National Wheels

आई अब नई दिल्ली की बारी, ₹6500 करोड़ से बनेगा विश्वस्तरीय

आई अब नई दिल्ली की बारी, ₹6500 करोड़ से बनेगा विश्वस्तरीय

प्रयागराज :  भारतीय रेलवे स्टेशनों के विश्वस्तरीय निर्माण की पटरी से उतरी गाड़ी को रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने बुलेट रफ्तार पकड़ा दी है। सूरत, रानी कमलावती, चंडीगढ़, बंगलौर, चेन्नई, प्रयागराज जंक्शन, कानपुर, ग्वालियर जैसे दो दर्जन से अधिक स्टेशनों के पुनर्विकास को फाइलों से निकलकर टेंडर प्रक्रिया में डालने के बाद नई दिल्ली रेलवे स्टेशन की नई डिजाइन को भी मंजूरी देकर दशकभर से फंसी योजना में जान फूंक दिया है। योजना को प्रदान चढ़ाने के लिए व्यक्तिगत स्तर पर निगरानी समेत कई उलझे हुए बिंदुओं पर लचीला रुख अपनाया है। कुछ स्टेशनों के पुनर्विकास की जिम्मेदारी जोनल रेलवे तो नई दिल्ली स्टेशन का कार्य रेल भूमि विकास प्राधिकरण (RLDA) को दिया है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन की प्रस्तावित डिजाइन से साफ झलक रहा है कि निर्माण के बाद निर्माण के बाद यह स्टेशन किसी भी विश्वस्तरीय एयरपोर्ट से कमतर नहीं रहेगा। इस योजना पर करीब ₹6500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

रेलमंत्री अश्वनी वैष्णव ने शनिवार को ट्वीट कर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्रस्तावित पुनर्विकास से जुड़ी तीन तस्वीरें शेयर की हैं। साथ ही लिखा है, “अमृतपाल का रेलवे स्टेशन”। इनमें दो तस्वीरें स्टेशन के प्रस्तावित भवन और सरकुलेटिंग एरिया, पार्किंग की भविष्य में होने वाली स्थितियों को दिखाती हैं। तीसरी तस्वीर प्लेटफार्म, कानकोर्स एरिया, स्वचालित सीढ़ियों के रूप में है। यह तीसरी तस्वीर स्टेशन के आंतरिक हिस्से में होने वाले बदलाव को प्रकट करती हैं। इससे झलक रहा है कि यात्रियों के बैठने, ट्रेनों के इंतजार के लिए प्रतीक्षालय, वेल्डिंग स्टाल जैसे एरिया प्लेटफार्म के ऊपर रहेंगे।

रिपोर्ट के अनुसार बड़े गुंबद के आकार वाली स्टेशन की नई इमारत बनेगी। इसमें दो प्रवेश और दो निकासी द्वार बनाए जाएंगे। स्टेशन बिल्डिंग तक पहुंचने वाले वाहनों को फ्लाईओवर जैसी कनेक्टिविटी मिलेगी।

स्टेशन के दोनों तरफ दो मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब, 40 मंजिल के ऊंचे ट्विन टावर और पैदल यात्रियों के लिए अलग मार्ग, साइकिल ट्रैक, ग्रीन ट्रैक आदि बनाए जाएंगे। वाणिज्य कार्यालय, होटल और आवासीय परिसर भी विकसित किए जाने का प्रस्ताव है। रेलवे कार्यालय, क्वार्टर और सहायक कार्यालय भी नए निर्माण में शामिल रहेंगे।

बताते हैं कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के लिए विश्व की कई नामी कंपनियों ने रुचि दिखाई है। निजी भागीदारी अनुमोदन समिति से जल्द इस परियोजना को मंजूरी मिलने की उम्मीद है। परियोजना के अनुमोदन और मंजूरी को तेज करने के लिए दिल्ली के उप राज्यपाल की अध्यक्षता में एक समिति का गठन भी किया जा चुका है। इस परियोजना को 60 वर्षों की अवधि के लिए डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट, ट्रांसफर (डीबीएफओटी)  मॉडल पर 4 वर्षों में विकसित किया जाना है।

परियोजना का मास्टर प्लान 120 हेक्टेयर का बताया गया है जिसमें से 88 हेक्टेयर को पहले चरण में रखा गया है। लगभग 1200000 वर्ग मीटर में निर्माण कार्य प्रस्तावित है।

उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी दीपक कुमार ने कहा कि नई दिल्ली स्टेशन के पुनर्विकास योजना कार्य रेल भूमि विकास प्राधिकरण करेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.