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69000 शिक्षक भर्ती घोटालाः सुल्तानपुर से भी जुड़े तार, छुट्टी लेकर भागा लम्भुआ सीएचसी का डॉक्टर है गैंग का सदस्य

69000 शिक्षक भर्ती घोटालाः सुल्तानपुर से भी जुड़े तार, छुट्टी लेकर भागा लम्भुआ सीएचसी का डॉक्टर है गैंग का सदस्य

पुलिस खोजने लगी तो आकस्मिक अवकाश लेकर परिवार सहित हो गया है लापता

 जीतेन्द्र श्रीवास्तव

सुल्तानपुर। 69 हजार शिक्षकों की भर्ती घोटालेबाजों की गैंग में जो लोग शामिल है, उनमें से एक नाम सुल्तानपुर जिले में तैनात एक चिकित्सक का भी है। बताया जाता है कि यह घोटालेबाज गैंग के सरगना और प्रयागराज निवासी केएल पटेल के रिश्तेदार और लालगंज तहसील के निलंबित लेखपाल का भाई है। सहभियुक्तों ने बताया है दोनो भाई कंडीडेट लाते थे और पैसे वसूलते थे।
प्रयागराज के सोरांव थाने में प्रतापगढ़ निवासी राहुल सिंह की शिकायत पर दर्ज एफआईआर और जांच के बाद सरगना केएल पटेल, प्रधान सहित 12 लोग अब तक पकड़े जा चुके हैं। राहुल ने आरोप लगाया था कि केएल पटेल ने उससे 7.50 लाख रुपये भर्ती कराने के वसूले थे लेकिन चयनितों की सूची में उसका नाम नहीं था। पुलिस ने इसमें से सात लाख रुपये बरामद कर चुकी है। सरगना के स्कूल से भी करीब 14 लाख रुपये बरामद हुए थे। केएल पटेल से हुई पूछताछ और उसकी डायरी में मिले नामों के आधार पर प्रतापगढ़ के अंतू थानान्तर्गत पूरे सेवक राय गांव निवासी लेखपाल राम अनुराग वर्मा की संलिप्तता भी सामने आई है। अनुराग वर्मा लालगंज तहसील में तैनात है और फरारी की वजह से निलंबित किया जा चुका है।
पुलिस ने भी उसकी तलाश में दबिशें दे रही है। शिकायतकर्ता राहुल ने बताया है कि लेखपाल अनुराग खुद को सरगना केएल पटेल का रिश्तेदार बताता है। पता चला है कि लेखपाल का भाई रामकरन वर्मा चिकित्सक है और वर्तमान में सुलतानपुर के लम्भुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर तैनाती है। सूत्र बताते है विवेचना के दौरान पकड़े गए मुल्जिमानों ने बताया है कि घोटाले में ये दोनों भाई शामिल हैं। रामकरन वर्मा की तलाश में प्रयागराज पुलिस छापेमार चुकी है।

6 जून से आकस्मिक अवकाश पर

सीएमओ सीबीएन त्रिपाठी ने बताया कि डॉ राम करन पिछले शानिवार से आकस्मिक अवकाश पर हैं। सोमवार को ड्यूटी जॉइन करना है। लम्भुआ सीएचसी प्रभारी डॉ खान ने बताया कि उन डॉ. वर्मा ने 6 जून को जानकारी दी थी कि उनके ससुर बीमार हैं। इसीलिए अवकाश लेना पड़ रहा है और वे उसी दिन परिवार सहित यहां से चले गए। वे अस्पताल के ही सरकारी आवास में रहते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि डॉ रामकरण वर्मा योग्य, सुमधुरभाषी, शालीन व सादा जीवन गुजारने वाले व्यक्ति है।

