दुर्घटना कर भागना अब होगा मुश्किल, डीएल भी आधार से होगा लिंक

केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने ड्राइविंग लाइसेंस और आधार को लिंक किए जाने को लेकर बड़ा बयान दिया है. उत्तरांचल की राजधानी देहरादून स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय पर पहुंचे कानून मंत्री ने कहा कि बैंक खातों और सिम कार्ड के बाद अब ड्राइविंग लाइसेंस को भी आधार से लिंक किया जाएगा. उनका कहना है कि इस मुद्दे पर सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से उन्होंने बात कर ली है. कंपनी का दावा है कि आधार से लिंक होने के बाद सड़क हादसा करके भागने वालों पर लगाम लगाई जा सकेगी. इस व्यवस्था से शराब का सेवन करके वाहन चलाने वाले चालकों पर भी अंकुश लग सकेगा. इससे सड़क हादसों में कमी लाई जा सकती है.
मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाई
रविशंकर प्रसाद ने केंद्र सरकार के 4 साल पूरे होने पर अपनी बात रखी. उन्होंने मोदी सरकार की 4 साल की उपलब्धियों को गिनाया. कहा, इस दौरान कोई भी भ्रष्टाचार का मामला सामने नहीं आया है. ईमानदार मोदी सरकार ने ईमानदार भारत करके दिखाया है. मोदी सरकार का सूत्र है कि जो काम होना है वह होगा जो नहीं होना है वह नहीं होगा. कानून मंत्री ने कहा मोदी एक ग्लोबल लीडर हैं. उन्होंने देश का मान बढ़ाया है. चीन के राष्ट्रपति पीएम मोदी को बुलाते हैं. ब्रिटेन ने मोदी को कामनवेल्थ के लिए आमंत्रित किया. साहसिक निर्णय में कोई ढिलाई नहीं दिखाई. उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक का भी जिक्र किया.
रविशंकर ने गिनाए नोटबंदी के फायदे
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने नोटबंदी के फायदे भी गिनाए. कहा कि नोटबंदी के बाद देश में 14 लाखों रुपए वापस आए. देश की सवा तीन लाख कंपनियों को डी- रजिस्टर किया. नोटबंदी के बाद 3.5 लाख लोगों ने 10-10 लाख रुपए जमा किए. करीब डेढ़ लाख लोगों ने पांच-पांच करोड़ रुपये जमा कराए. देश में कालेधन के समानांतर चल रही अर्थव्यवस्था की कमर नोटबंदी से टूटी. कश्मीर में आतंकवाद में भी कमी आई.
केदारनाथ में वाईफाई चौपाल लगेगी
भाजपा कार्यालय पहुंचे रविशंकर प्रसाद ने कहा कि उन्हें देवभूमि से प्रेम है. यहां प्यार और स्नेह मिला. उनके मुताबिक उत्तराखंड एक निजी कार्यक्रम में भक्त होने के नाते से पहुंचे हैं. रविशंकर प्रसाद के अनुसार उन्होंने बद्रीनाथ और केदारनाथ के दर्शन किए. साथ ही केदारनाथ में वाई फाई चौपाल लगाने की भी निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि केदारनाथ-बद्रीनाथ भारत की सनातन परंपरा के उज्ज्वल स्वरूप हैं.

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