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महाकुंभ तक प्रयागराज जंक्शन बनेगा विश्वस्तरीय, बनेगा ग्रीन स्टेशन

महाकुंभ तक प्रयागराज जंक्शन बनेगा विश्वस्तरीय, बनेगा ग्रीन स्टेशन

प्रयागराज: रेलवे स्टेशन के रीडिवेलपमेंट योजना के तहत प्रयागराज जंक्शन को विश्वस्तरीय बनाने पर ₹859.09 करोड़ खर्च किए जाएंगे। रेलवे प्रयागराज जंक्शन को सिटी सेंटर के रूप में भव्य बनाएगा। रेलवे ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। टेंडर शर्तों के अनुसार विश्वस्तरीय स्टेशन के रूप में प्रयागराज जंक्शन का पूरा निखार 48 महीने बाद दिखेगा। अब तक की रफ्तार से अनुमान है कि 2025 महाकुंभ तक रेलवे स्टेशन सिटी सेंटर का स्वरूप ले सकेगा। कानपुर और ग्वालियर स्टेशन के पुनर्विकास के टेंडर भी जारी हो गए हैं।

प्रयागराज जंक्शन को विश्वस्तरीय बनाने की कवायद दशकभर पहले शुरू हुई। तमाम उठापटक और बदलावों के दौर से गुजरी योजना के रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव के कार्यकाल में शुरू होने की संभावना के दौर में है। फिलहाल, अब इसका निर्माण उत्तर मध्य रेलवे की निर्माण ईकाई करेगी। इसके डिप्टी चीफ इंजीनियर की तरफ से जारी टेंडर के अनुसार 01 अगस्त तक टेंडर जमा होगा और 08 अगस्त को खुलेगा यानि उस दिन यह साफ हो सकेगा कि स्टेशन रीडेवेलपमेंट के लिए किस कंपनी का चयन किया गया है।

जंक्शन पर ये बदलेगा

प्रयागराज जंक्शन के दोनों हिस्सों में मल्टी स्टोरी भवन बनेंगे। सिटी साइड के मौजूदा भवन में व्यापक बदलाव होगा। सिविल लाइन्स साइड में भी बहुमंजिला भवन आकार लेंगे। निर्माण के बाद रेलवे स्टेशन सिर्फ ट्रेनों की आवाजाही और यात्री सुविधाओं से जुड़ा स्थान ही न रहकर शहरियों के लिए एक बड़ा व्यवसायिक केंद्र बनकर उभरेगा। यहां ब्रांडेड कंपनियों के शोरूम, बड़े होटल आदि होंगे। पार्किंग व्यवस्था भी उसी अनुरूप होगी। स्टेशन परिसर में प्रवेश और निकास द्वार अलग-अलग यानि वन-वे जैसे होंगे। भूमिगत निर्माण भी होंगे। इसके साथ एक बड़ा असर यह होगा कि प्रत्येक वर्ष होने वाली तोड़फोड़ और इस पर खर्च होने वाली रकम का बेजा इस्तेमाल बंद हो जाएगा।

प्लेटफार्म की बजाय यात्रियों के ठहराव और इंतजार का स्थान पहली या दूसरी मंजिल पर होगा। प्लेटफार्म पर वही यात्री पहुंचेंगे, जिनकी ट्रेनें आने वाली होंगी। स्टेशन भवन पर भी यात्री सुविधाओं के साथ कामर्शियल गतिविधियां बढ़ेंगी। रेलवे जमीन का अधिकतम व्यवसायिक इस्तेमाल की तैयारी है।

सिविल लाइन्स साइड में व्यापक बदलाव

जंक्शन के सिटी साइड के साथ ही सिविल लाइन्स साइड में भी भव्यता दिखेगी। इसके लिए नवाब यूसुफ रोड स्थित ट्रैफिक कालोनी हटाई जाएगी। इसके स्थान पर कामर्शियल बिल्डिंग, यात्री सुविधाएं आकार ले सकती हैं। नवाब यूसुफ रोड से अभी न दिखने वाला रेलवे स्टेशन भव्यता के साथ सामने होगा। यह सिविल लाइन्स जैसे पाॅश इलाके में होने के कारण रेलवे के लिए बेशकीमती भी है। रेलवे इस स्थान का अधिकतम कामर्शियल इस्तेमाल कर सकेगा।

महाकुंभ तक निर्माण पूरा

उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डाॅ. शिवम शर्मा ने बताया कि प्रयागराज जंक्शन प्रकृति के रंग-रूप जैसा होगा। इसे ग्रीन स्टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। निर्माण प्रक्रिया शुरू हो गई है। महाकुंभ तक स्टेशन के पुनर्विकास का कार्य पूरा करने का लक्ष्य है। इसके अनुरूप ही कार्य किए जा रहे हैं।

बताया कि कानपुर, प्रयागराज, ग्वालियर समेत उमरे के 17 स्टेशन विश्व स्तरीय स्टेशन बनाना लक्षित हैं। इसमें अलग-अलग एंट्री, एग्जिट होगी।
कमर्शियल उपयोग के लिए अलग जगह चिह्नित होंगी। पार्किंग बेसमेंट में होगी। फ़ूड प्लाजा भी होगा। कुल मिलाकर एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं मिलेंगी। तीन स्टेशनों के टेंडर जारी हो चुके हैं

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