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सेवानिवृत्त IAS अवनीश अवस्थी बड़ी दमदारी से फिर करेंगे सत्ता तंत्र में वापसी ?

सेवानिवृत्त IAS अवनीश अवस्थी बड़ी दमदारी से फिर करेंगे सत्ता तंत्र में वापसी ?

लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार के चर्चित अफसरों में शुमार रहे वरिष्ठ आईएएस अवनीश कुमार अवस्थी सत्ता तंत्र में बड़ी धमक और गद्दारी के साथ वापसी कर सकते हैं। 31 अगस्त को सेवानिवृत्त के बाद उन्हें लेकर अब ब्यूरोक्रेसी से जुड़ी सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। चर्चा है कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुख्य सलाहकार बनकर पहले की अपेक्षा ज्यादा दमदार से वापसी जल्द करेंगे। वह केवल मुखौटा बनकर न रहें, इसके लिए उन्हें प्रशासनिक फैसलों के लिए ” शक्तियां ” भी मिल सकती हैं।

अवधेश कुमार अवस्थी योगी सरकार के ताकतवर अफसरों में शुमार किए जाते रहे हैं। ब्यूरोक्रेसी में रहने के दौरान उनके पास गृह, सूचना, यूपीडा जैसे कई महत्वपूर्ण विभाग रहे हैं। प्रशासनिक स्तर पर होने वाले फैसलों में उनका असर भी देखा जाता रहा है। संभावना थी कि अवनीश अवस्थी का कार्यकाल एक से दो वर्ष बढ़ सकता है। लेलेकिनबईते 31 अगस्त को वह अचानक सेवानिवृत्त हो गए। इसके साथ उनके नए करियर को लेकर तमाम अटकलबाजी भी हुईं।

सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त के सप्ताहभर के अंदर ही उनकी वापसी की खबरें भी ब्यूरोक्रेसी में छा गईं। बताया जा रहा है कि अवनीश अवस्थी दोगुनी ताकत से वापसी करेंगे। अवस्थी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मुख्य सलाहकार बनाने की तैयारी चल रही है।

सूत्रों का दावा है कि अवनीश अवस्थी की नई पारी प्रशासनिक से अधिक राजनैतिक ज्यादा है। वह मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार के तौर पर वापसी कर सकते हैं। अवस्थी को पूरी शक्ति भी मिलेगी। इसके साथ ही अवनीश अवस्थी सरकार की मुख्य धारा में फिर लौट आएंगे।

मुख्य धारा में वह प्रशासनिक कामकाज में मुख्यमंत्री को सलाह देंगे। बताते हैं कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे को बतौर यूपीडा सीईओ अवनीश कुमार अवस्थी ने निर्धारित अवधि से पहले पूरा कराने में मुख्य भूमिका निभाई। कानून व्यवस्था के मोर्चे पर भी गृह विभाग का मुखिया होने के नाते उन्होंने कार्य को बेहतरीन तरीके से अंजाम दिया। 2022 के विधानसभा चुनाव में योगी सरकार की यूएसपी कानून व्यवस्था ही थी। यह ऐसा मुद्दा बना कि इसके सामने विपक्ष के दावे कहीं टिक नहीं सके।

ऐसे में माना जा रहा है कि आधारभूत ढांचे में सुधार और निर्माण, कानून व्यवस्था, प्रशासनिक सुधार जैसे मोर्चे पर सरकार उनके अनुभवों का इस्तेमाल करेगी।

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