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औद्योगिक श्रमिकों की खुदरा महंगाई अक्तूबर में घटकर 6.08 फीसदी रही

औद्योगिक श्रमिकों की खुदरा महंगाई अक्तूबर में घटकर 6.08 फीसदी रही

Consumer Price Index (CPI): खाने का सामान सस्ता होने से औद्योगिक कर्मचारियों के लिये खुदरा महंगाई अक्तूबर महीने में घटकर 6.08 फीसदी रह गई। एक महीने पहले सितंबर में यह 6.49 फीसदी रही थी। श्रम मंत्रालय ने 30 न नवंबर (बुधवार) को कहा, एक साल पहले अक्तूबर, 2021 में यह 4.52 फीसदी रही थी। मंत्रालय के बयान के अनुसार,खाद्य मुद्रास्फीति पिछले महीने के 7.76 प्रतिशत और एक साल पहले इसी महीने के दौरान 2.20 प्रतिशत के मुकाबले 6.52 प्रतिशत रही।

श्रम ब्यूरो, श्रम और रोजगार मंत्रालय का एक संबद्ध कार्यालय है जो देश में औद्योगिक रूप से महत्वपूर्ण 88 केंद्रों में फैले 317 बाजारों से एकत्र खुदरा कीमतों के आधार पर हर महीने औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक जारी करता है और यह अगले महीने के अंतिम कार्य दिवस पर जारी किया जाता है। अक्टूबर, 2022 महीने के लिए सूचकांक 30 नवंबर को जारी किया गया।

औद्योगिक कर्मचारियों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई-आईडब्ल्यू) इस साल अक्तूबर में 1.2 अंक बढ़कर 132.5 अंक पर पहुंच गया। इससे पिछले महीने सितंबर में यह 131.3 अंक था। 1 महीने के प्रतिशत परिवर्तन पर, इसमें पिछले महीने की तुलना में 0.91 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

वर्तमान सूचकांक में अधिकतम ऊपर की ओर दबाव खाद्य और पेय पदार्थ समूह से आया, जिसने कुल परिवर्तन में 0.76 प्रतिशत अंक का योगदान दिया। सूचकांक में वृद्धि- चावल, गेहूं, गेहूं का आटा, भैंस का दूध, पोल्ट्री/चिकन, टमाटर, मटर, सूखी मिर्च, बिस्कुट, वड़ा, इडली, डोसा, पका हुआ भोजन, चाय का प्याला, डॉक्टर की फीस आदि। सूचकांक में वृद्धि के लिए जिम्मेदार हैं। वहीं सेब, केला, ताजी मछली, ताड़ के तेल, सरसों के तेल, बिनौले के तेल, सूरजमुखी के तेल, हरी मिर्च, बैंगन, संतरा, फ्रेंच बीन, बिजली घरेलू आदि ने सूचकांक को काफी हद तक नियंत्रित किया।

बुनियादी उद्योग: कच्चे तेल और बिजली उत्पादन में गिरावट

देश के आठ बुनियादी उद्योगों में वृद्धि दर अक्तूबर में घटकर 20 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गई। इस दौरान कोयला, इस्पात एवं बिजली उत्पादन में वृद्धि दर घटकर क्रमश: 3.6 फीसदी, 4.0 फीसदी और 0.4 फीसदी रही। हालांकि, उर्वरक उत्पादन में 5.4 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली।

6.8 से 7.0 फीसदी आर्थिक वृद्धि दर हासिल करने की दिशा में बढ़ रहा देश : सीईए

बुधवार को मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था चालू वित्त वर्ष 2022-23 में 6.8 से 7 फीसदी आर्थिक वृद्धि दर हासिल करने के रास्ते पर बढ़ रही है। उन्होंने कहा, आर्थिक सुधार की गति निरंतर जारी है। उन्होंने कहा, त्योहारी बिक्री, पीएमआई, बैंकों की कर्ज वृद्धि तथा वाहन बिक्री के आंकड़े बताते हैं कि वैश्विक स्तर पर प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद अर्थव्यवस्था की गति कायम है।

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