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न्यू इंडिया : 8 साल में 500KM नए मेट्रो रूट्स का निर्माण

न्यू इंडिया : 8 साल में 500KM नए मेट्रो रूट्स का निर्माण

भारत दुनिया का दूसरा सर्वाधिक आबादी वाला देश है। एक ऐसा देश जो अपनी विशालकाय आबादी के बाद भी अनेक क्षेत्रों में हर रोज नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। अनुसंधान, तकनीकी, नवाचार और प्रौद्योगिकी जैसे कई क्षेत्र हैं जिसमें भारत ने पिछले कुछ साल में लंबी छलांग लगाई है। इन्हीं कीर्तिमानों में से एक और कीर्तिमान भारत के नाम और जुड़ गया है। देश में पिछले 8 साल में 500 किलोमीटर से अधिक नए मेट्रो रूट्स का निर्माण किया जा चुका है। नए मेट्रो रूट्स का निर्माण देश के बड़े महानगरों के अलावा छोटे शहरों में भी किया जा रहा है ताकि लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके।

इन शहरों में है मेट्रो कनेक्टिविटी

यातायात साधनों की बात करें तो शहरी क्षेत्रों के लिए सबसे बेहतर माध्यम मेट्रो को माना जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि मेट्रो के सुचारू संचालन से पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा मिलता है और सड़कों पर भीड़ कम होती है। केंद्र सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की दिशा में विशेष तौर पर मेट्रो पर ध्यान दे रही है और इसी का परिणाम है कि आज देश के इन निम्न शहरों में मेट्रो का संचालन शुरू हो चुका है :-

दिल्ली-दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC)

मुंबई-मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MMRC)

बेंगलुरु – नम्मा मेट्रो

हैदराबाद – हैदराबाद मेट्रो रेल

चेन्नई-चेन्नई मेट्रो रेल (CMRL)

कोच्चि-कोच्चि मेट्रो रेल लिमिटेड

जयपुर – जयपुर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (JMRC)

कोलकाता – कोलकाता मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (KMRC)

लखनऊ- लखनऊ मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (LMRC)

नोएडा- नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NDMC)

गुरुग्राम – रैपिड मेट्रो गुड़गांव

नागपुर- नागपुर मेट्रो रेल

इन शहरों के अलावा कानपुर, आगरा जैसे कुछ अन्य शहर भी है जहां मेट्रो सुविधाएं उपलब्ध होने लगी हैं या होने वाली हैं।

विस्तार पर विशेष ध्यान

शहरों में मेट्रो संचालन के साथ विस्तार पर भी केंद्र सरकार विशेष ध्यान दे रही है। बीते दिन गुरुवार को पीएम मोदी ने पेट्टा से एसएन जंक्शन तक कोच्चि मेट्रो रेल परियोजना के पहले चरण के विस्तार का उद्घाटन किया। परियोजना की कुल लागत 700 करोड़ रुपए से अधिक है। कोच्चि मेट्रो रेल परियोजना देश की सबसे टिकाऊ मेट्रो परियोजनाओं में से एक होगी। यह मेट्रो परियोजना अपनी जरूरतों के लगभग 55% ऊर्जा को सौर ऊर्जा से पूरा करेगा। प्रधानमंत्री ने जेएलएन स्टेडियम से इन्फोपार्क तक कोच्चि मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण के लिए भी आधारशिला रखी, जिसकी लंबाई 11.2 किमी है और इसमें 11 स्टेशन शामिल हैं। इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत लगभग 1,950 करोड़ है।

कई अन्य शहरों की मेट्रो परियोजना जैसे दिल्ली फेज- IV (बैलेंस थ्री कॉरिडोर), चेन्नई मेट्रो फेज II, बैंगलोर मेट्रो फेज -2ए और 2बी, नासिक, नागपुर मेट्रो फेज- II, ठाणे, पुणे मेट्रो एक्सटेंशन, जम्मू, श्रीनगर, नोएडा मेट्रो एक्वा लाइन एक्सटेंशन आदि का विस्तार प्रस्तावित है।

बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए मेट्रो

देश में लगातार शहरों की ओर लोगों का रुझान बढ़ता जा रहा है। इससे जाहिर तौर पर शहरों की मौजूदा परिवहन व्यवस्था पर अतिरिक्त भार बढ़ रहा है। ऐसे में इस नई परिवहन जरूरतों को पूरा करने के लिए मेट्रो का होना बेहद जरूरी है। मेट्रो न सिर्फ लोगों के धन का बचत करती है बल्कि कम समय में उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचाने में कारगर साबित होती है। कोच्चि मेट्रो रेल परियोजना के प्रस्तावित चरण II कॉरिडोर इस तरह से बनाया जाना है कि यह शहर के जिला मुख्यालय, विशेष आर्थिक क्षेत्र और आईटी हब को मौजूदा मेट्रो से जोड़े।

30 वर्षों में महज 250 किलोमीटर मेट्रो मार्ग 

वहीं मेट्रो के विस्तार कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कोच्चि में कहा कि हमारे देश में पहली मेट्रो लगभग 40 साल पहले चली थी और इसकी सुविधाएं महज राजधानी दिल्ली तक सीमित थी लेकिन अब ऐसा नहीं है। पिछले 8 साल में हमारी सरकार ने मेट्रो को प्राथमिकता देते हुए 500 किलोमीटर से ज्यादा नई मेट्रो रूट का निर्माण किया है। उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि फिलहाल नए 1000 किलोमीटर मेट्रो रूट्स पर तेजी से काम चल रहा है जो जल्द पूरा हो जाएगा।

तो उम्मीद की जानी चाहिए कि आने वाले दिनों में देश के अन्य शहरों में भी मेट्रो कनेक्टिविटी का विस्तार होगा जिससे शहरी आबादी को फायदा तो होगा ही इसके साथ साथ हम पर्यावरण प्रदूषण की मार से भी बच पाएंगे।

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