अब पारंपरिक मार्ग से भी होंगे मां वैष्णो देवी के दर्शन

डेस्क। प्रत्येक वर्ष करोड़ों की संख्या में माता वैष्णो देवी के दरबार में पहुंचने वाले भक्तों के लिए जल्द ही प्राचीन पारंपरिक मार्ग खुलने जा रहा है। नगरोटा से कटड़ा तक 25 किलोमीटर लंबे इस मार्ग में कई प्राचीन मंदिर है। ऐसी मान्यता है कि इन मंदिरों का दर्शन किए बिना माता वैष्णो देवी की यात्रा अधूरी रहती है। यह मार्ग देश के बंटवारे के बाद से ही बंद पड़ा है। वजह, पाकिस्तान की सीमा के करीब होने से इस रास्ते पर खतरे की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने इसे बंद कर दिया था। राज्य सरकार ने इसे दोबारा शुरू करने का फैसला किया है। बताते हैं कि इस रास्ते के कई प्राचीनतम मंदिरों में मां वैष्णो देवी मंदिर, बंगाली ठंडा पानी, काली माता मंदिर, शिव शक्ति मंदिर, मरावी राजा मंडलीक मंदिर, प्राचीन शिव मंदिर, बिहार काली मंदिर, बंगाल देवा माई मंदिर आदि हैं। मान्यता के अनुसार जम्मू से करीब 8 किलोमीटर दूर नगरोटा स्थित कोल कंडोली देवी मंदिर में प्रथम दर्शन कर ही दुर्गम यात्रा की शुरुआत की जाती थी। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर इस रास्ते पर कॉल कंडोली से देवा माई कटरा तक पारंपरिक रास्ता माना जाता है। मार्ग के दोनों और चीड़ के पेड़ हैं। अनेक ऐतिहासिक मंदिर मार्ग को और अद्भुत बनाते हैं।

मां वैष्णो देवी ने इसी रास्ते का किया था इस्तेमाल

ऐसी मान्यता है कि माता वैष्णो देवी भी इसी मार्ग से त्रिकुट पर्वत पर गई थीं। इस मार्ग में सबसे पहले दर्शन कॉल कंडोली माता के होते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार द्वापर युग में माता वैष्णो यहां पर 5 वर्ष की उम्र में कन्या के रूप में प्रकट हुई थी । इसी स्थान पर 12 वर्ष तक तपस्या की और तपस्या वाले स्थान पर पिंडी रूप धारण किया। कहते हैं कि कोल कंडोली माता के दर्शन किए बिना यात्रा आरंभ नहीं मानी जाती।

मान्यता से अनजान है माता के भक्त

वर्तमान में वैष्णो माता के दर्शन को दरबार में पहुंचने वाले ज्यादातर भक्त जम्मू से सड़क मार्ग से सीधे कटड़ा आधार शिविर तक पहुंचते हैं या रेल मार्ग से उधमपुर होते हुए कटड़ा तक पहुंचते हैं। प्राचीन मार्ग की जानकारी ज्यादातर लोगों को नहीं है। हालांकि, परंपराओं और मान्यताओं को जानने और मानने वाले बहुतेरे भक्त कॉल कंडोली माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।प्रदेश सरकार का प्रयास है कि प्राचीन रास्ते को चालू कर धार्मिक पर्यटन को बढ़ाया जाए।

देवा माई से बाग्याल के बीच सड़क, पुल निर्माण का काम चालू

श्री माता वैष्णो देवी के पारंपरिक रूट बाग्याल में दो पुलों का निर्माण कराया जा रहा है। इन पुलों के बनने से कटरा को सीधे अखनूर, मथवार, पुंछ, राजौरी से जोड़ने में मदद मिलेगी। पांच किलोमीटर के इस मार्ग पर सेंट्रल रोड फंड के तहत काम कराया जा रहा है। स्थानीय विधायक देवेंद्र राणा के मुताबिक इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चर हेरिटेज में प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की है जिसमें उन सभी मंदिरों का जिक्र है जहां परंपरा के अनुसार दर्शन करना जरूरी माना गया है।

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