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उज्ज्वला योजना: 6 साल पूरे, धुआं मुक्त रसोई से महिलाओं की बदल रही जिंदगी

उज्ज्वला योजना: 6 साल पूरे,  धुआं मुक्त रसोई से महिलाओं की बदल रही जिंदगी

आम आदमी के जीवन स्तर में सुधार के लिए तमाम योजनाएं लागू की गई हैं, लेकिन वे योजनाएं एक गरीब के जीवन को कैसे बदलती हैं, इसे जानने के लिए केंद्र सरकार की उज्ज्वला योजना काफी है। चूल्हे के धुएं से मुक्ति और स्वस्थ भारत, सशक्त भारत की दिशा में उज्ज्वला योजना एक मील का पत्थर साबित हुई है। देश भर में उज्ज्वला के दूसरे चरण सहित प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 9 करोड़ घरेलू गैस कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं। इस योजना को आज 6 साल पूरे हो चुके हैं।

क्या है उज्ज्वला योजना

दरअसल केंद्र सरकार ‘पीएम उज्जवला योजना’ के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों को फ्री घरेलू रसोई गैस का कनेक्शन देती है। साथ ही सरकार प्रति कनेक्शन 1600 रुपये आर्थिक मदद भी देती है। इसके अलावा गैस कनेक्शन देने वाली कंपनियों द्वारा ग्राहक को पहली बार फ्री एलपीजी रिफिल और गैस स्टोव दिया जाता है। ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ केंद्र सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सहयोग से चलाई जा रही है।

उज्ज्वला योजना का उद्देश्य

इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण अंचलों में महिलाओं को धुएं से होने वाले स्वास्थ्य विकारों से आजादी दिलाना है। सदियों से भारत के गांवों में खाना बनाने के लिए परंपरागत रूप से लकड़ी और गोबर के उपले का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इससे निकलने वाले धुएं का खराब असर खाना बनाने वाली महिलाओं के स्वास्थ्य पर पड़ता है। प्रधानमंत्री उज्जवला योजना से ऐसी महिलाओं को काफी राहत मिली है। गांव में ज्यादातर महिलाओं का समय दो वक्त के ईंधन का इंतजाम करने में ही गुजरता था। इतना ही नहीं गांव से दूर जंगलों से लकड़ी लाना जोखिम भरा काम भी होता है। लेकिन, पीएम उज्ज्वला योजना ने महिलाओं को न केवल धुएं के खराब असर से मुक्ति दिलाई है बल्कि इन तमाम जोखिमों से भी दूर किया है।

1 मई 2016 को हुई थी शुरुआत

“स्वच्छ ईंधन, बेहतर जीवन” के नारे के साथ केंद्र सरकार नें 1 मई 2016 को “प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना” (पीएमयूवाई) के पहले चरण का शुभारंभ किया था। योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन बिताने वाले (बीपीएल) परिवारों की 5 करोड़ महिला सदस्यों को रियायती एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसकी सफलता को देखते हुए अप्रैल 2018 में योजना का विस्तार करते हुए इसमें सात और श्रेणियों (एससी/एसटी, पीएमएवाई, एएवाई, सबसे पिछड़ा वर्ग, चाय बागान, वनवासी, द्वीप समूह) से महिला लाभार्थियों को शामिल किया गया। साथ ही, लक्ष्य को संशोधित कर 8 करोड़ एलपीजी कनेक्शन कर दिया गया। यह लक्ष्य पूर्व निर्धारित तिथि से सात महीने पहले ही अगस्त 2019 में हासिल कर लिया गया।
इसके बाद 10 अगस्त 2021 को पीएम मोदी ने उत्तर प्रदेश के महोबा में एलपीजी कनेक्शन सौंपकर उज्जवला 2.0 (पीएमयूवाई) का शुभारंभ किया। ऐसे में देश भर में उज्ज्वला के दूसरे चरण सहित पीएम उज्ज्वला योजना के अंतर्गत करीब 9 करोड़ से भी अधिक घरेलू गैस कनेक्शन जारी किए गए हैं।

पेट्रोलियम मंत्रालय मना रहा उज्ज्वला दिवस

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) प्रत्येक बीपीएल परिवार को निशुल्क एलपीजी कनेक्शन प्रदान करके सामाजिक समावेश की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस योजना का शुभारंभ 1 मई को किया गया था। इसलिए प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की उपलब्धियों का उत्सव मनाने के लिए, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय आज उज्जवला दिवस के रूप में मना रहा है।
तेल विपणन कंपनियां उज्ज्वला दिवस के अवसर पर 5000 से अधिक एलपीजी पंचायतों का आयोजन किया, जहां अनुभव साझा करने के अलावा, एलपीजी के सुरक्षित और निरंतर उपयोग के उद्देश्य से, ग्राहक नामांकन को अधिकतम करने के सभी प्रयास किए गए। उज्ज्वला 2.0 के तहत एलपीजी पंचायतों के अलावा नए कनेक्शनों का वितरण; नई पीएमयूवाई श्रेणियों का विवरण और वर्तमान उज्ज्वला 2.0 योजना के लिए केवाईसी फॉर्म का संग्रह, मुफ्त हॉट प्लेट सेवा शिविरों का आयोजन, सुरक्षा क्लीनिकों का संगठन, उज्ज्वला लाभार्थियों की सुविधा जैसी गतिविधियों का भी आयोजन किया गया।
केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने रिकॉर्ड समय में गरीब लाभार्थियों तक पहुंचने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की है और सभी लाभार्थियों को शुभकामनाएं दी हैं।

लॉकडाउन में लोगों को मिला नि:शुल्क सिलेंडर

गौरतलब हो कि अचानक से आए कोरोना महामारी से 2020 में हुए पहले लॉकडाउन में उज्ज्वला योजना देश के कई परिवार के लिए मदद बन कर उभरी। लॉकडाउन में केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के तहत उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को भी शामिल किया और योजना के तहत आने वाले लोगों को तीन महीने तक मुफ्त रसोई गैस दी गई। सरकार ने प्रति लाभार्थियों के खाते में घरेलू गैस सिलेंडर के लिए 753 रुपये भेजे गए, जिसकी मदद से करोड़ो लाभार्थियों ने गैस सिलेंडर लिए।

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