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69000 शिक्षक भर्ती घोटाले में कर्नलगंज पुलिस ने FIR के लिए आईपीएस अफसर का आवेदन ठुकराया, सोरांव पुलिस ने किया भंडाफोड़

69000 शिक्षक भर्ती घोटाले में कर्नलगंज पुलिस ने FIR के लिए आईपीएस अफसर का आवेदन ठुकराया, सोरांव पुलिस ने किया भंडाफोड़
सौरभ सिंह सोमवंशी
प्रयागराजः 69000 बेसिक शिक्षकों की भर्ती मामले में एक नया मोड़ भी है। आईपीएस अमिताभ ठाकुर की तरफ से इस परीक्षा में अनियमितता का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए दिए गए आवेदन को कर्नलगंज पुलिस ने ठुकरा दिया है। यही नहीं, कर्नलगंज पुलिस ने आरोप लगाया है कि आवेदनकर्ता अपनी लोकप्रियता के लिए प्राथमिकी दर्ज कराना चाहता है। थाना स्तर से मांग ठुकराए जाने पर आईपीएस अफसर ने एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की गई है।
आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने शिक्षक भर्ती के परिणाम के संबंध में कतिपय गंभीर तथ्य आने के बाद प्रकरण में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। अपनी शिकायत में अमिताभ ने कहा था कि उन्हें कई लोगों द्वारा शिक्षक भर्ती की परीक्षा के पेपर लीक होने तथा परीक्षा की प्रक्रिया में गड़बड़ी होने के संबंध में शिकायत एवं साक्ष्य भेजे गए हैं। इन साक्ष्यों के अनुसार जहाँ परीक्षा 06 जनवरी 2019 को 11 बजे शुरू होनी थी, वहीँ उस दिन एक व्यक्ति के मोबाइल पर 09.57 बजे तथा दूसरे के मोबाइल पर 10.27 बजे ही व्हाट्सएप से पेपर आ गए थे। इसी प्रकार एक अख़बार में परीक्षा के समय ही दिन में 12 बजे पेपर लीक होने के साक्ष्य रख दिए गए थे।
इसी प्रकार कई सफल विद्यार्थी एक ही विद्यालय या कुछ ख़ास नंबर सीरिज के हैं तथा एक ही परिवार के कई-कई अभ्यर्थी चयनित होने, टीईटी परीक्षा में काफी कम अंक आये पर इस परीक्षा में काफी अधिक अंक आने, कतिपय दलालों की भूमिका सामने आने जैसी अनियमितताएं भी आई थीं।

(कर्नलगंज के प्रभारी इंस्पेक्टर द्वारा एसएसपी को लिखा गया वह पत्र जिसमें उन्होंने प्राथमिकी दर्ज न करने का कारण गिनाया है।)

आईपीएस अफसर के इस आवेदन पत्र पर इंस्पेक्टर कर्नलगंज अरुण कुमार त्यागी ने विलंब के आधार पर एफआईआर दर्ज करने से मना कर दिया। उन्होंने एसएसपी को लिखे पत्र में कहा है कि परीक्षा के तत्काल बाद ही एफआईआर करनी चाहिए थी। प्रभारी निरीक्षक ने अमिताभ पर मात्र अपनी लोकप्रियता हासिल करने के उद्देश्य से आवेदनपत्र देने विषयक के आरोप लगाये हैं।

(आईपीएस अमिताभ ठाकुर)

अमिताभ ने एसएसपी प्रयागराज को धारा 154(3) सीआरपीसी में भेजे प्रार्थनापत्र में कहा है कि इंस्पेक्टर की बात गलत है एवं मात्र विलंब के आधार पर इतने महत्वपूर्ण मामले में एफआईआर दर्ज करने से मना नहीं किया जा सकता है। उन्होंने अविलंब एफआईआर लिखने की मांग की है।

उधर, यह भी साफ कर दें कि जिस मामले में कर्नलगंज पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करने से इनकार कर दिया है, उसी परीक्षा में हुई धांधली, वसूली से जुड़े आरोपों को लेकर सोरांव पुलिस ने एक गिरोह का भंडाफोड़ कर 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस मामले की जांच एएसपी स्तर के दो अफसर कर रहे हैं। इस मामले का खुलासा भी एक अभ्यर्थी की शिकायत की जांच के दौरान ही हुआ है। ऐसे में कर्नलगंज के प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार त्यागी की मंशा पर सवाल जरूर खड़े होते हैं।

यहां रोचक यह है कि सोरांव पुलिस की ओर से सहायक अध्यापक बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ होने पर आशीष त्रिपाठी नाम के व्यक्ति ने एसएसपी प्रयागराज को टैंग कर ट्वीट किया है कि 69000 शिक्षक भर्जी में जो गिरोह पकड़ा गया है ये लोग करीब 10 हजार लोगों को पेपर आउट कर लाभ दिला चुके हैं। इन्हें जेल भेजकर दोबारा परीक्षा कराने में मदद करें। एसएसपी ने इस आशीष की मांग को लाइक भी किया है यानि उन्होंने इसे आवेदन को देख भी लिया है।

इस मामले की जड़ कितनी गहरी है एसएसपी प्रयागराज सत्यार्थ अनिरुद्ध के एक ट्वीट से भी जाहिर होता है, जिसमें उन्होंने सोरांव पुलिस द्वारा किए गए खुलासे से जुड़ी खबर को टैग कर लिखा है कि शिक्षा जगत की बुनियाद में सेंध लगाकर ईमानदार परिश्रमी अभ्यर्थियों का हक मारने वाले माफियाओं का यह तंत्र ध्वस्त करने की चुनौती @prayagraj_pol, @venkatashok  @Anilyadav_IPS ने स्वीकारी है। साफ है कि आईपीएस अफसर के आवेदन को कर्नलगंज पुलिस ने भले ही तमाम तकनीकी कारण गिनाते हुए ठुकरा दिया हो लेकिन इसकी जड़ें गहरी हैं।

 


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