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देश में घूम रहे इटली के 14 नागरिक #COVID-19 से पीड़ित, कुल संख्या बढ़ने की आशंका

देश में घूम रहे इटली के 14 नागरिक #COVID-19 से पीड़ित, कुल संख्या बढ़ने की आशंका

देश में कोरोना वायरस से पीड़ितों की संख्या में दो दिनों के अंदर तेजी से उछाल आया है

न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
देश में कोरोना वायरस से पीड़ितों की संख्या में दो दिनों के अंदर तेजी से उछाल आया है. मंगलवार की शाम तक मिले 6 पीड़ितों के स्थान पर यह संख्या बढ़कर अब 20 से ज्यादा हो गई है. बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री हर्षबर्द्धन ने दावा किया कि इटली के 21 नागरिकों की जांच की गई. इसमें से 14 लोगों के नमूने पॉजिटिव पाए गए हैं. इन सभी लोगों को आईटीबीपी के छावला स्थित शिविर में रखा गया है. सभी का गहनता से परीक्षण किया जा रहा है.

दिल्ली में स्वास्थ्य मंत्री के ऐलान के थोड़ी देर पहले ही राजस्थान से भी कुछ ऐसी ही खबरें आई हैं. राजस्थान के अतिरिक्त मुख्य सचिव रोहित कुमार के हवाले से आईएएनएस ने कहा है कि सात जिलों के कलक्टर्स सरकार के निर्देशों का पालन कर रहे हैं. एक बस से दिल्ली से राजस्थान के लिए यात्रा कर रहे दो इटैलियन नागरिकों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है.

विदेशी नागरिकों में कोरोना वायरस के प्रसार से यह आशंका भी खड़ी हो गई है कि ये नागरिक होटल और यात्रा के दौरान विभिन्न लोगों के संपर्क में आए होंगे. ऐसे में उन लोगों की तलाश भी शुरू कर दी गई है. बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार की सुबह ट्वीट कर कहा कि भीड़ वाली जगहों से बचें. साथ ही होली मिलन समारोह में वह खुद के शामिल न होने का ऐलान भी तर चुके हैं. इसका संकेत यह है कि देश में कोरोना वायरस का संक्रमण गहराने का खतरा बढ़ गया है.
कोरोना वायरस की गिरफ्त से अब तक दूर रहे भारत में भी दो दिनों के अंदर सात मरीजों की जानकारी सामने आ चुकी है. आशंका है कि इन मरीजों के संपर्क में आए लोग भी इससे प्रभावित हो सकते हैं. फिलहाल, भारत के लिए एक भारी मुसीबत यह दिख रही है कि कोरोना वायरस से निपटने के लिए भारत चीन से आयातित दवाओं पर निर्भर है. चीनी कंपनियों ने दवाओं के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले रसायनों का उत्पादन कोरोना वायरस के खौफ के कारण बंद कर दिया था. राहत सिर्फ इतनी है कि ज्यादातर दवा कंपनियों ने दुबारा दवाओं का उत्पादन भी शुरू कर दिया है.
केंद्रीय ड्रग्स मानक नियंत्रण संगठन के संयुक्त निदेशक डॉ ईश्वर रेड्डी की अध्यक्षता में गठित समिति ने जांच के बाद कहा है कि नवीनतम उपलब्ध जानकारी के अनुसार फ़ार्मास्युटिकल सामग्री (हुबेई प्रांत को छोड़कर) बनाने वाली अधिकांश चीनी कंपनियों ने अब परिचालन को आंशिक रूप से फिर से शुरू कर दिया है. साथ ही मार्च के अंत तक पूरी तरह से फिर से शुरू होने की उम्मीद है.
चीन से एपीआई के निर्यात पर कोई प्रतिबंध नहीं हैं. चीनी कंपनियां भारत को निर्यात करने के लिए तैयार हैं. हालांकि, रसद क्षेत्र ने अभी तक पूरी तरह से संचालन शुरू नहीं किया है. यह सीडीएससीओ के पोर्ट कार्यालयों से देखा गया है कि एपीआई चीन से आयात किए जा रहे हैं. सीडीएससीओ के बंदरगाह कार्यालयों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 26 और 27 फरवरी 2020 के दौरान एपीआई की 56 खेपों का आयात किया जाता है. 56 में से 40 खेप चीन की हैं और बाकी चीन से इतर देशों की हैं.
फार्मास्युटिकल विभाग ने चीन में नोवेल कोरोना वायरस प्रकोप से बचाव के लिए देश में दवा सुरक्षा के मुद्दों से निपटने के लिए केंद्रीय ड्रग्स मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के संयुक्त निदेशक डॉ. ईश्वर रेड्डी की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया है.
समिति ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि एपीआई का वर्तमान स्टॉक-इन फॉर्म निर्माण के लिए 2 से 3 महीने के लिए पर्याप्त हो सकता है. समिति ने कहा है कि घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि दवा सुरक्षा का प्रयाप्त इंजताम है.
समिति की सिफारिशों के आधार पर विभाग ने राष्ट्रीय फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA), ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) और राज्य सरकारों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं ताकि बाजार में सस्ती कीमतों पर एपीआई और फॉर्मूलेशन की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके.
कालाबाजारी, अवैध जमाखोरी को रोकने के लिए देश में कृत्रिम कमी पैदा करने वालों के खिलाफ एनपीपीए ने राज्यों के मुख्य सचिवों और प्रमुख सचिवों को भी पत्र भेजे गए हैं. स्वास्थ्य और राज्य के ड्रग कंट्रोलरों ने उनसे अपने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों और यूटी में कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए एपीआई और निर्माण के उत्पादन और उपलब्धता की बारीकी से निगरानी करने का अनुरोध किया है.
अनुसूचित / गैर-अनुसूचित योगों की कीमतों में स्वीकार्य वृद्धि दवाओं की कीमतों के अनुपालन के संबंध में ड्रग्स (मूल्य नियंत्रण) आदेश, 2013 के प्रावधानों का कोई उल्लंघन नहीं है. इस संबंध में, फार्मास्युटिकल विभाग ने डीजीएफटी को इन एपीआई का उपयोग करके किए गए 13 एपीआई और योगों के निर्यात को प्रतिबंधित करने के लिए लिखा है. ये एपीआई मुख्य रूप से चीन के हुबेई प्रांत में बने हैं.

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