबकि परिवार का दावा है कि ऐसा नहीं था. अपूर्वा, कुमकुम को शौतिया डाह से देखने लगी. बात बढ़ी तो कुमकुम ने डिफेंस कॉलोनी आना भी छोड़ दिया और किसी समारोह में भी उज्ज्वला के साथ पहुंचती थीं.
हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद पांच दिन तक क्राइम ब्रांच को सातों तारे दिखाने वाली वाली अपूर्वा शुक्ला बेहद तेज दिमाग और महत्वाकांक्षी निकली. पुलिस का दावा है कि अपूर्वा को अंदेशा था कि एनडी तिवारी बेटे के लिए अकूत संपत्ति छोड़कर गए हैं. इसी संपत्ति की मालकिन बनने के लिए ही उसने रोहित से विवाह किया था. हालांकि, जब संपत्ति के साथ पति भी हाथ से फिसलता दिखा तो सिर्फ ख्वाब टूटे बल्कि वह खुद भी बिखर गई. इस गुस्से और अवसाद में उसने वह कदम उठा लिया, जिसने उसके लिए सलाखों का रास्ता खोल दिया. पति हंता का दाग भी पीठ पर चस्पा हो गया.
अपूर्वा का 2017 में मैट्रीमोनियल साइट के जरिये रोहित से परिचय हुआ था. अपूर्वा को उम्मीद थी कि एनडी तिवारी तीन बार उत्तर प्रदेश और एक बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और आंध्र प्रदेश के राज्यपाल भी रहे हैं. सो, वह अकूत संपत्ति जमा कर गए होंगे. रोहित के नाना व उज्ज्वला के पिता भी चार बार कैबिनेट मंत्री रहे हैं. इसी दौर में उज्ज्वला और एनडी करीब आए थे.
दौलत की लालच में उसने 11 मई 2018 को रोहित से इंदौर में शादी कर ली. शादी के बाद दिल्ली पहुंचने पर अपूर्वा ने खुद को ठगा हुआ महसूस किया. उसे पता लगा कि रोहित के पास व्यक्तिगत कोई भी प्रॉपर्टी नहीं है. उनकी मां उज्ज्वला शर्मा के बैंक खाते में महज दस हजार रुपये थे. डिफेंस कॉलोनी वाला घर ही केवल उज्ज्वला के नाम पर है, जो 400 गज में बना हुआ है.
बताते हैं कि वसीयत में उज्ज्वला ने लिखा है कि उनके मरने के बाद घर के 60 फीसद हिस्से का मालिक रोहित और 40 फीसद के मालिक सिद्धार्थ होंगे. बीमार रहने की वजह से गैर-शादीशुदा सिद्धार्थ ने भी कह रखा है कि मौत के बाद उनके हिस्से की प्रॉपर्टी राजीव के नौ वर्षीय बेटे पोलू को दे दी जाए. राजीव, उज्ज्वला के पहले पति के चचेरे भाई के पुत्र हैं, जो उज्ज्वला की देखभाल के लिए उनके साथ ही तिलक लेन के सरकारी आवास में पत्नी व बच्चों के साथ रहते हैं.

संपत्ति में बंटवारे से भी थी नाराज

सिद्धार्थ की संपत्ति राजीव और कुमकुम के नौ वर्षीय बेटे को मिलने की आशंका से भी अपूर्वा नाराज थी. दरअसल, पत्नी कुमकुम के साथ राजीव वर्षों से उज्ज्वला के साथ रहकर उनकी सेवा कर रहे हैं. राजीव उज्ज्वला को माय कहकर बुलाते हैं. उज्ज्वला के पहले पति के पुत्र सिद्धार्थ और राजीव भी खानदानी संपत्ति रोहित के पक्ष में जाने के विचार में नहीं थे. यही कारण है कि पुत्र होने के बाद भी उज्ज्वला रोहित के पक्ष में पूरी संपत्ति नहीं करना चाहती हैं, यह जानते हुए भी कि सिद्धार्थ का परिवार नहीं बढ़ना है. यह अपूर्वा को बिलकुल भी पसंद नहीं था. उसका मानना था कि सारी संपत्ति की वह अकेली वारिस है.
राजीव रंजन (एडिशनल पुलिस कमिश्नर, क्राइम ब्रांच) के मुताबिक अपूर्वा को सख्त सजा दिलाने के लिए पुलिस ने पर्याप्त सुबूत जुटा लिए हैं. साक्ष्यों, फोरेंसिक रिपोर्ट व कॉल डिटेल रिकार्ड से अहम सुबूत मिल गए हैं. अपूर्वा ने भी इकबालिया बयान में जुर्म कुबूल कर लिया है. वहीं, रोहित की मां उज्ज्वला शर्मा ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि यदि अपूर्वा परेशान थी तो मेरे बेटे से रिश्ता तोड़ लेती, उसे मार क्यों दिया? इतना प्यारा बेटा था रोहित.

 

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