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#AyodhyaRamMandirCase सुप्रीम कोर्ट में शुरू हुई डे-टू-डे सुनवाई, सप्ताह में तीन दिन सुना जाएगा पक्ष

#AyodhyaRamMandirCase सुप्रीम कोर्ट में शुरू हुई डे-टू-डे सुनवाई, सप्ताह में तीन दिन सुना जाएगा पक्ष
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
अयोध्या राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की पांच न्यायाधीशों वाली संविधान पीठ ने मंगलवार से सुनवाई शुरू कर दी है. तीन सदस्यीय कमेटी के मध्यस्थता के प्रयासों में विफल रहने के बाद राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले की सुनवाई शुरू की. पीठ भारत के प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजन गोगोई की अध्यक्षता में है और इसमें जस्टिस एसए बोबडे, डीवाई चंद्रचूड़, अशोक भूषण और एसए नाज़ेर शामिल हैं.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार मध्यस्थता में शामिल पक्षों में मस्जिद पक्ष ने मुहरबंद लिफाफे में फ़ैज़ाबाद में समिति की दूसरी बैठक के दौरान विवादित परिसर में एक एक मस्जिद का प्रस्ताव प्रस्तुत किया. इसने उसी के लिए एक विस्तृत लेआउट भी दिया. लेकिन यह प्रस्ताव एक गैर-स्टार्टर था क्योंकि इसमें मंदिर पक्ष की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई.
इसके बाद, मध्यस्थता समिति ने एक संभावित सौदे के लिए चार आवश्यक लोगों को तैयार करके लॉगजम को तोड़ने की कोशिश की, जो इस आधार पर रेखांकित किए गए थे कि मस्जिद को विवादास्पद क्षेत्र के बाहर पूरी तरह से स्थानांतरित कर दिया जाएगा. हालांकि, कुछ पक्षों ने चार तत्वों को राजी करने का प्रयास किया, लेकिन इसमें किसी समझौते पर नहीं पहुंचा जा सका.
पीठ ने 2 अगस्त को तीन सदस्यीय समिति की रिपोर्ट पर ध्यान दिया था. इस समिति की अध्यक्षता शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीश एफएमआई कलीफुल्ला ने की थी, जिसके लिए लगभग चार महीने तक मध्यस्थता की कार्यवाही चली लेकिन कोई अंतिम समझौता नहीं हो सका.
उधर, बताया गया है कि सप्ताह में तीन राम मंदिर विवाद से जुड़े मुकदमे की सुनवाई होगी. वजह, पीठ में शामिल न्यायाधीश के कोर्ट में दूसरे मामलों के मुकदमे भी लंबित हैं. दो दिन लंबित मुकदमों की सुनवाई होगी. ऐसे में आसार हैं कि नवंबर तक देश के सबसे विवादित और पुराने मामले का फैसला आ सकता है.
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