Ayodhya Ram Mandir, #Ayodhya_राम_मंदिर ट्रस्ट में अधिकार के लिए निर्मोही अखाड़ा ने प्रधानमंत्री से मिलने का मांगा समय

#Ayodhya_राम_मंदिर ट्रस्ट में अधिकार के लिए निर्मोही अखाड़ा ने प्रधानमंत्री से मिलने का मांगा समय

Ayodhya Ram Mandir, #Ayodhya_राम_मंदिर ट्रस्ट में अधिकार के लिए निर्मोही अखाड़ा ने प्रधानमंत्री से मिलने का मांगा समय
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
#Ayodhya में श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए प्रस्तावित ट्रस्ट या बोर्ड के गठन की चर्चा तेज हो गई है. अयोध्या में भी संतों और अखाड़ों के बीच ट्रस्ट में शामिल होने के लिए रस्साकसी चल रही है. इस बीच श्रीराम जन्मभूमि मुकदमे के पक्षकार रहे निर्मोही अखाड़ा ने प्रधानमंत्री से मुलाकात के लिए समय मांगा है. अखाड़ा के प्रतिनिधि दिल्ली में प्रधानमंत्री से इसी सप्ताह मुलाकात कर ट्रस्ट या बोर्ड की रूपरेखा, उसमें निर्मोही अखाड़ा की भूमिका और मंदिर निर्माण के मुद्दे पर चर्चा करना चाहता है. सूत्रों का कहना है कि निर्मोही अखाड़ा सरकार के अधीन बनने वाले ट्रस्ट या बोर्ड पर अधिकार चाहता है. उसकी इच्छा है कि ट्रस्ट के मुखिया की भूमिका अखाड़ा को मिले. वजह, श्रीराम जन्मभूमि न्यास समिति के पदाधिकारियों से उसके संबंध मधुर नहीं रहे हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने भी मुकदमे के फैसले में यह साफ तौर पर कहा है कि ट्रस्ट या बोर्ड में निर्मोही अखाड़ा को भी प्रतिनिधित्व दिया जाए. इसके साथ ही निर्मोही अखाड़ा की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था. निर्मोही अखाड़ा की रविवार को अयोध्या में बैठक हुई. बैठक में सरपंच रामचंद्रा आचार्य समेत सभी 13 पंचों ने हिस्सा लिया. निर्मोही अखाड़ा के प्रवक्ता कार्तिक चोपड़ा ने बताया है कि बैठक में नए ट्रस्ट में अपनी भूमिका जानने के लिए प्रधानमंत्री से मुलाकात करने का फैसला किया गया है. पंच जानना चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सरकार ट्रस्ट में उनकी क्या भूमिका तय कर रही है. वैसे निर्मोही अखाड़ा अपनी याचिका खारिज होने के बाद भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले से खुश है. वजह, उसका कहना है कि 150 साल तक जिस मंदिर निर्माण के लिए मुकदमा लड़ा, उसके बनने का रास्ता साफ हो गया है.
हालांकि, याचिका खारिज करने के सुप्रीम कोर्ट के तर्क से अखाड़ा के पंच निराश भी हैं. वह यह जानना चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने आखिर किस आधार पर उनकी शैबियत (सेवा पूजा) के अधिकार को खारिज कर दिया जबकि कोर्ट निर्मोही अखाड़ा की उस जगह पर ऐतिहासिक मौजूदगी मान रहा है. अखाड़ा सरपंच आचार्य रामचंद्रा ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का अध्ययन किया जा रहा है. प्रधानमंत्री से मुलाकात और ट्रस्ट में अखाड़ा का भूमिका साफ होने के बाद ही इस मामले में कोई फैसला किया जाएगा.
सुप्रीम कोर्ट ने निर्मोही अखाड़ा की याचिका को खारिज करने के लिए समय बाधित का तर्क दिया है. इसके बाद भी सुप्रीम कोर्ट ने निर्मोही अखाड़ा की श्रीराम जन्मभूमि पर ऐतिहासिक मौजूदगी को देखते हुए संविधान में प्राप्त विशेष शक्तियों का इस्तेमाल कर सरकार को निर्देश दिया है कि वह नए बनने वाले ट्रस्ट में निर्मोही अखाड़ा को शामिल करे.

 


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