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भारत के खिलाफ नेपाल की जमीन का इस्तेमाल कर रहा है चीन?

शुक्रवार को भारतीय सीमा में घुसा एक चीनी नागरिक, आब्रजन अधिकारियों ने पूछताछ के बाद नेपाल भेजा, इस चाइनीज ने भारतीय सीमा में वीडियोग्राफी भी की

रतन गुप्ता

सोनौली ( महाराजगंज ) । दो देशों की सीमा वास्तव में सुरक्षा के लिहाज से काफी संवेदनशील होती है. भारत और नेपाल के नागरिक एक दूसरे के देश में बेरोकटोक आ-जा सकते हैं लेकिन अन्य देशों के नागरिक को यह अधिकार नहीं है. कुछ दिन पहले भी एक चाइनीज नागरिक भारत में प्रवेश करते समय पकड़ा गया था, जिसे नेपाल वापस भेज दिया गया. शुक्रवार को भी ऐसा ही हुआ. भारतीय क्षेत्र सोनौली में एक चाइनीज अपने एक नेपाली गाइड के साथ घुस गया. सूचना मिलने पर आब्रजन विभाग के अधिकारियों ने उससे घंटों पूछताछ के बाद उसे वापस नेपाल भेज दिया. बॉर्डर पर इसे लेकर चर्चा रही कि कहीं चीन , नेपाल की धरती का इस्तेमाल भारत के खिलाफ या भारत की जासूसी करने के लिए तो नहीं कर रहा है ?
बाइक से आया था चीन का नागरिक
शुक्रवार को करीब 11:00 बजे एक चाइनीज युवक नेपाली गाइड के साथ नेपाल से एक बाइक पर सवार होकर भारत – नेपाल सीमा के भारतीय कस्बा सोनौली में दाखिल हुआ.उसने अपने मल्टीमीडिया मोबाइल से पूरे कस्बे का भ्रमण करते हुए वीडियो क्लिप बनाया.
मैला कुचैला वेशभूषाधारी चाइनीज नागरिक कस्बे के मोबाइल की दुकान पर घूम कर मोबाइल खरीदने का प्रयास भी कर रहा था. उधर, भारतीय सीमा में घूमकर वीडियो बनाने की चर्चा आम हुई तो इसकी सूचना आव्रजन कार्यालय तक पहुंच गई.  जिस पर आव्रजन अधिकारी कस्बे के रामजानकी चौराहे से चाइनीज नागरिक को  अपने कार्यालय ले गए, जहाँ घंटों पूछताछ के बाद उसे नेपाल भेज दिए जाने की खबर है .
पूछताछ में पता चला कि यह चाइनीज नागरिक सोनौली से मात्र 4 किलोमीटर दूर स्थित भैरहवा के एक सुनार की दुकान में नौकरी करता है. वहां से मोबाइल खरीदने के लिए नेपाल से भारत में कैसे आ गया था, किसी को पता नहीं चला. जबकि बार्डर पर एसएसबी और आव्रजन के जवान मुस्तैदी से तैनात है .
इस सम्बंध में आव्रजन कार्यालय के सहायक प्रभारी  राजवीर सिंह ने बताया कि रोके गए चाइनीज नागरिक का नाम वांग जियंग लीग है , जो नेपाल से आया था, सब कुछ ठीकठाक था, इसलिए वापस नेपाल भेज दिया गया, उनका यह भी कहना था कि कोई भी विदेशी नागरिक बिना किसी रोकटोक के आव्रजन कार्यालय तक आ सकता है.
नेपाली समझकर नहीं रोका
सूत्र बताते हैं कि यह विदेशी नागरिक भेषभूषा बदल कर भारत-नेपाल सीमा पर स्थित सुरक्षा एजेंसियों को चकमा दे कर भारतीय सीमा में प्रवेश किया था और नेपाली युवक सुरेश के साथ सोनौली कस्बे में घंटों घूमता रहा. पूछताछ में विदेशी नागरिक ने यह भी बताया कि सोनौली बार्डर पर बाइक से प्रवेश करते समय किसी ने नेपाली समझ कर हमें नहीं रोका इसलिये हम भारत मे प्रवेश कर गए.

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