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राहुल की न्यूनतम गारंटी आय पर भाजपा की बमबारी, जेटली-नकवी के साथ नीति आयोग उपाध्यक्ष ने भी उठाए सवाल

राहुल की न्यूनतम गारंटी आय पर भाजपा की बमबारी, जेटली-नकवी के साथ नीति आयोग उपाध्यक्ष ने भी उठाए सवाल
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
लोकसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस पार्टी ने न्यूनतम आय योजना का मास्टरस्ट्रोक खेला है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को ऐलान किया कि लोकसभा चुनावों के बाद कांग्रेस सत्ता में आई तो देश के 20 फीसदी गरीब परिवारों को सालाना 72 हजार रुपये की न्यूनतम पेंशन दी जाएगी. इस योजना का लाभ देश के सबसे गरीब 5 करोड़ परिवार यानी 25 करोड़ लोगों को मिलेगा. अगर कांग्रेस सत्ता में आती है तो वह पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इस योजना को लागू करेंगी.
कांग्रेस अध्यक्ष ने इस योजना के लिए राशि की प्राप्ति को लेकर कुछ नहीं कहा लेकिन उनके ऐलान होते ही सोशल मीडिया पर नई बहस छिड़ गई. राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों के ठीक पहले कांग्रेसी किसान कर्ज माफी योजना के ऐलान की चोट सह चुकी भारतीय जनता पार्टी पूरी दमदारी के साथ इसे खारिज करने और इसकी दुश्वारियों को गिनाने में जुट  भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर ताबड़तोड़ हमले किए. साथ ही नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने भी राहुल गांधी के इस ऐलान पर सवाल खड़े किए.
केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने ब्‍लॉग लिखकर राहुल गांधी पर निशाना साधा. उन्‍होंने कहा, आप लोगों की आंखों में धूल झोंकने का काम कर रहे हैं. अरुण जेटली ने बाद में एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में कहा, इंदिरा जी नारों को अर्थशास्‍त्र से बेहतर समझती थीं. कांग्रेस पार्टी ने 7 दशकों तक भारत को धोखा दिया है. 1971 में कांग्रेस ने गरीबी हटाओ का नारा दिया था. राजीव गांधी के पास गरीबी हटाने का मौका था. लेकिन कांग्रेस का ध्‍यान हमेशा से गरीबी से ज्‍यादा नारों पर रहा. राहुल गांधी सिर्फ गरीबों का मजाक उड़ाते हैं.

पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने वादों से ज्‍यादा दिया

अरुण जेटली के अनुसार पीएम नरेंद्र मोदी ने देश में गरीबों को अपने वादों से ज्‍यादा दिया है. कांग्रेस का झूठे वादे ऐलान करने का इतिहास रहा है. कांग्रेस ने योजनाओं के नाम पर सिर्फ छल किया है. आज केंद्र सरकार की 55 विभागों की योजनाओं को हमने डीबीटी के माध्‍यम से जोड़ा है. आज हमारी सरकार 5.3 लाख करोड़ दे रही है. अरुण जेटली ने कहा, नारों से गरीबी नहीं जाएगी. इसके लिए काम करना पड़ता है. आज फ‍िर से राहुल गांधी ने गरीबी के नाम पर धोखा दिया है. कहा जा रहा है कि इसमें 5 करोड़ परिवारों के 25 करोड़ लोग शामिल होंगे. इस पर 3.6 लाख करोड़ रुपए खर्च होंगे. ये राशि देश के रक्षा बजट से भी ज्‍यादा है. माना जा रहा है कि अगर ये योजना लागू हो जाती है तो वित्‍तीय घाटा 10 लाख करोड़ पहुंच जाएगा.

यह ग्रैंड ओल्ड पार्टी के ब्रांड न्यू गप्पू हैं – नकवी

केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के ऐलान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह ग्रैंड ओल्ड पार्टी के ब्रांड न्यू गप्पू हैं. यह गप्पू की चुनावी चौपाल का चकल्लस और चोचला है. यह उस ग्रांड ओल्ड पार्टी के गप्पू का नारा है जिनका पूरा परिवार कभी ‘गरीबी हटाओ’ का नारा लगाता था, लेकिन गरीबी तो हटी नहीं.