प्रयागराज में भी एक लेखपाल निलंबित

शिक्षख भर्ती गैंग के सरगना केएल पटेल का दोस्त और प्रयागराज के कोरांव तहसील में तैनात लेखपाल संतोष बिंद को भी इसी प्रकरण में पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर गुरुवार को निलंबित कर दिया गया है। जांचकर्ता एएसपी केवी अशोक ने कहा कि पूछताच में सरगना केएल पटेल ने बताया था कि दोस्ती में ही उसने दोस्त संतोष बिंद को लेखपाल की नौकरी दिलाई थी। लेखपाल पद पर चयन कराने के बदलने उसने संतोष से कोई रकम नहीं ली। पुलिस पूछताछ में संतोष बिंद ने खुलासा किया कि नौकरी की तलाश के दौरान ही उसकी केएल पटेल से दोस्ती हुई। हालांकि, फर्जीवाड़ा और बेरोजगार युवकों से रकम ऐंठने को लेकर बाद में दोनों में अनबन भी हो गई। इसके कारण संतोष गिरोह के दूसरे सदस्य संदीप पटेल के साथ जुड़ गया। पुलिस के अनुसार भर्ती गैंग में तीन गिरोह काम कर रहे थे। पहला गुट केएल पटेल, दूसरा संदीप पटेल और तीसरा मायापति दुबे का है। हालांकि, यह गिरोहबंदी बाहर थी। अंदरूनी तौर पर तीनों गिरोहों का सरगना केएल पटेल ही है। जांच के दौरान मायापति दुबे, संदीप पटेल और दुर्गेश की तलाश अभी जारी है।

एसटीएफ खंगाल रही भर्ती परीक्षा के टॉपर्स और गिरोह का रिश्ता

शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच राज्य सरकार एसटीएफ को सौंप चुकी है। एसटीएफ ने प्रयागराज, लखनऊ और वाराणसी में एक साथ छानबीन और पड़ताल का काम शुरू किया है। जांच के प्रारंभिक चरण में एसटीएफ ने प्रयागराज पुलिस की ओर से सोरांव थाने में दर्ज कराए गए मुकदमे और अब तक मिली लीड के आधार भर्ती परीक्षा के सभी टॉपर्स के नाम और गिरोह के साथ उनके संबंधों की पड़ताल शुरू कर दी है। ऐसा कहा जा रहा है कि भर्ती गिरोह ने साधारण शैक्षिक योग्यता वाले दो दर्जन से ज्यादा बेरोजगार युवकों से रकम ऐंठकर उन्हें शिक्षक बना चुकी है। टॉपर लिस्ट में भी गैंग के जरिए पहुंचे लोगों का नाम है। भर्ती परीक्षा का टॉपर भी पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है। इसका जिक्र कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने भी घोटाले के संदर्भ में किया था। सूत्रों का कहना है कि एसटीएफ ने केएल पटेल, संदीप पटेल, मायापति दुबे, प्रधान समेत अब तक गिरफ्तार किए जा चुके गिरोह के लोगों से जुड़े कई मोबाइल नंबरों को भी सर्विलांस पर लगाया है।

व्यापम भर्ती घोटाले से भी जुड़ा है सरगना केएल पटेल

प्रयागराज पुलिस के खुलासे के बाद केएल पटेल की परत-दर-परत खुल रही है। यह भी पता चला है कि वह मध्य प्रदेश के बहुचर्चित व्यापम घोटाले की भी अहम कड़ी था। केएल पटेल सुल्तानपुर में पदस्त रामकरन वर्मा की तरह खुद भी चिकित्सक हैं। व्यापम (व्यावसायिक परीक्षा मंडल) घोटाला भी डॉक्टरों की प्रवेश परीक्षा से जुड़ा है। बताते हैं कि केएल पटेल छतरपुर के परीक्षा केंद्र में शामिल होकर एक व्यक्ति को नकल कराया था। 2013 में नाम सामने आने वह भूमिगत हो गया। 2015 में एसटीएफ इसी मामले में उसे जेल भी भेज चुकी थी।

डॉ वर्मा का भी व्यापम से तो नहीं हो कोई रिश्ता

जानकार बताते हैं कि भर्ती गैंग के सरगना केएल पटेल और लंभुआ सीएचसी में तैनात डॉ रामकरन वर्मा ने अपने-अपने इलाकों में विद्यालयों का निर्माण साथ-साथ कराना शुरू किया था। दोनों ने ऐसे वक्त कॉलेजों का निर्माण कराया जबकि पूर्व में उनके पास ऐसी कोई पुश्तैनी संपत्ति नहीं थी। चर्चा है कि दोनों की संपत्तियां व्यापम भर्ती घोटाले से जुड़ी हो सकती हैं। केएल पटेल ने ननिहाल से रकम मिलने का जिक्र किया था। डॉ वर्मा के मामले में यह जांच का विषय हो सकता है।

 


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