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भोपाल में दिग्विजय से `बदला` लेंगी #साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, भाजपा ने बनाया प्रत्याशी

न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
लोकसभा चुनाव में मध्य प्रदेश में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच मुकाबला रोचक मोड़ पर आ खड़ा हुआ है. वर्ष 2008 में मालेगांव बम धमाके में आरोपी बनाई गईं और अदालत से जमानत पाकर जेल से छूटीं साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह के खिलाफ भोपाल से उम्मीदवार घोषित कर दिया है. प्रज्ञा बुधवार की सुबह ही भाजपा में शामिल हुईं और शाम को पार्टी ने उनका टिकट घोषित कर दिया.
टिकट के ऐलान के बाद साध्वी प्रज्ञा ने टिकट मिलने के बाद कहा कि हम तैयार हैं और अब उसी कार्य में लग गई हूं. इसी बीच दिग्विजय सिंह ने भी साध्वी प्रज्ञा के लिए ट्वीटर पर एक संदेश शेयर किया है. दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर लिखा कि मैं साध्वी प्रज्ञा जी का भोपाल में स्वागत करता हूं. आशा करता हूं कि इस रमणीय शहर का शांत, शिक्षित और सभ्य वातावरण साध्वी जी को पसंद आएगा. मैं मां नर्मदा से साध्वी जी के लिए प्रार्थना करता हूँ और नर्मदा जी से आशीर्वाद माँगता हूँ कि हम सब सत्य, अहिंसा और धर्म की राह पर चल सकें. नर्मदे हर!
गौरतलब है कि भाजपा ने बुधवार को मध्य प्रदेश से चार उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की है. पार्टी ने भोपाल सीट से साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, गुना सीट से केपी यादव, सागर से राज बहादुर सिंह और विदिशा से रमाकांत भार्गव को टिकट दिया है. हालांकि, चारों सीटों में सबसे ज्यादा चर्चा भोपाल से साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के टिकट को लेकर है.
गौरतलब है कि भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान, रामलाल और प्रभात झा से मुलाकात करने के बाद साध्वी प्रज्ञा भाजपा में शामिल हो गई हैं. पार्टी में शामिल होने के बाद साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि मैं आधिकारिक तौर पर भाजपा में शामिल हो गई हूं. साथ ही उन्होंने कहा कि मैं चुनाव लडूंगी भी और जीतूंगी भी. भोपाल समेत चारों लोकसभा सीटों पर छठें चरण में 12 मई को मतदान होना है.
भोपाल सीट को भाजपा का गढ़ माना जाता है. 2014 लोकसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार आलोक सांजर ने 7.14 लाख वोट अपने नाम किए थे. जबकि कांग्रेस प्रत्याशी पीसी शर्मा को महज 3.43 लाख वोट ही मिले थे. इस बार कांग्रेस ने इस सीट से पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह को चुनावी मैदान में उतारा है.
बता दें कि साध्वी प्रज्ञा मालेगांव ब्लास्ट के बाद से चर्चा में आईं थी. दरअसल, 29 सितंबर, 2008 को मालेगांव में एक मस्जिद के बाहर एक मोटर साइकिल में धमाका हुआ. इसमें छह लोगों की मौत हुई थी और 100 घायल हुए थे.
उधर, आरोप है कि प्रकरण में साध्वी प्रज्ञा की गिरफ्तारी के बाद ही कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने हिन्दू आतंकवाद की थ्योरी गढ़ी थी. हिन्दू आतंकवाद को लेकर पूरे देश की राजनीति गरमाई थी. 2019 के चुनाव में भी यह मुद्दा कई बार उठ चुका है.
एक संभावना यह भी जताई जा रही है कि साध्वी प्रज्ञा ठाकुर की उम्मीदवारी के साथ दक्षिणपंथी विचारधारा के सभी संगठन भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में उतर सकते हैं. कई मुद्दों पर पार्टी से नाराज कार्यकर्ता भी चुनाव प्रचार में निकल सकते हैं.

 

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