दशकों से गरीबों की याद नहीं आई

नकवी ने कहा कि इन 7 दशकों में से छह दशक तक कांग्रेस ने खुद देश पर राज किया या किसी के साथ राज चलाया. अब वह आज गरीबी हटाओ से गरीबी मिटाओ की तरफ पहुंची है तो इस पाप का जिम्मेदार कौन है, नरेंद्र मोदी नहीं है, अटल बिहारी वाजपेयी नहीं है. उन्होंने कहा कि इस चुनावी चौपाल के चोचलों से कुछ नहीं होने वाला है. यह उनको भी मालूम है कि इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी का हाल क्या होने वाला है, इसलिए वह झूठ का गड़बड़झाला कर झूठ का झुनझुना लेकर घुमा रहे हैं. मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि यह गरीबी पर नहीं बल्कि यह गरीबों पर अंतिम प्रहार है. उनको अच्छे तरीके से मालूम है कि इन 5 साल में नरेंद्र मोदी ने गरीबों के मद्देनजर सारे कार्यक्रमों को अंतिम रूप दिया है, जिसका असर गरीबों की जिंदगी पर साफ तौर पर पड़ा है.

काम नहीं करने वालों को मिलेगा प्रोत्साहनः नीति आयोग

नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी की पांच करोड़ गरीब परिवारों को न्यूनतम आय गारंटी के तहत सालाना 72,000 रुपये देने के वादे से राजकोषीय अनुशासन धराशायी हो जायेगा. इस योजना से एक तरह से काम नहीं करने वालों को प्रोत्साहन मिलेगा. राजीव कुमार ने कहा कि यह कांग्रेस का पुराना दांव है. कांग्रेस चुनाव जीतने के लिए कुछ भी कह औऱ कर सकती है.
कुमार ने ट्वीट कर लिखा, ‘‘कांग्रेस के पुराने रिकार्ड को देखा जाए तो वह चुनाव जीतने के लिये चांद लाने जैसे वादें करती रही है. कांग्रेस अध्यक्ष ने जिस योजना की घोषणा की है उससे राजकोषीय अनुशासन खत्म होगा, काम नहीं करने को लेकर एक प्रोत्साहन बनेगा और यह कभी क्रियान्वित नहीं होगा.’’

तीन नारे, सब अधूरे- राजीव कुमार

एक अन्य ट्वीट में राजीव कुमार ने कहा कि न्यूनतम आय गारंटी योजना की लागत सकल घरेलू उत्पाद का 2 प्रतिशत तथा बजट का 13 प्रतिशत बैठेगा. इससे लोगों की वास्तविक जरूरतें पूरी नहीं हो पाएंगी. कुमार ने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी ने चुनाव जीतने के लिये 1971 में गरीबी हटाओ का नारा दिया. 2008 में वन रैंक-वन पेंशन का वादा किया. 2013 में खाद्य सुरक्षा की बात कही लेकिन इसमें से कुछ भी पूरा नहीं कर सकी.
इस बीच, प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (पीएमईएसी) ने भी ट्विटर पर गांधी की चुनाव पूर्व घोषणा की आलोचना की है. लेकिन बाद में एक ट्विटर उपयोगकर्ता के यह कहने पर कि वह चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन कर रही है, ट्वीट को हटा दिया गया. पीएमईएसी ने ट्विटर पर लिखा था कि आर्थिक वृद्धि, मुद्रास्फीति तथा राजकोषीय अनुशासन में सही संतुलन स्थापित करने को लेकर पिछले पांच साल में काफी कार्य किए गए हैं. परिषद ने कहा, ‘‘कांग्रेस की आय गारंटी योजना इस संतुलन को बिगाड़ देगी या सरकार के महत्वपूर्ण खर्चों में कमी आएगी. दोनों विकल्प खतरनाक हैं.
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