Nationalwheels

संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरू का बेटा विदेशी स्कॉलरशिप के लिए चाहता है भारत सरकार का पासपोर्ट

संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरू का बेटा विदेशी स्कॉलरशिप के लिए चाहता है भारत सरकार का पासपोर्ट
न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
वर्ष 2001 में भारतीय लोकतंत्र के प्रतीक संसद पर हमले के दोषी आतंकी अफजल गुरू का बेटा भारत सरकार से पासपोर्ट की गुहार लगा रहा है. अफजल गुरु के बेटे का दावा है कि उसे विदेश में पढ़ाई करने के लिए स्कॉलरशिप मिल रही है लेकिन पासपोर्ट नहीं होने के कारण वह उसका लाभ नहीं उठा पा रहा है. अफजल गुरू के बेटे का कहना है कि उसके पास आधार कार्ड है इसलिए पासपोर्ट भी मिलना चाहिए. संसद हमले के दोषी आतंकी अफजल गुरू को साल 2013 में फांसी की सजा दी गई थी.
एएनआई से अफजल के बेटे गालिब गुरू ने कहा, ‘मैं सोचता हूं कि मेरा पासपोर्ट मिलना चाहिए, क्योंकि तुर्की में मुझे मेडिकल के लिए स्कॉलरशिप मिल रही है. अगर मेरे पास आधार कार्ड है तो मुझे पासपोर्ट क्यों नहीं मिलना चाहिए. मुझे लगता है कि मुझे पासपोर्ट मिलना चाहिए.’
भारतीय संसद पर हमले की साजिश रचने वाले आतंकियों के मेंटर मोहम्मद अफजल गुरु के बेटे गालिब गुरु ने 12वीं की परीक्षा में 88 फीसदी अंक हासिल किए थे. कश्मीर एजूकेशन बोर्ड के नतीजों के मुताबिक गालिब ने 500 अंकों में से 441 अंक हासिल किए थे. उसे सभी पांच विषयों में ‘ए’ ग्रेड मिला था.
साइंस का स्टूडेंट रहा है गालिब
गालिब विज्ञान का छात्र है. उसने 12वीं में भौतिक, रसायन और बायोलॉजी लिया था. उसने सभी विषयों में 80फीसद से ऊपर अंक मिले थे. पीसीबी के अलावा उसके पास एनवॉयरमेंटल साइंस भी थी, जिसमें उसने सबसे अधिक 94 अंक हासिल किए थे. जम्मू कश्मीर के 10वीं की परिक्षा में भी गालिब टॉपर रहा था. गालिब ने 10वीं में कुल 500 अंकों में से 474 अंक हासिल किए थे.

डॉक्टर बनना चाहता है गालिब
2016 में गालिब गुरु ने कहा था कि वह मेडिकल की पढ़ाई करके डॉक्टर बनना चाहता हैं. गालिब गुरु ने कहा, “यह मेरे माता-पिता और परिवार का सपना है कि मैं डॉक्टर बनूं और मैं इसे पूरा करने की कोशिश करूंगा.”

 

Nationalwheels India News YouTube channel is now active. Please subscribe here

(आप हमें फेसबुकट्विटर, इंस्टाग्राम और लिंकडिन पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *