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बस्ती डिपो में दिव्यांग टिकट का घोटाला, लिपिक सस्पेंड

बस्ती डिपो में दिव्यांग टिकट का घोटाला, लिपिक सस्पेंड

बस्ती। जिले के रोडवेज बस डिपो में दिव्यांग टिकट के नाम पर घोटाला उजागर हुआ है। इस घोटाले को डिपो के एआरएम ने पकड़ा है।
डिपो में परिचालक छट्ठी शुक्ला दिव्यांग लिपिक का काम करते थे। मार्ग व्यय के आधार पर संविदा परिचालक चंदन पांडेय ने दिव्यांग टिकट के बहाने तकरीबन पांच माह में 19 हजार रुपए का गोलमाल किया है।

चेकिंग होने पर करता था ओवर राइटिंग

सूत्रों के अनुसार वह लखनऊ, प्रयागराज आदि रूटों पर बस संचालन के दौरान वे बिल पर कम रकम का टिकट बनाकर यात्री से पूरे पैसे वसूल लेता था। अगर कहीं रास्ते में चेकिंग हो गई तो ओवर राइटिंग कर मूल्य बढ़ा देता था और चेकिंग नहीं हुई तो बस्ती डिपो पर पहुंचने से पहले टिकट दिव्यांग के नाम पर जारी दिखा देता था। इस तरह से पूरा पैसा हजम कर जाता था।

एआरएम की जांच में हुआ खुलासा

गोलमाल का खुलासा एआरएम सर्वजीत वर्मा की व्यय बिल की गहनता से जांच के दौरान हुआ। इसके बाद एआरएम ने तत्काल संबंधित लिपिक छट्ठी प्रसाद शुक्ला को सस्पेंड कर दिया। परिचालक चंदन पांडेय को रूट ऑफ कर जांच शुरू करा दिया है। एआरएम ने बताया कि संबंधित लिपिक को निलंबित कर दिया गया है और परिचालक को रूट ऑफ कर पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है, इसमें जो भी दोषी होगा उसे दण्डित किया जाएगा।

पिछले साल दिसंबर से चल रहा था खेल

31 दिसंबर 2021 को तत्कालीन एआरएम आरपी सिंह की सेवानिवृत्ति के बाद जून तक डिपो में कोई भी स्थायी एआरएम तैनात नहीं किया जा सका, जिसके कारण परिचालक अपनी मनमानी करने लगे। यही नहीं यहां तैनात अन्य अधिकारी भी बेपरवाह हो गए। लिहाजा परिचालक से बाबू बने लिपिक व संविदा परिचालक को गोलमाल करने का और अधिक मौका मिल गया।

जुलाई में एआरएम के आते ही हुआ खुलासा

जुलाई के पहले सप्ताह में नए एआरएम सर्वजीत वर्मा ने कार्यभार संभाला। एक दिन बाद ही ड्यूटी से नदारद आठ संविदा चालकों को नोटिस जारी कर 3 दिन बाद ही उन्हें बर्खास्त भी कर दिया था।

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