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बाबा रामदेव ने कहा- सीताराम येचुरी बौद्धिक दिवालिया और बौद्धिक पागल, दिया ऐसा जवाब

बाबा रामदेव ने कहा- सीताराम येचुरी बौद्धिक दिवालिया और बौद्धिक पागल, दिया ऐसा जवाब
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
योगगुरू बाबा रामदेव और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने माकपा महासचिव सीताराम येचुरी के बयान पर कड़ा रुख अपनाया है. योगगुरु बाबा रामदेव ने कुछ संतों के साथ मिलकर सीताराम येचुरी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने यह शिकायत येचुरी द्वारा हिंदुओं को हिंसक बताने और रामायण, महाभारत को लेकर की गई टिप्पणी को लेकर की है. स्वामी रामदेव ने शनिवार को हरिद्वार में की गई एक बैठक के दौरान माकपा महासचिव सीताराम येचुरी को आड़े हाथों लिया.
एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में योगगुरू रामदेव ने रामायण, महाभारत और गीता की पुस्तकों को सामने रखकर यह साबित करने की कोशिश की कि हिन्दू हिंसक नहीं हो सकता. इसके साथ ही नाराज बाबा ने कहा कि सीताराम येचुरी जैसे बौद्धिक दिवालिया और पागलपन से पीड़ित हैं. महाभारत के 25वें अध्याय से 45वें अध्याय तक अहिंसा, सत्य, असत्य, प्रेम की परिभाषा दी है. कम्युनिस्टों ने अपने साम्राज्य विस्तार के लिए दुनियाभर में 10 करोड़ॉ लोगों का कत्ल किया है. दुनियाभर में युद्ध अभी भी जारी है. आप मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के चरित्र को देखिए. भगवान कृष्ण का चरित्र देखिए उन्होंने एक भी बेगुनाह को नहीं मारा. जहां तक ओसामा बिन लादेन, मसूद अजहर, हाफिज सईज जैसे आतंकवादी लोगों को मारने को मारा नहीं कहते, उनको हमारे यहां कहते हैं कि उनको मारा नहीं, उनको मोक्ष दिया.

योगगुरू ने ट्वीटर पर लिखा है कि दुनिया का कोई भी राष्ट्र अपने महान पूर्वजों का अपमान नहीं करता और स्वयं पर गौरव करता है. भारत में हमाने महान पूर्वजों का अहमान व अपनी सांस्कृतिक विरासत को नीचा दिखाने के लिए संगठित रूप से एक षडयंत्र चल रहा है. आइये इन षडयंत्रों का मुंहतोड़ जवाब दें.
स्वामी रामदेव ने कहा कि भारत की संस्कृति और उसकी सभ्यता हजारों हजार साल पुरानी है, लेकिन उस पर जो अभद्र और अपमानजनक टिप्पणी सीताराम येचुरी ने की है उससे पूरे देश में आक्रोश है. हरिद्वार में बाबा रामदेव के नेतृत्व में संत समाज ने येचुरी के बयान की निंदा करते हुए कहा कि अगर येचुरी को राम और सीता के नाम से इतनी आपत्ति है तो अपने नाम से सीता और राम हटाकर रावण, कंस या औरंगजेब रख लें.
इसके साथ ही स्वामी रामदेव ने कम्युनिस्टों, ईसाइयों व मुगलों पर अपने राज्य के विस्तार के लिए न्याय व कानून के नाम पर 50 करोड़ निर्दोष लोगों का कत्ल करने की बात कही. उन्होंने पूछा कि क्या येचुरी इस अत्याचार को हिंसा कहने का साहस कर पाएँगे?
गौरतलब है कि येचुरी ने शुक्रवार को कहा था रामायण और महाभारत भी लड़ाई और हिंसा से भरी हुई है, लेकिन एक प्रचारक के तौर आप सिर्फ महाकाव्य के तौर पर उसे बताते हैं. उसके बाद भी दावा करते हैं कि हिंदू हिंसक नहीं है. उन्होंने कहा था कि रामायण और महाभारत हिंसा के उदाहरणों से भरे पड़े हैं. ऐसे में ये दावा करना गलत है कि हिंदू हिंसक नहीं हो सकते.
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