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उच्च शिक्षा आयोग के दो सदस्यों की नियुक्ति पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शासन से मांगा जवाब

उच्च शिक्षा आयोग के दो सदस्यों की नियुक्ति पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शासन से मांगा जवाब
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स

विधि संवाददाता

उच्च शिक्षा आयोग में दो सदस्यों की नियुक्ति का मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में पहुंच गया है. छात्र संघर्ष समिति की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दोनों सदस्यों डॉ हरिवंश और डॉ कृष्ण कुमार की नियुक्ति पर सवाल उठाए गए हैं. छात्र संघर्ष समिति के अवनीश पांडे की याचिका पर हाईकोर्ट ने सरकार से दोनों सदस्यों की नियुक्ति पर जरूरी कागजात तलब किया है.
छात्र संघर्ष समिति के अधिवक्ता आलोक मिश्रा ने दोनों सदस्यों की नियुक्ति को अवैधानिक होने का आरोप लगाया है. प्रकरण में शासन की तरफ से शासन की तरफ से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल, अपर स्थाई अधिवक्ता एके गोयल ने पक्ष रखा. उच्च शिक्षा आयोग के अधिवक्ता बीएन सिंह ने नियुक्तियों का बचाव किया. न्यायालय ने सभी का पक्ष सुनने के पश्चात शासन से दोनों सदस्यों की नियुक्ति सम्बन्धित सभी दस्तावेज प्रस्तुत करने का आदेश दिया है. प्रकरण की अगली सुनवाई 27 नवंबर 2019 को सुनिश्चित की है.
उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की खण्डपीठ ने प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति की तरफ से दाखिल जनहित याचिका संख्या 2020/2019 पर सुनवाई हुई की है. गौरतलब है कि 3 जून 2018 को सरकार द्वारा डॉ हरिवंश & डॉ कृष्ण कुमार को उच्च शिक्षा आयोग का सदस्य नियुक्त किया गया था.
वादी का कहना है कि यह दोनों सदस्य उच्च शिक्षा आयोग अधिनियम की उपधारा 2(a), धारा 4, अधिनियम 1980 मे वर्णित अधिमानी योग्यता को पूर्ण नहीं कर रहे है. इसके पूर्व समाजवादी सरकार द्वारा नियुक्त सदस्य रूदल यादव, रामवीर यादव, अनिल सिंह को इसी कारण सदस्य पर से हटाने का आदेश न्यायालय द्वारा दिया गया था. पुराने केस में भी अधिवक्ता आलोक मिश्रा ने ही छात्र संघर्ष समिति का पक्ष रखा था.

 


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