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ट्रेनों में आरक्षित टिकटों की जांच और खाली सीटों का आवंटन में HHT का उपयोग

ट्रेनों में आरक्षित टिकटों की जांच और खाली सीटों का आवंटन में HHT का उपयोग

जबलपुर, भोपाल एवं कोटा के टिकट चैकिंग स्टाफ को मिली 750 एचएचटी मशीनें। आधुनिक तकनीकी से युक्त एचएचटी से मिलेगी यात्रियों को अनेक सुविधाएं।

जबलपुर। डिजिटल इंडिया अभियान को बढ़ावा देने के लिये भारतीय रेल द्वारा चलती ट्रेन में आरक्षित टिकट की जांच तथा खली उपलब्ध सीट दूसरे यात्रियों को मुहैया कराने के लिए अपने टिकट चल निरीक्षकों/परीक्षकों द्वारा हैंड हेल्ड टर्मिनल (एचएचटी) उपकरण का उपयोग किया जा रहा है। इसी कड़ी पमरे में भी चलती यात्री गाड़ी में आरक्षित टिकिट की जाँच टिकिट चल निरीक्षकों/परीक्षकों द्वारा ट्रेन आरक्षण चार्ट के स्थान पर अब डिजिटल आधुनिक तकनीकी की नई ई-डिवाइस रुपी हेंड हेल्ड टर्मिनल (एचएचटी) से की जा रही है।

पमरे मुख्यालय द्वारा जबलपुर मंडल को 344, भोपाल मंडल को 196 एवं कोटा मंडल को 182 और इसके साथ जबलपुर को 27 स्पेयर सहित कुल 749 हेंड हेल्ड टर्मिनल उपलब्ध कराये गए है।* इसके लिए पमरे मुख्यालय में टिकट चैकिंग स्टाफ को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस नई ई-डिवाइस रुपी अत्याधुनिक तकनीकी से परिपूर्ण हेंड हेल्ड टर्मिनल (एचएचटी) की शुरुआत सर्वप्रथम जबलपुर मंडल की जबलपुर से निजामुद्दीन तक चलने वाली संपर्क क्रांति एक्सप्रेस से प्रारम्भ हो गयी। अति शीघ्र भोपाल एवं कोटा के ट्रेनों में भी आरक्षित टिकट की जांच तथा खली उपलब्ध सीट दूसरे यात्रियों को मुहैया कराने के लिए हैंड हेल्ड टर्मिनल (एचएचटी) उपकरण का उपयोग किया जायेगा।

उल्लेखनीय है कि चलती ट्रेन में कंप्यूटर आधारित टिकट की जांच तथा खाली सीटों के आवंटन के लिए अखिल भारतीय स्तर पर रेलवे ने एचएचटी उपकरण शुरू करने की योजना बनाई और इसका चरणबद्ध तरीके से परीक्षण भी किया जा रहा है। इस तरह की व्यवस्था से ट्रेन में खाली सीट के बारे में स्वतः पता लग जाएगा। इससे प्रतीक्षा सूची के यात्रियों को भी खाली सीट उपलब्ध कराने में सहूलियत होगी। इससे यात्रियों को संतुष्टि होगी। ज्यादा बुकिंग से रेलवे का भी राजस्व बढ़ेगा साथ ही डिजिटल इंडिया अभियान को भी बढ़ावा मिलेगा। इस तरह के उपकरण से टिकट जांच करने वाले कर्मचारी को भी सहूलियत होगी। उनके टर्मिनल उपकरण पर उपलब्ध सीटों का विवरण होगा और आरक्षण चार्ट भी नहीं देखना पड़ेगा।

इसके उपयोग से टीटीई के कार्य में पारदर्शिता आएगी तथा ट्रेन के संचालन के दौरान खाली बर्थ का उपयोग भी रेल रिकार्ड के साथ होगा। इस एचएचटी के द्वारा अब टिकिट निरीक्षक चार्ट के स्थान पर इसमें यात्री का विवरण देख सकेगे जिससे कागज की बचत के साथ ही मेन पावर की भी बचत होगी। इस डिवाइस में जाँच कर्ता द्वारा खाली बर्थ की जानकारी फीड करने से अगले स्टेशन पर उस ट्रेन में उपलब्ध खाली बर्थ को यात्री करेंट टिकिट के रूप में स्टेशन या इंटरनेट से मोबाईल द्वारा बुक कर सकेगे।

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