यूपी: 40 से 45 फ़ीसदी अंक पाने वाले भी बन जाएंगे प्राथमिक स्कूलों के अध्यापक

उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में 68500 शिक्षकों की भर्ती के लिए उत्तीर्ण प्रतिशत में बदलाव कर दिया गया है. अब सामान्य और ओबीसी के कैंडिडेट 45 फ़ीसदी और एससी-एसटी के अभ्यर्थी 40 फ़ीसदी अंक पाकर भी सफल घोषित कर दिए जाएंगे. शासन ने बेसिक शिक्षकों की लिखित परीक्षा पास करने के लिए विभिन्न वर्गों के निर्धारित न्यूनतम अंक प्रतिशत में हाईकोर्ट के निर्देश पर बदलाव करते हुए पुरानी व्यवस्था बहाल कर दी है. लिखित परीक्षा का परिणाम इसी के अनुरूप बनना शुरू हो गया है.
68500 पदों पर सहायक अध्यापक 27 मई को लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी योगी सरकार ने परीक्षा के कुछ दिनों पहले शिक्षामित्रों व अन्य अभ्यर्थियों को राहत देते हुए सामान्य पिछड़ा वर्ग को 33 फ़ीसदी और अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों को 30 फ़ीसदी अंक प्राप्त करना अनिवार्य किया था. परीक्षा के ठीक पहले हुए इस बदलाव को हाईकोर्ट ने नहीं माना. ऐसे में उत्तीर्ण प्रतिशत के लिए अंकों का पुराना शासनादेश फिर लागू हो गया है.
अभ्यर्थियों ने लिखित परीक्षा के उत्तीर्ण प्रतिशत अंक बदलने को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी उनका तर्क था कि भर्ती के नियमों के अनुरूप आवेदन हुए परीक्षा के 5 दिन पहले अचानक उत्तर प्रदेश के अंकों में बदलाव करना नियम विरुद्ध है. हाईकोर्ट ने 24 जुलाई को जारी आदेश में 21 मई के शासनादेश को खारिज कर दिया. साथ ही सरकार से इस संबंध में हलफनामा देने को कहा. 31 जुलाई को परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव ने भर्ती का परिणाम जारी करने के संबंध में शासन से सलाह मांगी थी. शासन के विशेष सचिव देव प्रताप सिंह ने अब नौ जनवरी के उत्तीर्ण प्रतिशत को बहाल करने और परीक्षा नियामक सचिव को हाई कोर्ट में हलफनामा देने का आदेश दिया है.
सप्ताह भर में जारी हो सकता है परीक्षा परिणाम
परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव डॉक्टर सुधा सिंह ने जानकारी दी है कि शासन का आदेश मिलते ही तय मानकों के अनुरूप रिजल्ट बन रहा है. उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच भी कराई गई है. एक सप्ताह में परीक्षा परिणाम घोषित हो सकता है.

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