National Wheels

#टूंडला_अवैध_वेंडिंग : DTM को छोड़ा, CIT और CMI को ‘खदेड़ा’, GM के सामने NCRES उठाएगा मुद्दा

#टूंडला_अवैध_वेंडिंग : DTM को छोड़ा, CIT और CMI को ‘खदेड़ा’, GM के सामने NCRES उठाएगा मुद्दा

प्रयागराज : टूंडला रेलवे स्टेशन पर अवैध वे॔डिंग को लेकर छिड़ी रार में रेलवे प्रशासन ने एकतरफा फैसला करते हुए मंडलीय यातायात प्रबंधक  (डीटीएम) संजय कुमार को छोड़ दिया है, लेकिन इस मामले में ग्रुप सी कर्मचारियों यानि सीएमआई और सीआईटी को सजा सुनाते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश से पूर्वी यूपी, झारखंड की सीमा और बुंदेलखंड के हिस्से में खदेड़ दिया गया है। अब तक इस मामले से रेलवे की दोनों मान्यता प्राप्त यूनियनों ने पल्ला झाड़ रखा था, लेकिन “नेशनल व्हील्स” द्वारा प्रकरण को उठाए जाने के बाद एनसीआरईएस के महामंत्री आरपी सिंह ने कहा कि वह इस मुद्दे को महाप्रबंधक के सामने उठाएंगे और उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी करेंगे। यह गंभीर मामला है।

टूंडला रेलवे स्टेशन के टिकट चेकिंग स्टाॅफ और अवैध वेंडर्स के बीच अचानक खुली जंग अब चौतरफा चर्चा का विषय है। डीटीएम संजय कुमार के कार्यालय के कर्मचारियों द्वारा तीन सीआईटी और एक सीएमआई के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा देने से मामला पेचीदा हो गया। सीआईटी स्टेशन सीपी गर्ग एससी-एसटी का मुकदमा दर्ज होने के बाद फरारी काट रहे हैं। इससे अवैध वेंडर्स को मनमानी का पूरा मौका मिल गया है।

फिलहाल, बुधवार देर शाम मंडलीय रेलवे प्रशासन ने संदेश भेजकर सीआईटी प्रशासन बीएस मीणा को प्रयागराज छिवकी, मुनीमलाल मीणा को चुनार स्टेशन, सीआईटी सीपी गर्ग को सोनभद्र, श्रीकृष्ण मीणा को कानपुर गुड्स में सीएमआई, भैरोलाल मीणा को मानिकपुर जंक्शन भेज दिया गया है। इसमें भैरोलाल पर डीटीएम के साथ मिलकर अन्य कर्मचारियों को परेशान करने का आरोप है। इसके साथ ही अमर सिंह मीणा को सीआईटी प्रशासन, जयंती प्रसाद को सीआईटी स्टेशन और मोहनलाल मीणा सीआईटी रेड बनाया गया है। उधर, इस पूरी घटना से अवैध वेंडर्स का मनोबल सातवें आसमान पर पहुंच गया है।

आईआरटीएस अफसर संजय कुमार और ग्रुप सी कर्मचारियों के बीच सीधा टकराव होने के बाद भी इस मामले में एनसीआरएमयू या एनसीआरएस जैसे मान्यता प्राप्त दोनों कर्मचारी संगठन ने अब तक दूरी बना रखी है। जानकारी में आया है कि टूंडला में रेलवे अफसर से प्रताड़ित कर्मचारी किसी भी संगठन के सदस्य नहीं है। इसी कारण दोनों कर्मचारी संगठनों ने इन से दूरी बना रखी है।

नार्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन के महामंत्री आरडी यादव ने इस मामले में कर्मचारियों का सहयोग न किए जाने को लेकर पूछे जाने पर कहा कि उन्हें किसी भी कर्मचारी ने समस्या से अवगत नहीं कराया है। इसीलिए संगठन ने कोई कदम नहीं उठाया।

ना सेंट्रल रेलवे एम्पलाई संघ के महामंत्री आरपी सिंह ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में डीटीएम की भूमिका संदिग्ध है। अवैध वेंडिंग की रोकथाम करने की जिम्मेदारी आरपीएफ को दी जानी चाहिए। अवैध वेंडर्स में बड़ी संख्या में असामाजिक तत्व भी शामिल है। टिकट चेकिंग स्टाफ उनके लिए कोई मायने नहीं रखता है। वह केवल वर्दी वालों से ही डरते हैं। टिकट चेकिंग स्टाफ को अवैध वे॔डिंग के मामले से दूर रखा जाना चाहिए। टूंडला का यह प्रकरण बेहद गंभीर है। वह जल्द ही इस पूरे प्रकरण को लेकर महाप्रबंधक से मिलेंगे और उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग उठाएंगे।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.