National Wheels

रेलवे सैलून में घरेलू कबाड़ भरकर कोलकाता लौटे CAO एमएन ओझा

रेलवे सैलून में घरेलू कबाड़ भरकर कोलकाता लौटे CAO एमएन ओझा

प्रयागराज : भ्रष्टाचार और मनमानी के आरोपों और भारी विवादों के बीच उत्तर मध्य रेलवे से हटाए गए पूर्व पीसीसीएम एमएन ओझा फिर नए विवाद में फंस गए हैं। पूर्व रेलवे के सैलून लेकर वह प्रयागराज पहुंचे और घरेलू कबाड़ भरकर कोलकाता लौट गए। विभूति एक्सप्रेस में लगकर यह सैलून पहुंचा था। इसलिए सवालिया उठाया जा रहा है कि क्या महाप्रबंधक के सैलून का रेलवे क्या कोई भी अफसर घरेलू कार्य में इस्तेमाल कर सकता है या नहीं? यदि एमएन ओझा ने यह किया है तो उनके खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?

बताते हैं कि एमएन ओझा ईस्टर्न रेलवे में सीईओ/सिस्टम के पद पर हैं। शुक्रवार को हावड़ा से प्रयागराज सिटी (रामबाग) रेलवे स्टेशन तक आने वाली विभूति एक्सप्रेस से सैलून आया। शनिवार को ट्रेन लौटी तो यह घरेलू सामान से पैक दिखा। बताते हैं कि इस सैलून के साथ छह रेल कर्मी भी थे।

बताते हैं कि सैलून में आईआरटीएस अफसर एमएम ओझा भी थे। गौरतलब है कि रेलवे में सैलून के गलत इस्तेमाल के आरोप पहले से लगते रहे हैं। बीते कुछ वर्षों में सैलून के इस्तेमाल को लेकर तमाम प्रतिबंध लागू किए गए, लेकिन यह सब गलत साबित हो रहे हैं। सैलून लेकर अफसर का घूमना और उसका घरेलू कार्यों में इस्तेमाल करने से भी यह साबित हो रहा है कि रेल मंत्री की सख्ती का अब भी तमाम अफसरों पर कोई असर नहीं है। क्या यह संभव है कि महाप्रबंधक की अनुमति या जानकारी के बिना सैलून लेकर कोई मातहत अफसर कहीं भी आ-जा सकता है क्या? अथवा रेलवे सैलून को घरेलू कार्य में इस्तेमाल की अनुमति रेलवे बोर्ड ने दे रखी है या नहीं ?

एमएन ओझा उत्तर मध्य रेलवे में महत्वपूर्ण पद पर थे। यहां से हटाए जाने के बाद ईस्टर्न रेलवे में उन्हें महत्वहीन पद पर मिला है। एनसीआर में टिकट चेकिंग स्टाफ की मिलीभगत से गलत तत्वों को प्रोत्साहित करने, ठेकों के आवंटन में मनमानी जैसे आरोप थे। रेल मंत्री की बैठक में सांसदों ने भी शिकायत की थी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.