अयोध्या राम जन्मभूमि मामले पर सुप्रीम कोर्ट आज बताएगा कब से होगी सुनवाई

न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स       

पिछले तीन महीने से अयोध्या राम जन्मभूमि विवाद के मुद्दे पर मची बहस के बीच सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को यह तय कर सकता है कि देश के इस सबसे पुराने मुकदमें में कब से सुनवाई होगी. हिन्दू पक्षकारों को भरोसा है कि अब कोर्ट तेजी के साथ सुनवाई कर इस मुद्दे पर भी अपना फैसला सुनाएगा.

शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में मामला लगा है, जिसमें मुख्य अपीलों पर सुनवाई की तिथि तय हो सकती है. क्योंकि पिछली सुनवाई पर कोर्ट ने मामले को जनवरी के पहले सप्ताह में तारीख तय करने के लिए लगाने का आदेश दिया था. इस बीच एक नयी जनहित याचिका भी सुनवाई के लिए लगी है, जिसमें अयोध्या मामले की अपीलों पर तय समय में सुनवाई किये जाने की मांग की गई है. याचिका में मांग की गई है कि कोर्ट दिशा निर्देश तय करे कि अगर किसी मामले की सुनवाई स्थगित होती है या याचिका खारिज होती है तो कारण दर्ज किये जाएंगे.

रामलला सहित 13 पक्षकारों ने भूमि बांटने के हाईकोर्ट के आदेश को दी है चुनौती

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 30 सितंबर 2010 को अयोध्या राम जन्मभूमि मामले में फैसला सुनाते हुए जमीन को तीन बराबर हिस्सों में बांटने का आदेश दिया था. इस फैसले को रामलला सहित सभी पक्षकारों ने 13 अपीलों के जरिये सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश से फिलहाल मामले में यथास्थिति कायम है.

शुक्रवार को होने वाली सुनवाई पर सबकी निगाहें लगी हैं, क्योंकि हाल ही में प्रधानमंत्री ने एक साक्षात्कार में कहा था कि मामला कोर्ट में लंबित रहने तक अयोध्या मसले पर अध्यादेश नहीं लाया जाएगा. दूसरी ओर संघ परिवार और साधू-सन्यासी सुनवाई में हो रही देरी के आधार पर अयोध्या में मंदिर बनवाने के लिए अध्यादेश लाने की मांग पर अड़ा है.

15 याचिकाएं हैं लगीं

शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की पीठ के समक्ष राम जन्मभूमि विवाद से जुड़ी कुल 15 याचिकाएं सुनवाई के लिए लगी हैं. इसमें 13 हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ पक्षकारों की वे अपीलें है, जिन्हें कोर्ट विचारार्थ स्वीकार कर चुका है. अब उनकी मेरिट पर सुनवाई होनी है.

शिया बोर्ड की भी है याचिका

एक याचिका शिया सेन्ट्रल वक्फ बोर्ड की है, जिसने अयोध्या में मंदिर बनवाने के लिए हिन्दुओं का समर्थन किया है. हालांकि, वह याचिका अभी सिर्फ प्रारंभिक सुनवाई के स्तर पर ही है.

एक और नयी रिट याचिका विनीत कुमार मौर्या की लगी है. ये सारी याचिकाएं सातवें नंबर पर सुनवाई के लिए लगीं है. बीसवें नंबर पर हरिनाथ राम की एक नयी जनहित याचिका लगी है जिसमें अयोध्या मसले से संबंधित सभी अपीलों पर तय समय में सुनवाई की मांग की गई है. साथ ही केस के स्थगन और खारिज होने पर कारण दर्ज करने के बारे में दिशानिर्देश तय करने का भी आग्रह किया गया है.

पिछली सुनवाई में 29 अक्टूबर को कोर्ट ने तिथि तय करने के लिए मामला उचित पीठ के सामने लगाने का आदेश दिया था, जिसके बाद शुक्रवार को मामला सुनवाई पर लगा है. यह मामला फिलहाल दो न्यायाधीशों की पीठ के समक्ष लगा है, जबकि पहले इस मामले की सुनवाई तीन न्यायाधीशों की पीठ करती थी. ऐसे में माना जा रहा है कि शुक्रवार को ही कोर्ट मुख्य अपीलों पर सुनवाई की पीठ गठित करने पर भी चर्चा कर सकता है. हालांकि सामान्यतौर पर सुनवाई की पीठ तय करना मुख्य न्यायाधीश के प्रशासनिक कार्य में आता है.

Nationalwheels India News YouTube channel is now active and buzzing. Please subscribe here

You have successfully subscribed to the newsletter

There was an error while trying to send your request. Please try again.

NationalWheels will use the information you provide on this form to be in touch with you and to provide updates and marketing.