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आज फिर याद आए #अटल, पहली पुण्य तिथि पर राजघाट पहुंची सरकार

आज फिर याद आए #अटल, पहली पुण्य तिथि पर राजघाट पहुंची सरकार
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
भारत रत्न विजेता पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की आज पहली पुण्यतिथि है. लंबी बीमारी के बाद 16 अगस्त 2018 को एम्स में उन्होंने अंतिम सांस ली थी. 25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर में जन्मे अटल जी को श्रद्धांजलि देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंह मंत्री अमित शाह, कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत भाजपा के ज्यादातर बड़े नेता और मोदी सरकार के अधिकतर मंत्री राजघाट पहुंचकर शीष नवाया. अटल बिहारी वाजपेयी 1998 से 2004 तक प्रधानमंत्री रहे. इस दौरान उन्होंने पोखरण में दो दिनों में सात परमाणु परीक्षण कर भारत को दुनिया की परमाणु ताकत वाला देश घोषित कर दिया था. साथ ही 1998 में धोखे से कारगिल में घुसे पाकिस्तानी सैनिकों को मार भगाया था.

कवि ह्रदय अटल बिहारी वाजपेयी अपनी वाकपटुता के लिए जाने जाते हैं. लंबा अरसा गुजर जाने के बाद भी कोई नेता उनके व्यक्तित्व के आसपास फटक नहीं सका है. इस मौके पर अटल जी की कविताएं लोगों को याद आ रही हैं. उन्होंने कश्मीर, देश की एकता और सुरक्षा, 1975 में लागू किए गए आपातकाल को याद कर कविताएं लिखी हैं-
भारत जमीन का टुकड़ा नहीं,
जीता जागता राष्ट्रपुरुष है।
इसका कंकर-कंकर शंकर है,
इसका बिन्दु-बिन्दु गंगाजल है।
हम जियेंगे तो इसके लिये मरेंगे तो इसके लिये।

आपातकाल पर लिखी कविता–

आजादी का दिन मना,
नई गुलामी बीच;
सूखी धरती, सूना अंबर,
मन-आंगन में कीच;
मन-आंगन में कीच;
कमल सारे मुरझाए;
एक-एक कर बुझे दीप,
अं‍धियारे छाए;
कह कैदी कविराय न अपना छोटा जी कर;
चीर निशा का वक्ष पुन: चमकेगा दिनकर।
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