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अटार्नी जनरल का राफेल खरीद में बड़ा खुलासा, रक्षा मंत्रालय से चोरी हुए दस्तावेज

अटार्नी जनरल का राफेल खरीद में बड़ा खुलासा, रक्षा मंत्रालय से चोरी हुए दस्तावेज
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
फ्रांस के साथ राफेल खरीद डील मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में फिर सुनवाई हुई. अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने सुप्रीम कोर्ट में बड़ा खुलासा किया है कि रक्षा मंत्रालय से कुछ दस्तावेज चोरी हो गए हैं. यह चोरी लोक सेवकों ने की है या किसी अन्य की यह करामात है. केंद्र सरकार ने इस मामले की जांच शुरू करा दी है.
अटॉर्नी जनरल (एजी), केके वेणुगोपाल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि कुछ दस्तावेज रक्षा मंत्रालय से चोरी गए हैं. इसे लोक सेवकों द्वारा चुराए गए या किसी अन्य की ओर से. इसकी एक जांच लंबित है. हम रक्षा खरीद से निपट रहे हैं जिसमें राज्य की सुरक्षा शामिल है. यह बहुत संवेदनशील मामला है.

उधर, इसी मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट से गुजारिश की कि उन्होंने दि हिन्दू में प्रकाशित नरसिम्हन राम की रिपोर्ट के आधार पर एक सप्लीमेंटरी बनाई है, जिसे दाखिल करने की इजाजत दी जाए. सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने इस प्रस्ताव को खारिज करते हुए कहा कि आपने जो पहले डाक्यूमेंट दिए हैं, हमने उन्हें पढा है.
गौरतलब है कि पूर्व में राफेल डील को निरस्त कराने का मामला सुप्रीम कोर्ट में चल चुका है. राफेल डील की खरीद में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कांग्रेस के एक नेता व अधिवक्ता ने इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया था. याचिका में राफेल डील को निरस्त करने का आदेश देने की मांग की गई थी. राफेल डील को लेकर एक अन्य याचिका को लेकर भी सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की थी.
इस मामले में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश करते रहे हैं. इसे लेकर उन्होंने चौकीदार चोर है, जैसे नारे भी उछाले हैं. भाजपा नेताओं की ओर से यह आरोप लगाया गया था कि कांग्रेस अध्यक्ष राफेल डील को निरस्त कराना चाहते हैं. राफेल डील को निरस्त कराने के लिए भारत को लड़ाकू विमान देने की पेशकश करने वाली एक अन्य कंपनी इस पूरे मामले के पीछे बताई गई थी.
फिलहाल, पुलवामा आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के बालाकोट पर भारतीय वायु सेना के हमले के जवाब में पाकिस्तान के एफ-16 विमानों के एलओसी पार करने, मिग-21 की दुर्घटना और एक एफ-16 को मार गिराने के मामले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए सिरे से उठाया है. प्रधानमंत्री ने कहा कि राफेल विमान होते तो पाकिस्तान पर हमले की कहानी कुछ और होती. राफेल विमान होते तो न भारत का मिग-21 गिरता और न पाकिस्तान के एक भी एफ-16 विमान लौटकर जाते. ऐसे में यह मुद्दा लोकसभा चुनावों में भी गूंज सकता है. हालांकि, कांग्रेस ने बालाकोट के आतंकी शिविर पर भारतीय वायु सेना की कार्रवाई के बाद राफेल विमान मुद्दे को उठाने में एहतियात दिखाना शुरू कर दिया है.
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