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#अयोध्या : हर्ष आचारी अपहरण कांड में दो आरोपियों को हुआ आजीवन कारावास  

#अयोध्या : हर्ष आचारी अपहरण कांड में दो आरोपियों को हुआ आजीवन कारावास   

कुंवर समीर शाही

अयोध्या। शहर के बहुचर्चित हर्ष आचारी अपहरण केस में कोर्ट ने दो लोगों को दोषी पाते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर दो लाख छह हजार जुर्माना भी हुआ है। जुर्माने की धनराशि में से एक लाख अपहृत को दवा इलाज के लिए देने का आदेश हुआ है। फैसला अपर जिला जज राधेश्याम यादव की अदालत से हुआ। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रोहित पांडेय व विशेष लोक अभियोजक लालमणि तिवारी व नरसिंह नारायण उपाध्याय, वादी के अधिवक्ता सुधांशु बाजपेई ने बताया कि घटना 31 दिसंबर 2014 की शाम 6:15 बजे की है।

बता दे कि दंतधावन कुंड निवासी रंगनाथ आचारी का 11 साल का लड़का हर्ष आचारी जो परमा एकेडमी में कक्षा पांच का छात्र था। उसे संतोष सिंह निवासी काशीराम कॉलोनी, मनीष शर्मा उर्फ उर्फ बजरंगी निवासी बिराट मंदिर ने एक मोबाइल दिया था। घटना वाले दिन 7:45 हर्ष आचारी मोबाइल वापस करने गया था। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। इसके बाद रंगनाथ आचारी के पास फोन आया कि बच्चे का अपहरण कर लिया गया है अगर उसे जिंदा चाहते हो तो पांच लाख फौरन लेकर आ जाओ नहीं तो उसकी हत्या कर दी जाएगी।

रंगनाथ इसकी सूचना देने पुलिस थाने गया तो वहां फिर फोन आया कि रुपया लेकर रामघाट चौराहे आओ। वहां पहुंचने पर उसे कांशीराम कॉलोनी बुलाया गया, लेकिन लड़का नहीं मिला। दूसरे दिन पुलिस और रंगनाथ की मौजूदगी में कांशीराम कॉलोनी के कमरा नंबर 29 से घायल अवस्था में हर्ष आचारी को पुलिस ने बरामद किया। बरामदगी के समय घटनास्थल से कैंची व रक्त रंजित रस्सी भी बरामद हुई।

हर्ष आचारी का प्राइवेट पार्ट भी काट दिया गया था। इसकी रिपोर्ट उमा शंकर और अरविंद समेत तीन अन्य के खिलाफ फिरौती के लिए अपहरण व जानलेवा हमला की धारा में दर्ज कराई गई। उमाशंकर और अरविंद को छोड़कर अन्य आरोपी बाल अपराधी घोषित कर दिए गए। उनका ट्रायल किशोर न्याय बोर्ड में हुआ और उन्हें पूर्व में ही तीन साल की सजा हो चुकी है। अरविंद और उमाशंकर सिंह का विचारण इस न्यायालय में हुआ और सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोनों को फिरौती के लिए अपहरण जानलेवा हमला समेत अन्य धाराओं में दोषी पाते हुए सजा दी।

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