Ayodhya Case, #AyodhyaCase में कल होगी अंतिम दिन की सुनवाई, हिन्दू पक्ष ने कहा- राममंदिर का विध्वंस ऐतिहासिक गलती थी जिसे अब ठीक करना चाहिए

#AyodhyaCase में कल होगी अंतिम दिन की सुनवाई, हिन्दू पक्ष ने कहा- राममंदिर का विध्वंस ऐतिहासिक गलती थी जिसे अब ठीक करना चाहिए

Ayodhya Case, #AyodhyaCase में कल होगी अंतिम दिन की सुनवाई, हिन्दू पक्ष ने कहा- राममंदिर का विध्वंस ऐतिहासिक गलती थी जिसे अब ठीक करना चाहिए
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
अयोध्या स्थित रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद में जमीन पर मालिकाना हक को लेकर चल रही सुनवाई में बुधवार यानी 16 अक्टूबर को अंतिम सुनवाई होगी. इसके पहले 39वें दिन मुस्लिम पक्षकारों के वकील राजीव धवन की दलीलों का जवाब देते हुए हिंदू पक्ष के वकील के. परासरन ने कहा कि बाबर जैसे विदेशी आक्रमणकारी को हिंदुस्तान के गौरवशाली इतिहास को ख़त्म करने की इजाज़त नहीं दी जा सकती. अयोध्या में राम मंदिर का विध्वंस कर मस्जिद का निर्माण एक ऐतिहासिक ग़लती थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट को अब ठीक करना चाहिए.
परासरन ने कहा कि एक विदेशी आक्रमणकारी को ये हक़ नहीं दिया जा सकता है कि वो इस देश में आकर ख़ुद को बादशाह घोषित करे और कहे कि मेरी आज्ञा ही क़ानून है. उन्होंने कहा कि इतिहास में अनेक शक्तिशाली हिंदू राजा भी रहे हैं, परंतु किसी के विदेश में यूं आक्रमण करने का कोई उदाहरण नहीं मिलता है.
परासरन के पहले सुप्रीम कोर्ट में 39वें दिन की सुनवाई शुरू हुई तो राजीव धवन ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि निर्मोही अखाड़ा के वकील सुशील जैन की मां का निधन हो गया है. इसलिए आज वो अपनी दलील नहीं देंगे. इसलिए जैन, सुन्नी वक्फ़ बोर्ड की दलीलों का जवाब कल देंगे.

सुनवाई के दौरान रामलला के वकील परासरन ने कहा कि आज 39वां दिन है. इस पर CJI ने कहा और आखिरी दिन 40वां हैं. राजीव धवन ने परासरन को टोकते हुए कहा कि के. परासरन नई बहस कर रहे हैं. परासरन ने कहा कि हिन्‍दुओं ने भारत के बाहर जाकर किसी को तहस-नहस नहीं किया. बल्कि बाहर के लोगों ने भारत में आकर तबाही मचाई. हमारी प्रवृत्ति अतिथि देवो भव की है.
परासरन ने कहा कि हिंदुओं की आस्था है कि वहां पर भगवान राम का जन्म हुआ था. मुस्लिम कह रहे है कि मस्जिद उनके लिए हैरिटेज प्लेस है. परासरन ने कहा कि मुस्लिम दूसरी मस्जिद में नमाज पढ़ सकते हैं. अयोध्या में 50-60 मस्जिदें है, लेकिन हिंदुओं के लिए यह भगवान राम का जन्म स्थान है. हम भगवान राम के जन्म स्थान को नहीं बदल सकते. परासरन ने कहा कि हिन्‍दुओं ने भगवान राम के जन्म स्थान के लिए एक लंबी लड़ाई लड़ी है. हमारी सदियों से आस्था है कि वह भगवान राम का जन्म स्थल है.
परासरन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को अयोध्या में मस्जिद बनाने के लिए मंदिर को नष्ट करने के ऐतिहासिक गलत काम को रद्द करना चाहिए. परासरन ने कहा कि कोई शासक भारत में आकर ये नहीं कह सकता कि मैं सम्राट बाबर हूं और कानून मेरे नीचे है और जो मैं कहता हूं वो ही कानून है.

 


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