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ज्ञानवापी परिसर में मिले ‘भोलेनाथ, शिवलिंग कोर्ट ने कराया सील

ज्ञानवापी परिसर में मिले ‘भोलेनाथ, शिवलिंग कोर्ट ने कराया सील

वाराणसी स्थित विवादित ज्ञान व्यापी परिसर के सर्वे के दौरान आश्चर्यजनक नतीजे से हिंदू पक्ष उत्साहित है। सर्वे के दौरान परिसर में स्थित एक स्थान से शिवलिंग प्राप्त हुआ है। ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में वुजू वाली जगह से पानी हटने के बाद वहां शिवलिंग का ऊपरी हिस्सा दिखाई दिया। इसे ही देखकर याचिकाकर्ता सोहनलाल ने कहा कि बाबा दिख गए।

कुआं जिसमें शिवलिंग मिला, गंदे पानी से भरे इस स्थान पर नमाजी वजू करते थे। वाराणसी जिला मजिस्ट्रेट ने स्थानीय प्रशासन, पुलिस कमिश्नर और सीआरपीएफ को शिवलिंग वाली जगह को सील करने और उसे सुरक्षित व संरक्षित रखने का निर्देश दिया है। विश्व हिंदू परिषद, यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य समेत हिंदू पक्षकारों ने इसे लेकर खुशी जताई है। साथ ही सकारात्मक परिणाम की उम्मीद की है। तमाम लोगों ने परिसर में नमाज़ पढ़े जाने पर रोक लगाए जाने की भी मांग उठानी शुरू कर दी है।

बताते हैं कि सोमवार को कोर्ट कमिश्नर ने गंदे पानी भरे एक स्थान पर सर्वे शुरू कराया तो मसाजिद कमेटी के पदाधिकारियों और उनके अधिवक्ताओं ने ऐतराज जताया। बाद में पानी निकाला गया तो लोग भौचक रह गए। वजूद के गंदे पानी के भीतर एक बड़ा शिवलिंग दिखा।

एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार इसकी जानकारी पर वाराणसी कोर्ट ने ज़िला मजिस्ट्रेट, वाराणसी को आदेश दिए गए हैं कि जिस स्थान पर शिवलिंग प्राप्त हुआ है, उस स्थान को तत्काल प्रभाव से सील कर दें। साथ ही सील किए गए स्थान पर किसी भी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित किया जाए। कोर्ट ने कहा है कि वर्जित स्थान को संरक्षित एवं सुरक्षित रखने की पूर्ण व्यक्तिगत ज़िम्मेदारी ज़िला मजिस्ट्रेट वाराणसी, पुलिस कमिश्नर, पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी तथा CRPF कमांडेंट वाराणसी की होगी।

उ.प्र. के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि ज्ञानवापी परिसर की सर्वे में शिवलिंग प्राप्त होने के समाचार से शिव भक्त के नाते मैं बहुत खुश हूं। सदियों से जो नंदी बाबा की प्रतीक्षा थी कि कब भोलेनाथ मिलें और कब मैं उनके दर्शन करूं, वो सर्वे में शिवलिंग मिलने से सब स्पष्टता हो गई है।

विश्व हिन्दू पपरिषद कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि वाराणसी के ज्ञानवापी में सर्वे के दौरान एक कमरे में शिवलिंग प्राप्त हुआ है, बहुत आनंद का समाचार है। दोनों पक्षों की और उनके वकीलों की उपस्थिति में उसे प्राप्त किया गया है। इसलिए वो स्थान जहां शिवलिंग है, वो मंदिर है, अब भी है और 1947 में भी था।

आलोक ने कहा कि मामला न्यायालय में है। न्यायालय ने उस हिस्से को संरक्षित किया है। पुलिस अधिकारियों की ज़िम्मेदारी लगाई है कि कोई छेड़छाड़ न हो। न्यायालय का निर्णय आने के बाद हम इसके बारे में आगे विचार करेंगे। तब विश्व हिन्दू परिषद तय कर पाएगी कि आगामी कदम कौन से होंगे ?

ज्ञानवापी मस्जिद सर्वे पर वाराणसी के ज़िला मजिस्ट्रेट कौशल राज शर्मा ने कहा कि रिपोर्ट कोर्ट में 17 मई को पेश होगी। आज बहुत संक्षिप्त कार्यवाही होनी थी, वो पूरी हो गई है।

वाराणसी के पुलिस कमिश्नर ए. सतीश गणेश ने कहा कि हमारे द्वारा व्यापक स्तर की सुरक्षा व्यवस्था दी गई थी जिसके कई चरण थे। हम लोगों ने पक्षों के साथ लगातार बैठक की, ये कोर्ट का आदेश था जिसमें सभी के सहयोग की अपेक्षा थी। शहर में हर थाना स्तर पर लोगों से संवाद करके लोगों के बीच जो भ्रांतियां थी उन्हें दूर किया। ये तीन दिन की कार्रवाई थी, जो आज समाप्त हो गई है। सर्वे आदर्श वातावरण में हुई, जिसमें कानून व्यवस्था की कोई भी स्थिति किसी भी तरीके से प्रभावित नहीं हुई।

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