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#AllahabadUniversity : छात्रावासों के लौटे सुनहरे दिन, घुसपैठिए बाहर और मेस ऑन

#AllahabadUniversity : छात्रावासों के लौटे सुनहरे दिन, घुसपैठिए बाहर और मेस ऑन
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
वक्त ज्यादा पीछे नहीं गुजरा है जबकि इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के छात्रावास घुसपैठिए और अपराधी किस्म के छात्रों/छात्रनेताओं से दो-चार थे। कई मामले ऐसे भी आए कि हॉस्टल में कक्ष आवंटन किसी का और कब्जा किसी का लेकिन अब यह पुरानी बात हो गई है। वर्तमान सत्र में लगभग सभी हॉस्टल घुसपैठियों और अपराधियों से मुक्त कराए जा चुके हैं। साथ ही सभी हॉस्टलों में मेस की सुविधा भी चालू हो गई है।
अप्रैल और मई के महीने में इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर छात्रावासों को अपराध मुक्त करने का सघन अभियान चलाया। इसे लेकर असफल विरोध-प्रदर्शन भी हुए। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो रतन लाल हांगलू ने इस दिशा में 2016 से ही पहल की थी। वर्ष 2016 में पहली बार हॉस्टल वाश आउट किया गया। तब भी सैकड़ों कमरों को दबंगों से मुक्त करवाया गया था। इस वर्ष अप्रैल 2019 में ताराचंद के 300 कमरों में से 54 पर अवैध लोगों कब्जा था। पीसीबी के 43, डायमंड जुबली के 45 और हिंदू हॉस्टल के 35 कमरों पर दबंगों का कब्जा था। हॉलैंड हॉल के 25 और जीएन झा के 42 कमरों पर भी घुसपैठियों का दबदबा था। इन्हें पूरी तरह से खाली कराकर इस सत्र से छात्रों को आवंटित भी किया जा चुका है।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ चित्तरंजन कुमार बताते हैं कि ‘विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा विगत छः माह में छात्रावासों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए। इसके पूर्व छात्रावास में अधिकांशतः अवैध कब्जाधारी वैध छात्रों को डरा धमका कर उनके कमरों पर कब्जा कर बैठे थे और छात्रावास परिसर से ही आपराधिक गतिविधियों का संचालन करते थे। पिछले नवंबर में छात्रावासों में नए और युवा अध्यापकों को छात्रावास के अधीक्षक के रूप में तैनात किया गया और ऐसे अराजक तत्वों पर नकेल लगाया गया।
उनका कहना है कि मार्च 2019 से लेकर मई 2019 तक विश्वविद्यालय प्रशासन एवं जिला प्रशासन द्वारा सामूहिक रूप से कई बार छात्रावासों में रेड डाली गई, जिसमें सभी अवैध एवं आपराधिक गतिविधि में संलिप्त अन्तःवासियों को छात्रावास से बाहर खदेड़ा गया। साथ ही सत्र के अंत में मई माह में छात्रावासों को पूर्णतया खाली कराया गया। इस दौरान छात्रावाओं की मरम्मत, उसका सुंदरीकरण एवं अन्य आवश्यक कार्य कराया गया। वर्तमान सत्र में ऐतिहासिक रूप से जुलाई के प्रथम सप्ताह तक सभी स्नातक के छात्रावासों के आवंटन हेतु सूची जारी हो गई और 25 अगस्त तक परास्नातक के छात्रावासों की सारी लिस्ट आ जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन का प्रयास है कि अगस्त के अंतिम सप्ताह तक छात्रावास के सभी प्रवेश संम्पन कर लिए जाएं।’
यही नहीं, पहले छात्रावास में रहने वाले अन्तः वासियों के लिए नियमित भोजन एक बड़ा प्रश्न था। सुचारू रूप से मेस न चलने के कारण छात्रों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। वजह, दबंग छात्र मेस में भोजन तो करते थे लेकिन शुल्क नहीं देते थे। सो, ज्यादातर हॉस्टलों से मेस संचालक भाग खड़े हुए। डॉ चितरंजन कुमार का कहना है कि इस वर्ष विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसके लिए प्रवेश के समय ही छात्रों से मेस शुल्क जमा करा लिया। अब हर छात्रावास में मेस चलाया जा रहा है तथा छात्रों को पौष्टिक भोजन मिल रहा है।
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