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औद्योगिक विकास की उपजाऊ भूमि बनेगा गोरखपुर के दक्षिणांचल का ऊसर

औद्योगिक विकास की उपजाऊ भूमि बनेगा गोरखपुर के दक्षिणांचल का ऊसर

धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप। 8385 एकड़ क्षेत्रफल में बसेगी टाउनशिप, मास्टर प्लान व अंतरिम रिपोर्ट तैयार।

गोरखपुर। अति पिछड़े क्षेत्र की पहचान गोरखपुर के नए औद्योगिक क्षेत्र के गेटवे के रूप में होगी। आमूलचूल बदलाव का जरिया धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप बनेगी। बीते पांच सालों में देश-दुनिया के कई निवेशकों का गोरखपुर की तरफ रुझान देखते हुए सीएम योगी की मंशा धुरियापार क्षेत्र को सैटेलाइट इंडस्ट्रियल हब बनाने की है।

मंगलवार शाम औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के सीईओ के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप को लेकर गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) का प्रेजेंटेशन देखा। गीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी पवन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को बताया कि इंडस्ट्रियल टाउनशिप की स्थापना के लिए धुरियापार क्षेत्र के अंतर्गत 18 ग्रामों को अधिसूचित किया गया है। गीडा की तरफ से नामित संस्था द्वारा इंडस्ट्रियल टाउनशिप के लिए प्री ड्राफ्ट मास्टर प्लान तैयार किया जा चुका है। अंतरिम रिपोर्ट भी तैयार कर ली गई है।

इस टाउनशिप का क्षेत्रफल 8385 एकड़ होगा। धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप में औद्योगिक क्षेत्र के साथ ही आवासीय, व्यवसायिक, संस्थागत, परिवहन व अन्य सेक्टर के लिए भी सुविधाजनक प्रावधान किए गए हैं। गीडा क्षेत्र के आसपास उपलब्ध जमीनों के सापेक्ष काफी हद तक हो चुके औद्योगिक विकास के बाद धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप के रूप में सरकार की यह पहल ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर ग्रेटर गीडा बनाने की है।

प्रेजेंटेशन देखने के बाद मुख्यमंत्री ने सीईओ गीडा को निर्देशित किया कि इंडस्ट्रियल टाउनशिप के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि धुरियापार क्षेत्र में जमीनों का एक हिस्सा ऊसर प्रकृति का है। किसानों को इन जमीनों का भरपूर मूल्य प्राप्त होगा और ऊसर धरती पर औद्योगिक विकास के माध्यम से रोजगार और खुशहाली की फसल लहलहाएगी। उन्होंने बताया कि सरकार रामजानकी मार्ग का भी कायाकल्प कर रही है। इस मार्ग को सनातन आस्था व संस्कृति के साथ ही रोजगार के नए अवसरों से भी जोड़ा जाएगा।

गोरखपुर के दक्षिणांचल के औद्योगिक विकास को लेकर योगी सरकार काफी संजीदा है। धुरियापार में बनने के बाद से ही बंद पड़ी चीनी मिल के कुछ हिस्से में इंडियन ऑयल की तरफ से कम्प्रेस्ड बायो गैस प्लांट बन रहा है। इसका शिलान्यास सितंबर 2019 में तत्कालीन केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था। प्लांट के लग जाने पर यहां किसान पराली व गोबर से भी अतिरिक्त आय अर्जित कर सकेंगे। यह प्लांट बड़ी संख्या में युवाओं के लिए रोजगार का जरिया भी बनेगा। इस प्लांट के साथ धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप के मूर्त रूप में आने के बाद इस क्षेत्र का कायाकल्प हो जाएगा।

टाउनशिप के लिए इन गांवों को किया गया अधिसूचित

गौखास, हरपुर तप्पा चानपार, बाथ बुजुर्ग काश्तकाशी नायक, मठदुर्वाशा, घड़ारी कास्तसुवंश दुबे, चाडी, भिसमपट्टी दोदापार, दिघरूआ, सकरदेइया, परसा बुजुर्ग, दुबरीपुरा बाथ खुर्द, पुरादयाल, बरपार माफी, धौराहरा।

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