रवांडा में ड्रोन से एक लाख लीटर खून पहुंचाया, ड्रोन से दवा, खून पहुंचाने वाली यह पहली सेवा

गुड न्यूज

डेस्क। दुनिया की कई ई-कॉमर्स और फूड चेन कंपनियां अपने प्रोडक्ट की डिलीवरी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल शुरू कर चुकी हैं, लेकिन रवांडा में ड्रोन के जरिए एक ऐसा काम शुरू किया गया है जिसकी मिसाल जल्दी नहीं मिलेगी। रवांडा जैसे गरीब मुल्क में संयुक्त राष्ट्र की मदद से ड्रोन से मरीजों या जरूरतमंदों को दवा या खून पहुंचाने वाली दुनिया की पहली सेवा चल रही है। कुछ हिस्सों में चल रही यह सुविधा अब पूरे रवांडा को कवर करेगी। इसके लिए कैलिफोर्निया की कमर्शियल ड्रोन बनाने वाली कंपनी जिपलाइन ने दुनिया की सबसे तेज होम डिलीवरी सर्विस तैयार की है। भारत के पहाड़ी, बुंदेलखंड और आदिवासी क्षेत्रों के लिए भी यह कारगर हो सकती है।
रवांडा में 2016 से काम कर रही कंपनी ने इस टेक्नोलॉजी को और बेहतर और तेज बनाया है, जिससे ज्यादा से ज्यादा मरीजों को मदद मिल सकेगी। ड्रोन डिलीवरी सिस्टम के जरिए पिछले 15 महीनों में 4000 उड़ानों के जरिए करीब एक लाख लीटर खून मरीजों को पहुंचाया गया है। ब्लड डिलीवरी ड्रोन सिस्टम के तहत खून या दवाई की जरूरत पड़ने पर डॉक्टर या अस्पताल को सेंट्रल डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम को एक मैसेज करना होता है। इसके बाद जरूरतमंद तक अधिकतम 20 मिनट के भीतर मदद पहुंच जाती है। खून के पैकेट को ड्रोन में लगे पेलोड में रख दिया जाता है। ड्रोन पहले से सेट की गई लोकेशन पर पैराशूट के जरिए दवाइयां, खून के पैकेट गिरा देता है। इस दौरान ड्रोन जमीन पर लैंड नहीं करता बल्कि डिलीवरी कर बेस पर लौट जाता है। कंपनी ने हाल ही में और तेज ड्रोन तैयार किए हैं जिनकी अधिकतम रफ्तार 128 किलोमीटर प्रति घंटा है। यह एक बार में 160 किलोमीटर की दूरी तय कर सकता है। इसमें 1.75 किलो वजन रख सकते हैं। रवांडा के बाद तंजानिया में भी इस सेवा को शुरू किया जा रहा है। इसके तहत 2018 के पहले 6 महीनों में रोजाना दो हजार उड़ानों की योजना है। इसमें 1000 स्वास्थ्य केंद्रों को कवर किया जाएगा। अमेरिकी सरकार ने इसके लिए करीब 18 सौ करोड़ रुपए की मदद दी है। जल्द ही अमेरिका में भी यह नेटवर्क शुरू होगा, जिसके बाद इसे दुनिया भर में शुरू करने की योजना बनाई जाएगी। भारत में भी ड्रोन की मदद से मरीजों और जरूरतमंदों को ऐसे इलाके में भी मदद पहुंचाई जा सकती है, जहां तेजी के साथ डॉक्टर और दवाई पहुंचाना संभव नहीं है।
₹ 3000 में मिलती है सर्विस
संयुक्त राष्ट्र के प्रोजेक्ट के अलावा कई लोग और अस्पताल होम डिलीवरी सर्विस का फायदा उठा रहे हैं। इस सेवा के लिए कंपनी दवाई, खून का वजन, इमरजेंसी, दूरी और समय के हिसाब से चार्ज करती है। यह ₹ 1000 से लेकर करीब ₹ 3000 तक है।

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *