National Wheels

महापौर की ‘अटल चोट’ से बहुगुणा और चौधरी चुन्नीलाल चारों खाने चित

महापौर की ‘अटल चोट’ से बहुगुणा और चौधरी चुन्नीलाल चारों खाने चित

प्रयागराज : गृहणी से राजनीति का ककहरा सीखकर महापौर का दूसरा कार्यकाल पूरा करने की दहलीज पर खड़ी अभिलाषा गुप्ता ‘नंदी’ नगर निगम सदन में बड़े बड़ों को चारों खाने चित कर रही हैं। सोमवार को सदन की बैठक के दौरान ऐसी गोट सजाई कि पूर्व मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा और कनौजिया समाज के सबसे बड़े नेताओं में शुमार चौधरी चुन्नीलाल का नाम चारों खाने चित हो गया। पूरी चतुराई के साथ महापौर ने नगर निगम चुनाव के पहले नामकरण का ऐसा ‘अटल’ ब्रह्मास्त्र फेंका कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्य सब एकसुर में बोले।

नगर निगम सदन की राजनीति करने वाले नेताओं का दावा है कि महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी मर्मज्ञ नेता की तरह सदन को चलाने की चतुराई सीख चुकी हैं। भारतीय जनता पार्टी के पार्षद राजनीतिक मजबूरी के कारण विरोध में कोई मुद्दा नहीं उठा पाते तो विपक्ष के पार्षद भी उनके इस कदर मुरीद हो चुके हैं कि सदन के अंदर विरोध कोई आवाज दमदारी से उठती ही नहीं है। सदन की बैठक में दो चौराहों एक फ्लाईओवर सहित 13 सड़कों और कुछ मोहल्लों के नामकरण के दौरान सोमवार को भी कुछ ऐसा ही दिखाई दिया।

वरिष्ठ पार्षद कमलेश सिंह का कहना है कि नैनी क्षेत्र के विकास में पूर्व मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा का अहम रोल है। उनके प्रयास से ही तमाम फैक्ट्रियों की स्थापना नैनी इंडस्ट्रियल एरिया में हुई थी। इसलिए नैनी क्षेत्र का नामकरण भी उनके ही नाम के साथ होना चाहिए। उन्होंने यह मुद्दा भी सदन में उठाया लेकिन महापौर की करीबी पार्षदों ने यह तर्क देकर की हेमवती नंदन बहुगुणा के नाम शहर में कुछ चौराहे और बाजार हैं। ऐसे में अन्य कोई नामकरण उनके नाम पर नहीं होना चाहिए।

मौका और माहौल देखकर महापौर अभिलाषा ने नैनी क्षेत्र का नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के नाम करने का प्रस्ताव रखा जो सर्वसम्मति से बिना किसी विरोध के पारित हो गया। गौरतलब है कि हेमवती नंदन बहुगुणा की पुत्री डॉ रीता बहुगुणा जोशी इलाहाबाद संसदीय क्षेत्र भारतीय जनता पार्टी की सांसद और वह भी कई बार इस बात की इच्छा प्रकट कर चुकी हैं कि नैनी क्षेत्र का नाम हेमवती नंदन बहुगुणा नगर होना चाहिए। फिलहाल, महापौर की ‘अटल’ चाल से बहुगुणा नगर नाम चित पड़ गया है।

कुछ इसी तरह का मामला म्योर रोड और धोबी घाट चौराहा के नामांतरण का भी है। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य में चौधरी चुन्नीलाल से जुड़े एक कार्यक्रम में विधानसभा चुनाव के पहले ऐलान किया था कि म्योर रोड का नाम अब चौधरी चुन्नीलाल रोड होगा। लोक निर्माण विभाग ने ट्रैफिक चौराहा कर चौधरी चुन्नीलाल रोड नाम का बड़ा बोर्ड भी टांग रखा है। परंतु नगर निगम के रिकॉर्ड में यह सड़क अभी पुराने नाम से ही चली आ रही है। निगम ने इसमें कोई संशोधन नहीं किया।

शासन द्वारा नामित पार्षद मनोज कुशवाहा के प्रस्ताव पर धोबी घाट चौराहा का नामकरण भी चौधरी चुन्नीलाल के नाम से करने पर सितंबर 2021 में सहमति बनी थी। निगम सदन में भी यह मुद्दा उठ चुका था, परंतु सोमवार को हुई बैठक में यह दोनों मामले प्रस्तुत नहीं किए गए। मनोज के सवाल पूछने पर महापौर ने इसे गोलमोल जवाब देकर डाल दिया।

महापौर की इस राजनीतिक शैली की लोग प्रशंसा कर रहे हो। राजापुर और उसके आसपास के क्षेत्रों में कनौजिया समाज की बड़ी भागीदारी है। सामाजिक समरसता के भारतीय जनता पार्टी के दावे के लिहाज से भी चौधरी चुन्नीलाल का नाम उपयुक्त बैठता है लेकिन महापौर को इसमें रुचि नहीं दिखी। ऐसे में यह देखना भी रोचक होगा कि नवंबर 2022 में होने जा रहे नगरीय निकाय चुनाव के दौरान कनौजिया समाज को खुश करने के लिए महापौर क्या कदम उठाती हैं?

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.