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प्रयागराज BSA की बलिहारी, नाक के नीचे दफ्तर में बैठा रखा है अध्यापक, वर्षों से नहीं गया स्कूल

प्रयागराज BSA की बलिहारी, नाक के नीचे दफ्तर में बैठा रखा है अध्यापक, वर्षों से नहीं गया स्कूल

प्रयागराज : प्रयागराज के बेसिक शिक्षा अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारियों की बलिहारी ही है कि एक सहायक अध्यापक को अवैध तरीके से दफ्तर बैठा रखा है। बीएसए विद्यालयों में स्कूटी से घूम-घूमकर शिक्षकों की उपस्थिति जांचने और मौके पर न मिलने वाले शिक्षकों को निलंबित करने जैसा दंड दे रहे हैं। परंतु, अपने ही दफ्तर में सोरांव विकास खंड के एक स्कूल में तैनात एक ऐसे शिक्षक को अवैध तरीके सेबैठा रखा है जो वर्षों से विद्यालय गया ही नहीं। आरोपी शिक्षक के खिलाफ जिलाधिकारी से शिकायत की गई है।

सोशल मीडिया पर एक शिकायती पत्र वायरल हो रहा है। यह पत्र नरेंद्र कुमार वर्मा के नाम से जिलाधिकारी को संबोधित करते हुए लिखा गया है। हालांकि, शिकायती पत्र में दिए गए मोबाइल नंबर के काॅलर ट्यून में नाम सूरज यादव का दिखता है। मोबाइल नंबर बंद है।

फिलहाल, शिकायत है कि कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय सोरॉव, विकास खंड सोरॉव प्रयागराज में कार्यरत सहायक अध्यापक आशीष भट्ट वर्षों से विद्यालय नहीं जाते हैं। श्री भट्ट प्रधानाध्यापिका अफसरों की सह पर अवैध रूप से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय प्रयागराज में अधिकारियों की दलाली और शिक्षकों से अवैध वसूली का कार्य करते हैं।

शिकायत कर्ता का दावा है कि सहायक अध्यापक के विद्यालय न जाने की पुष्टि विद्यालय के अभिलेखों एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज से व कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों से की जा सकती है।मांग की गई है कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में अवैध रूप से वसूली के लिए लगाए गए शिक्षक आशीष भट्ट के विरुद्ध कार्यवाही कराते हुए विद्यालय में इनकी नियमित रूप से उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए।

“नेशनल व्हील्स” से मोबाइल पर हुई बातचीत में प्रधानाध्यापिका अनीता यादव ने भी माना कि आशीष भट्ट विद्यालय नहीं आते। वह बीएसए दफ्तर में अटैच हैं। इसलिए वहीं ड्यूटी करते हैं।

इसके विपरीत विभागीय लोगों का कहना है शासनादेश और उच्चाधिकारियों के बारंबार आदेश हैं कि किसी भी शिक्षक को बीएसए दफ्तर या बीआरसी से संबद्ध न रखा जाए। सभी शिक्षक विद्यालयों में उपस्थित होकर अध्यापन कार्य करें। सूत्रों का यह भी कहना है कि आरोपी शिक्षक के लिए अटैचमेंट का कोई आदेश भी नहीं है। वह अवैध तरीके से बीएसए दफ्तर में बीएसए कक्ष के ठीक पीछे कंप्यूटर ऑपरेटर का कार्य करते हैं। प्रकरण में एबीएसए और बीएसए से संपर्क नहीं हो सका।

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