1.5 लाख लोगों ने आरआरबी लेवल-1 की उत्तर कुंजी पर जताई थी आपत्ति, परिणाम के बाद बवाल

न्यूज डेस्क, नेशनलव्हील्स
रेलवे भर्ती बोर्ड की ग्रुप डी के लेवल -1 के परिणाम को लेकर हंगामा खड़ा हो गया है. असफल घोषित किए गए अभ्यर्थियों की ओर से यह बात फैलाने पर कि आरआरबी ने परीक्षा परिणाम तैयार करने के लिए नई विधि अख्तियार की गई. दो दिनों में ही मामला उछलने के कारण रेलवे बोर्ड ने सफाई दी है. रेलवे बोर्ड का कहना है कि लेवल 1 के परिणाम तैयार करने की कोई नई विधि शुरू नहीं की गई थी.
बुधवार को जारी की गई रेलवे की सफाई में कहा गया है कि केंद्रीकृत रोजगार अधिसूचना के अनुसार उम्मीदवारों द्वारा सुरक्षित अंक सामान्यीकरण के अधीन हैं. सामान्य होने पर एक उम्मीदवार द्वारा सुरक्षित किए गए अंक परीक्षा के पेपर के कुल अंकों से अधिक हो सकते हैं. रेलवे का कहना है कि 2000 से अब लगभग 19 वर्षों से सामान्यीकरण की इस पद्धति का पालन किया जा रहा है.
1.89 करोड़ आए थे आवेदन
RRBs ने कुल 62,907 रिक्तियों के लिए 10 फरवरी 2018 को प्रकाशित केंद्रीकृत रोजगार अधिसूचना (CEN) नंबर 02/2018 के खिलाफ ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए थे. ऑनलाइन आवेदनों की रिकॉर्ड संख्या 1,89,78,913 प्राप्त हुई थी. विश्व का सबसे बड़ी कंप्यूटर आधारित परीक्षण 17 सितंबर 2018 से 17 दिसंबर 2018 तक 152 पारियों में आयोजित की गई थी. कंप्यूटर आधारित टेस्ट का परिणाम 04 मार्च 2019 को घोषित किया गया.  कंप्यूटर आधारित टेस्ट के लिए परिणाम की तैयारी का कोई नया तरीका नहीं अपनाया गया.
आरआरबी की पिछली परीक्षाओं में ऐसे उदाहरण सामने आए हैं, जहां उम्मीदवारों के सामान्य अंक कुल अंकों से अधिक थे. CEN-02/2018 के परिणामों में कुछ भी असामान्य नहीं है. क्योंकि उम्मीदवारों द्वारा सुरक्षित कच्चे अंक उनके सामान्यीकृत निशान को अनिश्चित रूप से परिभाषित कर रहे हैं. लेवल -1 (CEN-02/2018) कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) में किसी भी उम्मीदवार के अधिकतम सामान्यीकृत अंक 126.13 हैं.
14 ऑब्जेक्शन ट्रैकर पर ली गई थीं शिकायतें
रेलवे का कहना है कि परिणाम जारी होने के बाद परीक्षा प्रणाली को लेकर मनगढ़ंत कहानी गढ़ी जा रही है. परिणामों के प्रकाशन से पहले सभी उम्मीदवारों को प्रश्न पत्र, मास्टर उत्तर कुंजी और अपनी स्वयं की मूल्यांकन की गई उत्तर पुस्तिका देखने के लिए दिया गया था. 14 ऑब्जेक्शन ट्रैकर  14 जनवरी 2019 से 20 जनवरी 2019 तक अभ्यर्थियों के लिए सुलभ थाे. इस दौरान 1.58 लाख उम्मीदवारों ने अपनी आपत्तियाँ प्रस्तुत कीं. इन पर विचार किया गया और उनकी समीक्षा की गई.
दो वर्षों में 2.3 लाख भर्ती और
यह ध्यान दिया जा सकता है कि 1.5 लाख नौकरियों के अलावा रेलवे अगले दो वर्षों में 2.3 लाख और लोगों की भर्ती भी करेगा. जारी प्रक्रिया के साथ मिलकर, भारतीय रेलवे द्वारा कुल संख्या 4 लाख नौकरियों की होगी.

 

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