National Wheels

कुंभ-2025 तक चालू होगा गंगा एक्सप्रेस-वे ?

कुंभ-2025 तक चालू होगा गंगा एक्सप्रेस-वे ?

मेरठ से लेकर प्रयागराज तक शुरू हो गया है निर्माण, पूर्वांचल, बिहार, पूर्वी और उत्तरी मध्य प्रदेश के लोग भी आसानी से पहुंचेंगे दिल्ली

प्रयागराज : संगम नगरी से मेरठ तक प्रस्तावित गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण शुरू हो गया है। करीब 83 फीसदी क्षेत्र में कंपनियों ने अधिग्रहीत जमीन पर कब्जा, पेड़ों की कटाई और मिट्टी का कार्य शुरू कर दिया है। उम्मीद है कि लोकसभा 2024 के आम चुनाव तक पूर्व से पश्चिम को जोड़ने वाला यह एक्सप्रेसवे मतदाताओं में विकासवाद का नारा बुलंद करने लगेगा। साथ ही दिल्ली तक तेज रफ्तार पहुंचने की उम्मीदें भी सातवें आसमान पर कुलाचें मारने लगेंगी। निर्माण कार्य तीन वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य है।


6 लेन वाले 593.947 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेसवे यूपी का सबसे लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे है, जिसे प्रयागराज, प्रतापगढ़, रायबरेली, उन्नाव, हरदोई, शाहजहांपुर, बदायूं, संभल, अमरोहा, बुलंदशहर और हापुड़ होते हुए मेरठ तक बनना है। एक्सप्रेसवे को भविष्य में आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकता है। सुपरस्ट्रक्चर इसी मानक पर बनाए जाएंगे।

निर्माण की सहूलियत के लिए यूपीडा ने चार खंडों में विभाजित कर टेंडर आवंटित किया है। इसमें आईआरबी इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स लिमिटेड को 129.700 किमी सेक्शन का कार्य आवंटित किया गया है, जिसकी लागत ₹1746 करोड़ है। तीन अन्य सेक्शन का कार्य मेसर्स अडानी इंटरप्राइजेज लिमिटेड को सौंपा गया है। इसकी लागत ₹5996 करोड़ है। 464.247 किमी एक्सप्रेसवे का कार्य अडानी ग्रुप को मिला है। अडानी इंटरप्राइजेज ने पेटी कांट्रैक्टरर्स को निर्माण कार्य सबलेट किया है। प्रयागराज से उन्नाव तक करीब 156.847 किमी का कार्य अडानी ग्रुप के लिए आईटीडी कर रही है।

जानकारी के अनुसार आईटीडी ने प्रयागराज, कुंडा, रायबरेली और उन्नाव में कार्य शुरू किया है। मेरठ से लेकर प्रयागराज के बीच में 22 नवंबर तक 493.570 किमी क्षेत्र में निर्माण गतिविधियां शुरू हो चुकी थीं। यह कुल दूरी का करीब 83.10 फीसदी है। निर्माण कार्य करा रही कंपनियों के प्रतिनिधियों के अनुसार अगले दो महीने में अधिकतर हिस्से में कार्य शुरू हो चुका है।

बताते हैं गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ दिल्ली एक्सप्रेसवे से कनेक्ट किया जाएगा इससे प्रयागराज से दिल्ली पहुंचने में करीब 4:30 घंटे का समय लगने की संभावना है। प्रयागराज से बलिया तक गंगा एक्सप्रेसवे का विस्तार करने की भी तैयारी है, जो गाजीपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से कनेक्ट हो जाएगी। निकट भविष्य में पटना से बक्सर-उत्तर प्रदेश की सीमा तक प्रस्तावित एक्सप्रेसवे के जरिए बिहार, बंगाल, असम और झारखंड के लोग इस एक्सप्रेस वे से वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ होते हुए दिल्ली तक का सफर आसानी से तय कर सकेंगे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.