प्यार के भाव से अमेरिका और उत्तर कोरिया के राष्ट्रपति सिंगापुर में मिले

अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि किम जोंग-उन ने पूर्ण रुप से निरस्त्रीकरण का वादा किया है और दोनों नेताओं को एक दूसरे पर भरोसा है.
सिंगापुर। 12 जून 2018.  यह तारीख इतिहास में दर्ज हो गई.  एक दूसरे को भला-बुरा कहने का मौका न चूकने वाले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तरी कोरिया के राष्ट्रपति किम जोंग उन आज ही के दिन सिंगापुर के सेंटोसा द्वीप में न सिर्फ ख़ुशनुमा माहौल में मिले बल्कि एक दूसरे के दोस्त बन गए. 72 साल के ट्रंप और 36 साल के उन फाइलों पर दस्तखत करने के बाद एक दूसरे से हाथ मिलाया. ट्रंप ने शेकहैंड करने के बाद उन की पीठ को थपथपाया भी. इस थाप में बॉडी लैंग्वेज को देखकर ट्रंप का प्यार झलक रहा था. यह दृश्य वास्तव में मनमोहक था. इसके बाद जब दोनों नेता साथ-साथ जाने लगे तो किम जोंग उन ट्रंप की पीठ को छूते हुए दिखे, इस सम्पर्क में प्यार का भाव दिख रहा था.
ऐतिहासिक मुलाकात के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अब उनका देश कोरिया प्रायद्वीप में दक्षिण कोरिया से सैन्य अभ्यास नहीं करेगा. ट्रंप ने कहा हम वार गेम को बंद कर देंगे, इससे हमारा काफी पैसा भी बचेगा. उन्होंने पत्रकारों से कहा कि वह वार गेम को रोकने पर सहमत हुए क्योंकि उन्हें लगता है कि यह काफी भड़काऊ मामला है. उत्तर कोरिया की काफी अरसे से मांग थी कि अमेरिका दक्षिण कोरिया में सैन्य अभ्यास न करे. उत्तर कोरिया की मांग पर अमेरिका ने न सिर्फ सहमति जताई है बल्कि उसके इस कदम से क्षेत्र में शांति की स्थापना में काफी बल मिलेगा.
हालांकि ट्रंप ने कहा कि परमाणु परीक्षण के कारण फिलहाल उत्तर कोरिया पर प्रतिबंध जारी रहेंगे. ट्रंप ने यह भी कहा कि वह दक्षिण कोरिया से अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाना चाहते हैं लेकिन यह तुरंत नहीं होगा. लेकिन हो जाएगा.
इस वक्त करीब 30,000 अमेरिकी सैनिक दक्षिण कोरिया में तैनात हैं. इनका उद्देश्य उत्तरी कोरिया से दक्षिण कोरिया की रक्षा करना है. 1950 में कोरिया युद्ध हुआ था, तब से अमेरिका और दक्षिण कोरिया युद्ध अभ्यास करते चले आ रहे हैं.
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने यह जरूर कहा कि किम जोंग-उन ने पूर्ण रुप से निरस्त्रीकरण का वादा किया है और दोनों नेताओं को एक दूसरे पर भरोसा है. मालूम हो कि किम तीन पीढ़ियों में उत्तर कोरिया के पहले नेता हैं जो किसी अमेरिका के राष्ट्रपति से मिले. ट्रंप किसी उत्तर कोरियाई शीर्ष नेता से मिलने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति हो गए हैं. इस वार्ता के सफल होने से पूरी दुनिया में शांति का संदेश जाएगा.

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