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विजिलेंस की गहरी नींद से रेलवे स्टेशनों पर वेंडर्स की मौज, 15 का पानी 20 में

विजिलेंस की गहरी नींद से रेलवे स्टेशनों पर वेंडर्स की मौज, 15 का पानी 20 में

देह को झुलसा देने वाली गर्मी में रेलवे विजिलेंस की सुस्ती और कामर्शियल कर्मियों की वसूली के आगे यात्री सुविधाएं बौनी पड़ने लगी हैं। दिल्ली से लेकर कानपुर सेंट्रल, प्रयागराज, हावड़ा तक वेंडर मनमानी पर उतारू हैं। पानी की अधिक कीमतें वसूलने की शिकायतों की बाढ़ है।अधिकतर स्टेशनों पर ठंडा करने के नाम पर ₹15 वाली रेलनीर की बोतलें ₹20 में बिक रही हैं। ट्वीटर पर आने वाली शिकायतों पर रेलवे कार्रवाई की बजाए शिकायतकर्ताओं की डिटेल पूछकर एक-दूसरे पर टरकाया जा रहा है।

गर्मी के दिनों में बड़ी संख्या में रेलवे ने यात्री ट्रेनें निरस्त कर रखे हैं। इनके कारण अलग-अलग बताए जा रहे हैं। कहीं कोयला लदी मालगाड़ियों को समय से पहुंचाने का तर्क दिया जा रहा है तो कहीं नॉन इंटरलॉकिंग और दूसरे तकनीकी कार्यों को पूरा करने को कारण बताया जा रहा है। कम ट्रेनें होने के कारण जो ट्रेनें उपलब्ध हैं, उन पर यात्रियों की भारी भीड़ चल रही है। ऐसे ने बड़े स्टेशनों के साथ ही छोटे स्टेशनों पर भी पानी का पर्याप्त इंतजाम किए जाने की जरूरत थी, लेकिन छोटे स्टेशनों पर यात्री ट्रेनों के पहुंचने के दौरान ज्यादातर मौकों पर ठंडा पेयजल उपलब्ध नहीं है। बड़े स्टेशनों पर वेंडर्स मनमानी कर रहे हैं।

यात्री वैभव सिंह हैप्पी ने रेलमंत्री के टि्वटर हैंडल पर शिकायत की है कि रेल मंत्री आदरणीय श्री अश्वनी वैष्णव जी कृपया ध्यान दें! दिल्ली रेलवे स्टेशन पर रेल की बोतल का दाम ₹15 है लेकिन उस बोतल को यात्रियों को ₹20 में दिया जा रहा है। पूछने पर जवाब मिला ठंडा करके मिल रहा है।

वैभव की शिकायत पर रेलवे ने कदम उठाना शुरू ही किया था कि तमाम ट्विटर हैंडल से देश के अलग-अलग रेलवे स्टेशनों पर वेंडर्स द्वारा मनमानी कीमत वसूलने की शिकायत होनी शुरू हो गई।

सैयद मोहम्मद शाहनवाज ने शिकायत की है कि कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर भी रेल नीर का ज्यादा दाम वसूला जा रहा है। सॉन्यदीप दत्ता ने कहा कि हावड़ा रेलवे स्टेशन पर भी यही समस्या है।

उमराव सिंह विजय जैन हैंडल से लिखा गया है कि रेलवे की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि यात्रियों को प्लेटफार्म पर विक्रय होने वाली सभी प्रकार की वस्तुएं निर्धारित दाम पर प्राप्त हो।ऐसे वेंडर पर सख्त कार्यवाही होना चाहिए।

उधर, डीआरएम दिल्ली और रेल सेवा इन शिकायतों के बाद सक्रिय तो हुई लेकिन वह यात्रियों के पीएलआर, टिकट नंबर आदि पर फोकस ज्यादा किया। यदि बिना टिकट स्टेशन पहुंचे किसी व्यक्ति ने अधिक दाम देकर पानी खरीदा है तो उसकी शिकायत पर कार्रवाई होगी या नहीं, यह साफ नहीं है।

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