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#चन्द्रग्रहण : कार्तिक पूर्णिमा पर श्रीरामलला का दर्शन नहीं कर सकेंगे श्रद्धालु

#चन्द्रग्रहण : कार्तिक पूर्णिमा पर श्रीरामलला का दर्शन नहीं कर सकेंगे श्रद्धालु

सूतक के चलते 9 घंटे पहले ही बन्द हो जायेगा श्रीरामलला का कपाट

समीर शाही

अयोध्याधाम। कार्तिक पूर्णिमा स्नान पर राम नगरी आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को अपने आराध्य प्रभु श्रीरामलला के दर्शन से वंचित होना पड़ेगा। अयोध्या में पहली बार कार्तिक पूर्णिमा स्नान पर भी ग्रहण का साया रहेगा। जबकि इस पर्व पर लाखों कि संख्या मे श्रद्धालु अयोध्या पहुँचते है। मंदिरों मे भी दर्शन पूजन करते है। लेकिन इस वर्ष भगवान श्री रामलला का दर्शन भी भक्तों को नहीं मिल सकेगा।

दरअसल 8 नवंबर कार्तिक पूर्णिमा को 5:10 मिनट पर चंद्रग्रहण लग रहा है जो कि 6:19 मिनट पर समाप्त होगी लेकिन हिंदू विधाओं के अनुसार चंद्र ग्रहण के 9 घंटे पहले ही सूतक प्रारंभ हो जाएगा। यानी सुबह 8:10 बजे सूतक प्रारंभ हो रहा है। इसके कारण राम जन्मभूमि पर विराजमान भगवान श्री रामलला के गर्भगृह सहित अन्य मंदिरों को भी दर्शनार्थियों के लिए बंद कर दिया जाएगा।

रामजन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि ग्रहण का सूतक लगते ही मन्दिर बन्द हो जाएगा। और जब ग्रहण समाप्त हो जाएगा तो फिर मंदिर खुलेगा। इस दौरान इस थोड़े समय में पूजन अर्चन समय हो जाएगा लेकिन दर्शनार्थियों के लिए समस्या बनेगी। इस दौरान रामलला का दर्शन नहीं कर सकेंगे। उन्होंने स्वदेश को बताया कि 8:10 मिनट पर सूतक लग रहा है और शाम 5.10 पर ग्रहण प्रारंभ होगा। सुबह 6:19 बजे यह ग्रहण मोक्ष प्राप्त होगा। उसके बाद राम जन्मभूमि परिसर में भगवान श्री रामलला का स्नान कर विधि विधान से पूजन अर्चन किया जाएगा।

अयोध्या कार्तिक पूर्णिमा स्नान पर सैकड़ों वर्षो के बाद चंद्रग्रहण का साया पड़ रहा है। लाखों श्रद्धालु 8 नवंबर को सुबह 4:00 बजे से ही सरयू नदी में स्नान और मंदिरों में दर्शन पूजन प्रारंभ कर देंगे।

अयोध्या के प्रसिद्ध मंदिर हनुमानगढ़ी सहित अन्य मंदिरों को भी सुबह 5:00 बजे ही खोल दिया जाएगा। इस दौरान दर्शनार्थियों के दर्शन पूजन का क्रम भी शुरू हो जाएगा। लेकिन राम जन्मभूमि अपने निर्धारित समय पर ही खुलेगा। जिसके कारण महज 1 घंटे की ही दर्शनार्थियों का प्रवेश राम जन्मभूमि परिसर में हो सकेगा।

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