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थल सेना प्रमुख जनरल विपिन रावत बन सकते हैं देश के पहले सीडीएस

थल सेना प्रमुख जनरल विपिन रावत बन सकते हैं देश के पहले सीडीएस
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस पर भारत के तीनों रक्षा सेनाओं के लिए चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ को नियुक्त करने का ऐलान किया है। सीडीएस तीनों सेनाओं के बीच आपसी तालमेल को बेहतर करने का काम करेगा।
कारगिल युद्ध के बाद भारत के रक्षा सुधार के लिए बनी कमेटी की सिफारिश के बाद इसकी मांग की जा रही थी। सीडीएस 5 स्टॉर जनरल होगा जो थल सेना, वायु सेना और नौसेना के उपर का रैंक होगा। चर्चा है कि वरिष्ठता को देखते हुए वर्तमान सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत को यह पद दिया जा सकता है। बताया जा रहा है कि जल्द ही इसके लिए एक कार्यान्वयन समिति का गठन किया जा सकता है जो दो-तीन महीनों में सीडीएस की भूमिका और तौर-तरीकों को स्पष्ट करेगी।
वर्तमान में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ तीनों रक्षा प्रमुखों में सबसे वरिष्ठ हैं लेकिन 30 सितंबर को ही वह सेवानिवृत्त हो जाएंगे. जनरल रावत का कार्यकाल 31 दिसंबर तक है। इसलिए पहले सीडीएस के रूप में उनका नाम लिया जा रहा है। यह भी चर्चा है कि सीडीएस के रूप में उनकी तैनाती के बाद कार्यकाल भी बढ़ाया जा सकता है।

अफसरों का मानना है कि चीफ ऑफ डिफेंस पद बन जाने के बाद आपात स्थिति या युद्ध के समय तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो पायेगा। युद्ध के समय सिंगल प्वॉइंट आदेश जारी किया जा सकेगा, जिसका मतलब तीनों सेनओं को एक ही जगह से आदेश जारी होगा। इससे सेना की रणनीति ज्यादा प्रभावशाली हो जाएगी। साथ ही कन्फ्यूजन की कोई स्थिति नहीं होगी। इससे काफी हद तक हम अपना नुकसान होने से बचा पाएंगे।

सीडीएस की वैधानिक स्थिति और प्रोटोकॉल

प्रधानमंत्री मोदी ने पद का ऐलान तो कर दिया है लेकिन अभी सीडीएस की भूमिका तय होना शेष है। भारत सरकार और रक्षा मंत्रालय के सामने सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न सीडीएस की वैधानिक स्थिति और प्रोटोकॉल को लेकर है। मौजूद तीनों जनरल फोर स्टार और रक्षा सचिव के समकक्ष हैं। ऐसे में जनरलों के जनरल का ओहदा क्या हो? क्या वह फाइव स्टार जनरल हो? क्या रक्षा सचिव से ऊपर कैबिनेट सेक्रेटरी के बराबर का दर्जा हो? ऐसा होने पर प्रोटोकॉल की स्थिति फिर क्या होगी?

अभी अमेरिका,चीन, यूनाइटेड किंगडम, जापान के साथ-साथ कई और देशों के पास चीफ ऑफ डिफेंस का पद है। राष्ट्र सुरक्षा के सभी मामलों से सीमित संसाधनों से साथ निपटने के लिए चीफ ऑफ डिफेंस के पद की जरूरत बताई जा रही थी। चीफ स्टाफ कमेटी में थलसेना, नौसेना और वायुसेना के प्रमुख शामिल होते है। कमेटी के सबसे वरिष्ठ सदस्य को इसका चेयरमैन नियुक्त किया जाता है।

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