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इलाहाबाद जंक्शन का चप्पा-चप्पा कैमरे की नजर में, अब एयरपोर्ट जैसी निगरानी

न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
उत्तर मध्य रेलवे के इलाहाबाद जंक्शन पर शुक्रवार से हाईटेक सीसीटीवी कंट्रोल सेंटर शुरू कर दिया गया है। अब जंक्शन के प्लेटफार्म, आरक्षित/अनारक्षित टिकट बिक्री क्षेत्र, सरकुलेटिंग क्षेत्र समेत हर स्थान हाईरिजोल्यूशन कैमरों की निगाह में है। 143 कैमरों की मदद से पूरे स्टेशन क्षेत्र की निगरानी संभव हो गई है। कंट्रोल सेंटर में कैमरों की मानिटरिंग के लिए 65 इंच के 12डिस्प्ले मानीटर लगाये गए है। 02 डिस्प्ले मानीटर का एक ग्रुप बनाया गया है जिसमें एक मानीटर में 25 सीसीटीवी कैमरों की गतिविधि एक साथ प्रदर्शित होती हैं तथा दूसरे मानीटर पर 25 सीसीटीवी कैमरों में से एक कैमरे की गतिविधि 10 सेकंड तक पूरे स्क्रीन पर प्रदर्शित होती है जिससे पूर्ण गतिविधि स्पष्ट दिखती है।
भारतीय रेलवे के अति व्यस्त मंडल में शुमार इलाहाबाद मंडल में यात्री सुविधाओं में वृद्धि के साथ ही संरक्षा और सुरक्षा को पुख्ता बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इलाहाबाद जंक्शन के प्लेटफार्मो एवं सरकुलेटिंग एरिया में अवांक्षनीय  गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए 143सीसीटीवी कैमरे काम के साबित हो सकते हैं। इनकी प्रभावी मानिटरिंग के लिए नवविकसित सीसीटीवी  कंट्रोल सेंटर का शुभारंभ किया गया है।
सीसीटीवी कैमरों की मानीटरिंग के लिए कुल 06 ग्रुप बनाये गए हैं। प्रथम ग्रुप में चारों आश्रयों एवं PRS एरिया में लगाये गए 25 कैमरे शामिल हैं। दूसरे ग्रुप में सिटी साइड सरकुलेटिंग एरिया एवं प्लेटफार्म सं 01 पर लगाये गए कुल 25 कैमरे शामिल हैं। तीसरे ग्रुप में प्लेटफार्म सं 2/3 एवं 4/5 पर लगाये गए 25 कैमरे शामिल हैं। चतुर्थ ग्रुप में सिविल लाइन्स साइड सरकुलेटिंग एरिया, प्लेटफार्म सं06 तथा FOB सं 05 पर लगाये गए कुल 25कैमरे शामिल हैं। पंचम ग्रुप में FOB सं 01, 02, 03 तथा 04 पर लगाये गए कुल 25 कैमरे शामिल हैं। छठें ग्रुप में प्लेटफार्म सं 07/08एवं 09/10 पर लगाये गए कुल 18 कैमरे शामिल हैं। सभी ग्रुपों के कैमरों की मानिटरिंग सीसीटीवी  कंट्रोल सेंटर से की जा रही है। प्रत्येक सीसीटीवी कैमरे की स्टोरेज क्षमता 30दिन की है। 30 दिन तक की अवधि में किसी भी घटना की जानकारी देखी एवं परखी जा सकती है। सीसीटीवी  कंट्रोल सेंटर के माध्यम से स्टेशन की हर गतिविधि पर रेल सुरक्षा बल कर्मियों द्वारा 24 घंटे मानीटरिंग की जा रही है। इसके माध्यम से त्वरित कार्यवाही संभव हो सकेगी जिस कारण स्टेशन परिक्षेत्र में अपराध पर अंकुश लगेगा तथा यात्रियों की सुरक्षा में वृद्धि होगी।
महाप्रबंधक उत्तर मध्य रेलवे राजीव चौधरी ने इलाहाबाद जं पर सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के प्रयासों के तहत स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या 1 पर नव विकसित सीसीटीवी कंट्रोल सेंटर का शुभारंभ किया। रेलकर्मियों को बेहतर कार्य वातावरण एवं सुविधा देने के उद्देश्य से पुराने कैश ऑफिस के स्थान पर नवनिर्मित क्यूबिकल केबिन युक्त कार्यालय, लोकोपायलटों को सहज जानकारी उपलब्ध कराने हेतु लगभग 6 माह के सतत प्रयास के बाद विकसित की गई ई-बुक(टैबलेट) का विमोचन और लोको पायलटों को अपनी पसंद के कमरों को स्वयं बुक करने की सुविधा प्रदान करने के लिए रनिंग रूम सेल्फ बुकिंग प्रणाली का भी महाप्रबंधक द्वारा शुभारंभ किया गया।

इसी दौरान स्टेशन पर पुराने कैश ऑफिस के स्थान पर नवनिर्मित क्यूबिकल केबिन युक्त कार्यालय लोकार्पण किया गया। इस कार्यालय के निर्माण से स्टेशन पर कार्यरत रेल कर्मियों को बेहतर कार्य वातावरण प्रदान किया जा सकेगा। इसमें लगभग 565 वर्ग मीटर क्षेत्र में 20 केबिन बनाई गई है, जिसमे प्रत्येक केबिन में कुर्सी एवं मेज सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
प्लेट्फॉर्म सं 1 पर स्थित क्रू बुकिंग लॉबीमें ई-बुक(Tablet )तथा रनिंग रूम सेल्फ बुकिंग सिस्टम का शुभारम्भ भी महाप्रबंधक ने किया। अभी तक लोको पायलट को अपने टूल बॉक्स में परिचालन से सम्बंधित कई किताबों जैसे सामान्य एवं उप नियम, ट्रबल शूटिंग डायरेक्टरी, एक्सीडेंट मैनुअल,सिग्नल लोकेशन बुक, सेफ्टी सर्कुलर,वर्किंग टाइम टेबल, टेक्निकल सर्कुलर आदि को अपने पास रखना होता है। इन सभी  किताबों का  डिजिटलाइजेशन करते हुए एक ई-बुक के रूप में तैयार किया गया है। महाप्रबंधक ने 10 लोको पायलटों को ई-बुक युक्त टैबलेट भी प्रदान किया। प्रथम चरण में मंडल के वरिष्ठ 200 लोको पायलटों को टैबलेट प्रदान किया जा रहा है। जल्द ही शेष 1000 मेल/एक्सप्रेस लोको पायलटों को भी टैबलेट प्रदान किया जायेगा।
रेल परिचालन में संरक्षा सुनिश्चित करने की सबसे महत्वपूर्ण कड़ियों में से एक लोको पायलटों को सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से रनिंग रूम सेल्फ बुकिंग प्रणाली का भी महाप्रबंधक द्वारा शुभारंभ किया गया। लोको पायलटों को समुचित विश्राम की व्यवस्था रेल संरक्षा से सीधे-सीधे जुड़ी हुई है। अत: उन्हे पर्याप्त विश्राम देने हेतु रनिंग रूम में कमरा आवंटन में पारदर्शिता हेतु रनिंग रूम सेल्फ बुकिंग प्रणाली को विकसित किया गया है। इस दौरान मंडल रेल प्रबंधक समेत जोनल और डिवीजन के तमाम अफसर भी मौजूद रहे।

 

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