National Wheels

बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर आज से भरें फर्राटा, बदलेगी इलाके की किस्मत

बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर आज से भरें फर्राटा, बदलेगी इलाके की किस्मत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश के सबसे पिछड़े इलाकों में शुमार बुंदेलखंड को नई दिल्ली से जुड़ने वाले बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे को अब से कुछ ही देर में राष्ट्र को समर्पित करने वाले हैं। 296 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर, महोबा, जालौन, औरैया से होते हुए इटावा में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होगा। इसकी लागत 14800 करोड रुपए आई है। वर्तमान में यह चार लेन का है। इसकी डिजाइन और ढांचा ऐसा विकसित किया गया है कि भविष्य में इसे 6 लेन तक बढ़ाया जा सकता है।

बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे को यूपी के इस सबसे पिछडे हिस्से में विकास का नया दौर बताया जा रहा है। यूपीडा की ओर से कहा गया है कि एक्सप्रेस-वे के बेहतर नेटवर्क एवं इंटरकनेक्टिविटी से यह इलाका प्रदेश एवं देश की राजधानी से जुड़ जाएगा। तीव्र और सुगम ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी होने के कारण रोजगार एवं निवेश के अवसरों में भी बढ़ोतरी होगी। बुंदेलखंड के कम विकसित क्षेत्रों में कृषि, वाणिज्य, पर्यटन और उद्योगों को इसे बढ़ावा मिलेगा। राष्ट्रीय राजधानी से जोड़ने के लिए औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में भी यह सहायक होगा। इस इलाके की पहचान के रूप में शामिल हैंडलूम उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, भंडार गृहों, मंडी तथा दुग्ध आधारित उद्योगों की स्थापना के लिए यह एक्सप्रेसवे उत्प्रेरक का कार्य करेगा। यूपी डिफेंस कॉरिडोर से भी जुड़ा होने के कारण इस पठारी हिस्से के विकास में अहम भूमिका निभाएगा।

जानें एक्सप्रेस-वे के बारे में

एक्सप्रेस वे प्रवेश नियंत्रित होने के कारण सुरक्षित ईंधन व समय की बचत के साथ ही प्रदूषण नियंत्रण भी करेगा। इसमें 13 स्थानों पर इंटरचेंज की सुविधा है। चार जन सुविधा परिसर एवं चार स्थानों पर फ्यूल पंप की स्थापना का प्रावधान किया गया है। सुरक्षा के लिए पुलिस पेट्रोलिंग केटल केयर वाहन एवं एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है। एक्सप्रेस वे में चार रेलवे ओवरब्रिज, 14 बड़े पुल, 286 छोटे पुल, 224 अंडर पास, 19 फ्लाईओवर, 6 टोल प्लाजा और 7 रैंप प्लाजा का निर्माण किया गया है।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.