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#AllahabadDRM दफ्तर पर देख सकते हैं रेलवे की रफ्तार का मॉडल

#AllahabadDRM दफ्तर पर देख सकते हैं रेलवे की रफ्तार का मॉडल
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
रेलवे प्रशासन यात्रियों को नई रफ्तार से परिचय करा रहा है. पिछले ही दिनों चितरंजन लोकोमोटिव वर्क्स (सीएलडब्ल्यू) ने 180 किमी प्रति घंटे की गति देने वाले इलेक्ट्रिक इंजन (WAP-9) का सफलता के साथ ट्रॉयल पूरा किया है. यह रेल इंजन 24 कोचों की ट्रेन को 160 किमी प्रति घंटे के साथ दौड़ा सकता है. यही नहीं, सीएलडब्ल्यू अब 200 कमी प्रति घंटे की रफ्तार वाले इंजन के विकास में जुटा है. रेलवे की इस रफ्तार से यात्रियों के साथ आम आदमी और रेल कर्मचारी भी रूबरू हो सकें, इसके लिए उत्तर मध्य रेलवे के इलाहाबाद मंडल रेल प्रबधक कार्यालय में एक ऐसे इंजन का प्रोटोटाइप शुक्रवार को लगाया गया जो 140 किमी प्रति घंटे की गति से 24-26 कोचों की ट्रेन को दौड़ा सकता है. यह इंजन रेलवे में WAP-7 लोको कैब के रूप में जाना जाता है.
WAP-7 का उदघाटन 16 अगस्त 2019 को मंडल कार्यालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति में मंडल रेल प्रबंधक इलाहाबाद ने किया. यह लोको मॉडल आम लोगों तथा विशेष रूप से सभी रेलकर्मियों को प्रोत्साहित एवं गौरवान्वित होनें का अवसर प्रदान करेगा. उत्तर मध्य रेलवे इलाहाबाद मंडल के प्रमुख लोको अनुरक्षण इकाई–विद्युत लोको शेड कानपुर में रेलवे के आंतरिक संसाधनों के उपयोग से WAP-7 लोको के इस वास्तविक आकार के माडल को तैयार किया गया.
इस मॉडल को बनाने में लोको से निकले पुराने पहिये, बफर कपलिंग इत्यादि का प्रयोग किया गया है. इस मॉडल की बोगी तथा बाडी को पूरी तरह कानपुर शेड में लोहे की चादर से बनाया गया है जिसे देखने से एकदम असली एवं लोको जैसा प्रतीत होता है.
इस मॉडल का निर्माण वरिष्ठ मंडल बिजली इंजीनियर/लोको/कानपुर प्रदीप शर्मा, मंडल बिजली इंजीनियर शिवम श्रीवास्तव तथा जूनियर इंजीनियर अरविंद के नेतृत्व में कानपुर शेड में कार्यरत बाबूलाल, रामदीन ,हेमराज, वीरेंदर, दिलराज, देशराज, मंगलेश ,गोरखनाथ की 04 महीने में तैयार किया गया है. इंजीनियरिंग विभाग की टीम द्वारा मंडल इंजीनियर सम्पदा आईपीएस यादव एवं सहायक मंडल इंजीनियर एसके पाराशर के नेतृत्व में इसे स्थापित किया गया है.
WAP-7 लोको भारतीय रेलवे का आधुनिकतम एवं 6125 हॉर्स पॉवर का सबसे शक्तिशाली लोको है जो 24 से 26 कोच की गाड़ी को 140 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से चलाने में सक्षम है. वर्तमान में भारतीय रेलवे में राजधानी/शताब्दी एवं अन्य महत्वपूर्ण मेल/एक्सप्रेस गाड़ियां WAP-7 लोको द्वारा ही चलाई जा रही है. लोको कैब का मॉडल मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय की पहचान बनेगा. साथ ही शहर का लैंडमार्क बनेगा.

 

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