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श्रीराम मंदिर निर्माण में खुशखबरी, एक जून से गर्भगृह का होगा शुरू

श्रीराम मंदिर निर्माण में खुशखबरी, एक जून से गर्भगृह का होगा शुरू

अयोध्या में निर्माणाधीन श्रीराम मंदिर निर्माण प्रक्रिया में एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अगुवाई में बन रहे मंदिर में प्लिथ निर्माण का कार्य लगभग पूरा होने वाला है। 1 जून से गर्भगृह का निर्माण होना शुरू हो जाएगा। इसके लिए राजस्थान से नक्काशीदार गुलाबी और संगमरमर पत्थरों का पहुंचना शुरू हो गया है। ट्रस्ट ने मंदिर निर्माण से जुड़ी प्रक्रिया और इसमें लगने वाली शिलारूपी पत्थरों की जानकारी दी है।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने कहां है कि बहुत शीघ्र गर्भगृह और उसके आसपास नक्काशीदार पत्थरों का रखना शुरू हो जाएगा। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ट्वीट कर कहा है कि 1 जून से गर्भगृह का निर्माण शुरू होने जा रहा है। प्लिंथ का निर्माण कार्य अंतिम दौर में है जो 30 मई तक पूरा हो जाएगा।

ट्रस्ट ने कहा कि प्लिंथ यानि मंदिर के फर्श और कुर्सी बनाने का कार्य 24 जनवरी 2022 से शुरू हुआ था। फर्श को RAFT की ऊपरी सतह से करीब 6.5 मीटर की ऊंचाई तक ऊपर उठाया जा रहा है। इसके लिए कर्नाटक और तेलंगाना के ग्रेनाइट पत्थरों के छोटे-छोटे ब्लॉक (5मी लंबा, 2.5 चौड़ा और 3 मी. ऊंचा) लगाया जा रहा है। ऐसे 17000 ग्रेनाइट ब्लॉक का इस्तेमाल किया जाएगा। सितंबर 2022 तक प्लिंथ को ऊंचा करने का कार्य पूर्ण होने की संभावना है।

ट्रस्ट के अनुसार प्लिंथ की ऊंचाई बढ़ाने, गर्भगृह और उसके आसपास नक्काशीदार पत्थरों को रखने का कार्य साथ साथ चलेगा। राजस्थान के भरतपुर जिले में स्थित बंसी पहाड़पुर में मिलने वाले बलुआ गुलाबी पत्थरों का इस्तेमाल मंदिर निर्माण में किया जा रहा है। मंदिर निर्माण में करें 4.70 लाख क्यूबिक फिट नक्काशीदार गुलाबी बलुआ पत्थरों का इस्तेमाल होगा। राजस्थान के ही सिरोही जिले के पिंडवाड़ा कस्बे में स्थित नक्काशी स्थल से यह पत्थर अयोध्या पहुंचने भी लगे हैं। कृष्ण ने कहा है कि गर्भ गृह के अंदर राजस्थान के मकराना पहाड़ के सफेद पत्थरों का इस्तेमाल किया जाएगा। इन पत्थरों की तराशी और नक्काशी का कार्य चल रहा है। कुछ नक्काशीदार सफेद मकराना पत्थर अयोध्या पहुंच चुके हैं।

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