Nationalwheels

नाराज संतों ने विहिप को मुश्किल में डाला, कहा- मकराना पत्थर से 1111 फिट ऊंचा बने श्रीराम मंदिर

नाराज संतों ने विहिप को मुश्किल में डाला, कहा- मकराना पत्थर से 1111 फिट ऊंचा बने श्रीराम मंदिर

अजय सिन्हा

अयोध्याः श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सदस्या के विवाद का छींटा अब श्रीराम मंदिर के निर्माण पर पड़ने लगा है। अयोध्या के संतों का एक गुट प्रस्तावित मॉडल की मुखालफत कर विश्व हिन्दू परिषद के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है। रविवार को संतों के एक गुट ने ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास और स्थानीय विधायक वेद प्रकाश गुप्ता को ज्ञापन देकर आवाज बुलंद की कि श्रीराम मंदिर को प्रस्तावित मॉडल के अनुरूप बनाने के बजाए 1111 फिट ऊंचा बनाया जाए। साथ ही इसका निर्माण लाल पत्थरों की जगह सफेद मकराना पत्थरों से किया जाए।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गठन के वक्त से ही अयोध्या के संतों में विरोध की आवाज उठनी शुरू हो गई थी। ट्रस्ट में अयोध्या के पूर्व बसपा नेता का नाम होने से शुरुआत में भी आवाज उठी थी। अब विरोधी गुट वाले संतों को आवाज देने का काम श्रीराम जन्मभूमि न्यास से वरिष्ठ पदाधिकारी और जन्मभूमि आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले डॉ रामविलास वेदांती ने किया है।
शनिवार को ही संतों ने दिगंबर अखाड़ा में बैठक कर ज्ञापन देने की रणनीति अपनाई। रविवार को संतों ने दो ज्ञापन दिए। पहले ज्ञापन में 5 मांगें उठाई गई हैं। दिगंबर अखाड़ा के संत सुरेश दास की ओर सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई है कि श्रीरामलला का मंदिर भव्य रूप में बने। इसकी ऊंचाई विश्व के सभी मंदिरों से सर्वोच्च हो। मंदिर को मकराना के सफेद पत्थरों से बनाया जाए। यह विश्व का अद्वितीय, भव्य, नव्य और दिव्य हो।
मांग की है कि मंदिर निर्माण में अयोध्या के संतों की सहमति और विश्वास में लेकर किया जाए। श्रीरामजन्मभूमि मंदिर परिसर में पूर्णतया धार्मिकता, आध्यात्मिकता का ही वातावरण बना रहे। किसी प्रकार से उसका व्यवसायीकरण न हो। श्रीराम जन्मभूमि की सुरक्षा दीवार 20 फीट ऊंची तथा 4 फिट मोटी हो।
दूसरे ज्ञापन में मांग की गई है कि रामजी के छोटे भाइयों भरत, लक्ष्मण और शत्रुह्न की जन्मभूमि को इतिहास और पुराणों के अनुरूप प्रमाणों के अनुसार पुनरुद्धार एवं निर्माण कराया जाए। उनके इतिहास को युगों तक अंधकार में न छड़ा जाए।
अयोध्या विधायक वेदप्रकाश गुप्ता ने नाराज संतों के पक्ष में अस्वासन दिया कि पीएम नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक संतों की बात पहुंचाऊँगा। पीएम मोदी ने ट्रस्ट की घोषणा के समय संसद में भव्य राम मंदिर निर्माण की बात कही थी।
संतों का कहना है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मंदिर निर्माण से संत संतुष्ट नहीं हैं। दरअसल, वर्तमाम मंदिर का निर्माण विहिप के तीन दशक पुराने मॉडल के आधार पर कराने की तैयारी है। इसी मॉडल के अनुरूप अयोध्या में कारसेवकपुरम में पत्थरों की तराशी का कार्य चल रहा है।
ज्ञापन देने वालों में रसिकपीठाधीश्वर महन्थ जनमेजय शरण, दिगम्बर अखाड़े के महंत सुरेश दास, अवधेश दास, महन्थ नारायनाचारी जगद्गुरु दिनेशाचार्य , महन्थ कृपालु दास महतन्थ पवन दास शाश्त्री ,महन्थ वरुण दास सहित दर्जनभर सन्त शामिल हुए हैं।

 


Nationalwheels India News YouTube channel is now active. Please subscribe here

(आप हमें फेसबुकट्विटर, इंस्टाग्राम और लिंकडिन पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *